शहर की ट्रैफिक व्यवस्था दिन-ब-दिन पूरी तरह अस्त-व्यस्त होती जा रही है। मुख्य मार्गों पर फैलते अतिक्रमण ने सड़कों को इतना संकरा कर दिया है कि हर दिन जाम लगना आम बात हो गई है। सड़कों पर बेतरतीब दौड़ते ई-रिक्शा ने यातायात व्यवस्था को और बिगाड़ दिया है।
मुख्य चौराहा अब पार्किंग स्थल में तब्दील हो गया है, जहां वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग से आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ता है। नगर निगम द्वारा शहर में अतिक्रमणकारियों पर निगरानी रखने के लिए 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, लेकिन ये कैमरे अब शोपीस बनकर रह गए हैं।
व्यापारियों द्वारा दुकानें सड़कों पर फैलाकर लगाने से आमजन को पैदल चलने तक की जगह नहीं मिलती। नगर निगम का उड़नदस्ता रोजाना शहर में भ्रमण तो करता है, लेकिन कार्यवाही के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई जाती है। अतिक्रमण जस का तस बना हुआ है।














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