पुलिस के बढ़ते दबाव में कुख्यात तस्कर का आत्मसमर्पण
रीवा जिले के मऊगंज क्षेत्र में नशे के कारोबार के खिलाफ चल रही सख्त पुलिस कार्रवाई का बड़ा असर सामने आया है। लंबे समय से फरार और कुख्यात नशीले कफ सिरप तस्कर संतोष उर्फ शेट्टी साकेत आखिरकार कानून के सामने झुकने को मजबूर हो गया। मऊगंज पुलिस की चौतरफा घेराबंदी, लगातार दबिश और बढ़ते दबाव के चलते आरोपी ने 22 जनवरी 2026 को विशेष न्यायाधीश, रीवा की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी के निर्देश पर चल रहे अभियान में यह एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
छापेमारी में नशे की बड़ी खेप बरामद
इस पूरे मामले की शुरुआत 19 फरवरी 2025 को हुई थी, जब मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर मऊगंज पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम बहेरी नानकार में दबिश दी थी। तलाशी के दौरान आरोपी SANTOSH SAKET के बेडरूम से 95 शीशी आनरेक्स कफ सिरप और करीब 4 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया था। बरामद नशीले पदार्थों की कुल कीमत लगभग 58,525 रुपये आंकी गई थी। पुलिस के अनुसार यह मात्रा स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि संगठित नशा तस्करी की ओर इशारा करती है।
-
मऊगंज पुलिस के दबाव में टूटा कुख्यात नशा तस्कर, कोर्ट में किया आत्मसमर्पण
-
नशे के खिलाफ बड़ी जीत: कफ सिरप तस्कर संतोष साकेत ने रीवा कोर्ट में किया सरेंडर
-
पुलिस की घेराबंदी रंग लाई, लंबे समय से फरार नशा तस्कर ने टेके घुटने
-
मऊगंज में नशा तस्करी पर प्रहार, कुख्यात आरोपी संतोष उर्फ शेट्टी साकेत का सरेंडर
-
भाइयों की गिरफ्तारी के बाद टूटा नशा तस्कर, अदालत में किया आत्मसमर्पण
-
NDPS एक्ट का दबाव: कफ सिरप और गांजा तस्कर ने रीवा कोर्ट में किया सरेंडर
-
नशे के सौदागरों पर पुलिस का शिकंजा, मऊगंज का कुख्यात तस्कर गिरफ्तार होने से पहले सरेंडर
-
लगातार दबिश और घेराबंदी का असर, नशीले कफ सिरप तस्कर ने थामा कानून का रास्ता
-
मऊगंज पुलिस की सख्ती से हिला नशा नेटवर्क, मुख्य आरोपी ने किया आत्मसमर्पण
-
नशा मुक्त अभियान को बड़ी सफलता, फरार कफ सिरप तस्कर ने अदालत में किया सरेंडर
NDPS एक्ट में मामला दर्ज, आरोपी हुआ था फरार
पुलिस की छापेमारी के दौरान आरोपी SANTOSH SAKET मौके से फरार होने में कामयाब हो गया था। इसके बाद MAUGANJ थाना पुलिस ने उसके खिलाफ NDPS एक्ट और मध्यप्रदेश ड्रग्स CONTROL अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी, मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और उसके संपर्कों पर नजर रखी। लंबे समय तक फरार रहने के बावजूद पुलिस ने आरोपी की तलाश में कोई ढील नहीं दी।
भाइयों की गिरफ्तारी से कसा शिकंजा
MAUGANJ पुलिस की रणनीति केवल मुख्य आरोपी तक सीमित नहीं रही। नशा तस्करी के नेटवर्क को कमजोर करने के लिए पुलिस ने आरोपी के परिजनों और सहयोगियों की गतिविधियों पर भी नजर रखी। इसी दौरान पुलिस ने संतोष साकेत के दो भाइयों—सत्येंद्र उर्फ पिंटू साकेत और ददोली साकेत—को अलग-अलग आपराधिक मामलों में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। परिवार के सदस्यों की गिरफ्तारी से संतोष साकेत पर मानसिक, सामाजिक और कानूनी दबाव तेजी से बढ़ता गया।
पूछताछ में नशा नेटवर्क के खुलासे की उम्मीद
लगातार पुलिस दबिश, परिवार पर कसते शिकंजे और गिरफ्तारी की आशंका के चलते आरोपी को यह एहसास हो गया था कि फरारी ज्यादा समय तक संभव नहीं है। इसी दबाव में उसने अदालत में आत्मसमर्पण करना ही बेहतर विकल्प समझा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सरेंडर के बाद आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। पूछताछ के दौरान यह पता लगाने की कोशिश होगी कि नशीले कफ सिरप और गांजे की सप्लाई किन-किन इलाकों में की जा रही थी, इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे और यह नेटवर्क कब से सक्रिय था। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई नशा तस्करों के लिए कड़ा संदेश है कि कानून से बचना आसान नहीं है। मऊगंज पुलिस की यह सफलता नशे के खिलाफ चल रही मुहिम को और मजबूती देती है और क्षेत्र में नशा मुक्त समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।













Leave a Reply