APS विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के बीए, बीएससी एवं बीसीए प्रथम व द्वितीय वर्ष के परीक्षा परिणामों में भारी अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आक्रोश सामने आया है। परिणाम सुधार की मांग को लेकर जब बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कुलपति के समक्ष अपनी समस्याएँ रखने पहुँचे, तो उनसे संवाद करने के बजाय विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अभद्र व्यवहार करते हुए उन्हें डाँट-फटकार कर वहाँ से भगा दिए जाने का आरोप लगाया गया है। ASAP छात्रसंघ के जिलाध्यक्ष अमन सिंह बघेल ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि परीक्षा परिणामों में स्पष्ट त्रुटियाँ होने के बावजूद न तो उनकी जिम्मेदारी ली जा रही है और न ही किसी अधिकारी की जवाबदेही तय की जा रही है। उन्होंने बताया कि जब छात्रों ने अपनी पीड़ा को सामने लाने के लिए वीडियो बनाना शुरू किया, तो विश्वविद्यालय परिसर में ही उन्हें जबरन बंद करवा दिया गया, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों का खुला उल्लंघन है। छात्रों का कहना है कि परिणामों की गलती विश्वविद्यालय स्तर की है, फिर भी छात्रों को आरटीआई के माध्यम से शुल्क देकर जानकारी लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। छात्रों के अनुसार, भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों को इस तरह नजरअंदाज करना बेहद चिंताजनक है। छात्रों की प्रमुख मांगें— परीक्षा परिणामों में हुई त्रुटियों की तत्काल जाँच कर सुधार किया जाए। आरटीआई की 30 दिन की समय-सीमा कम की जाए तथा आरटीआई शुल्क छात्रों से न लिया जाए। छात्रों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। ATKT एवं Supplementary परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को मजबूर होंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
APS विश्वविद्यालय में परीक्षा परिणामों की गड़बड़ी पर भड़के छात्र, कुलपति कार्यालय से भगाए जाने का आरोप














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