मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिज़ाज बदला हुआ नजर आ रहा है
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सुबह और शाम के समय कई जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है, वहीं कुछ इलाकों में तेज हवाओं और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की गई है। इस अचानक बदले मौसम ने आम जनजीवन के साथ-साथ यातायात और कृषि गतिविधियों को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में हवाओं की गति बढ़ सकती है। इसी को देखते हुए रतलाम, राजगढ़ और मंदसौर सहित कुल 10 जिलों में आंधी और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में खुले स्थानों पर सावधानी बरतने और किसानों को फसल सुरक्षा के उपाय करने की सलाह दी गई है।
दूसरी ओर, प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में कोहरे का असर ज्यादा देखा जा रहा है। ग्वालियर, रीवा, बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है

मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिज़ाज बदला हुआ नजर आ रहा है
इन क्षेत्रों में सुबह के समय दृश्यता काफी कम हो सकती है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की संभावना है। वहीं विदिशा, अशोकनगर और शिवपुरी जिलों में मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना जताई गई है।तापमान की बात करें तो प्रदेश में रात के तापमान में भी काफी अंतर देखने को मिल रहा है। कटनी जिले के करौंदी क्षेत्र में प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जिससे वहां कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। खजुराहो में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से नीचे है। वहीं दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में रात का तापमान अपेक्षाकृत अधिक दर्ज किया गया। बड़वानी जिले के तालुन में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहा, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा।
दिन के तापमान में भी काफी असमानता देखने को मिली। मुरैना प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा,
जहां अधिकतम तापमान केवल 19.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके विपरीत खरगोन में दिन का तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे वहां हल्की गर्मी का एहसास हुआ। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह अंतर पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण बना हुआ है।
मौसम में इस तेजी से हो रहे बदलाव का असर किसानों पर भी पड़ सकता है। तेज हवाओं और आंधी से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है, वहीं कोहरे के कारण सब्जियों और रबी की फसलों में नमी बढ़ सकती है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों की निगरानी रखें और आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाएं।
यातायात के लिहाज से भी यह मौसम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। घने कोहरे के कारण सुबह के समय हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर दृश्यता कम हो जाती है
जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे धीमी गति से वाहन चलाएं, फॉग लाइट का इस्तेमाल करें और अनावश्यक यात्रा से बचें।













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