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सिरमौर सरपंच सनी समदड़िया ने FIR को बताया फर्जी, पुलिस अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप

“लोकतंत्र में चुने हुए प्रतिनिधि के साथ ऐसा व्यवहार क्यों? सरपंच सनी समदड़िया ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए गंभीर सवाल।”

सिरमौर। स्थानीय सरपंच सनी समदड़िया ने अपने ऊपर दर्ज FIR को फर्जी बताते हुए पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 13 अगस्त 2025 को उनके खिलाफ एक झूठी FIR दर्ज की गई, जिसकी न तो उन्हें कोई सूचना दी गई और न ही थाने से कोई नोटिस भेजा गया। सरपंच का कहना है कि 10 दिसंबर 2025 को सिमरिया थाने में पदस्थ ASI गौतम चार अन्य लोगों के साथ उनके घर पहुंचे और उनके पिता से अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि ASI ने उनके पिता से कहा कि उनके पुत्र के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है और उसे थाने भेज दिया जाए। इसी दौरान घर में रखे टीवी को लात मारने से वह टूट गया। सरपंच ने दावा किया कि इस घटना के उनके पास साक्ष्य और गवाह मौजूद हैं। उन्होंने आगे बताया कि इसके बाद वे सिरमौर SDOP उमेश प्रजापति से मिले, जहां उनके साथ भी अपराधी जैसा व्यवहार किया गया। सनी समदड़िया ने कहा कि वे जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि हैं, फिर भी उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। सरपंच ने पत्रकार अजय अग्निहोत्री पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अजय अग्निहोत्री उनसे कई बार पैसे की मांग कर चुके हैं और पैसा देने से इनकार करने पर SDOP, SI और ASI के साथ मिलकर उनके खिलाफ साजिश रची गई और मामला दर्ज कराया गया। आरोप है कि अजय अग्निहोत्री ने उनके खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और लूटपाट की झूठी शिकायत कराई है। सनी समदड़िया ने बताया कि वे SP कार्यालय भी पहुंचे, हालांकि SP से मुलाकात नहीं हो सकी। DSP से चर्चा के बाद उन्हें निष्पक्ष जांच का आश्वासन मिला है। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और सिरमौर SDOP उमेश प्रजापति, SI रामकृष्ण एवं सिमरिया में पदस्थ ASI के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए। सरपंच ने यह भी कहा कि इससे पहले भी उनके खिलाफ साजिश रची गई थी, जिसमें वे हाईकोर्ट से राहत पा चुके हैं। उन्होंने जनता से अपील की है कि सच्चाई सामने आने तक निष्पक्ष जांच का इंतजार किया जाए।

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