मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के धिरौली कोल ब्लॉक में हो रही पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और आदिवासी विस्थापन को लेकर कांग्रेस की 12 सदस्यीय टीम आज सिंगरौली पहुंची। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, अजय सिंह राहुल , जयवर्धन सिंह, कांग्रेस आदिवासी मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया, मीनाक्षी नटराजन और ओमकार मरकाम सहित कई वरिष्ठ नेता जैसे ही सिंगरौली पहुंचे सभी पूर्व मंत्री वंश मणि वर्मा के घर भोजन ग्रहण के बाद बासी–बेरदहा इलाके में पहुंचे, जहां पुलिस ने बैरिकेटिंग कर उन्हें रोक लिया। रोकने के विरोध में सभी नेता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण होती दिखाई दी। करीब एक घंटे की मशक्कत और तीखी नोकझोंक के बाद प्रशासन ने कांग्रेस के पांच नेताओं को धिरौली कोल ब्लॉक में प्रभावित आदिवासी परिवारों से मिलने की अनुमति दी। हालांकि इससे पहले ही विक्रांत भूरिया और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार मोटरसाइकिल से वैकल्पिक रास्ते से निकलकर आदिवासियों के बीच पहुंच गए थे। नेताओं ने गांव में खाली पड़े घर, वीरान बस्तियां और खंडहर बन चुके इलाके देखे, जहां स्थानीय लोगों ने बताया कि कोयला उत्खनन के चलते गांव से भारी पलायन हो चुका है। आदिवासी परिवारों से मुलाकात के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “10 हजार एकड़ भूमि पर जल-जंगल-जमीन खत्म कर एक नया अडानी देश बनाया जा रहा है। बिना किसी पर्यावरण, शासन या सामाजिक अनुमति के जंगल को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। आदिवासियों और स्थानीय लोगों को न मुआवजा मिला, न ही कोई पुनर्वास।” उन्होंने कहा कि कोयले की धूल बच्चों और बुजुर्गों के फेफड़ों को नुकसान पहुंचा रही है और गांवों में अब सिर्फ एक-दो लोग ही बचे हैं, बाकी सब पलायन कर चुके हैं। पटवारी ने आगे कहा कि पूरे क्षेत्र में पुलिस बलों की भारी तैनाती यह संकेत देती है कि प्रशासन जनता की बजाय उद्योगपतियों के हित में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर कानूनी लड़ाई से लेकर जनआंदोलन तक हर स्तर पर लड़ेगी और एक कदम पीछे नहीं हटेगी। नेताओं ने बताया कि आदिवासियों की पीड़ा, पलायन और जंगल विनाश की पूरी रिपोर्ट तैयार कर केंद्र और राज्य स्तर पर कांग्रेस नेतृत्व को सौंपी जाएगी।
सिंगरौली धिरौली कोल ब्लॉक विवाद: पेड़ों की कटाई और आदिवासी विस्थापन को लेकर कांग्रेस की हाई-पावर टीम रोकी गई, नेताओं ने धरना देकर जताया विरोध














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