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वीबी-जी रामजी योजना से गांवों में आएगी विकास की क्रांति, 125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी – Deputy Chief Minister राजेंद्र शुक्ल

वीबी-जी रामजी योजना से गांवों में आएगी विकास की क्रांति, 125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी – उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल

रीवा Deputy Chief Minister श्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (VB-G RAMJI) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जो वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करते हुए गांवों को समृद्ध बनाएगी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अब ग्रामीण परिवारों को 125 दिन का रोजगार कानूनी गारंटी के साथ मिलेगा, जबकि पहले मनरेगा में यह सीमा 100 दिन थी।

भाजपा कार्यालय अटल कुंज, रीवा में आयोजित पत्रकार वार्ता में Deputy Chief Minister ने कहा कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्र के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस शासनकाल में जिस योजना का बजट मात्र 35 हजार करोड़ रुपये था, उसे प्रधानमंत्री मोदी ने बढ़ाकर पहले 74 हजार करोड़ और अब सुधारों के साथ 95 हजार करोड़ रुपये कर दिया है, जो लगभग तीन गुना वृद्धि है।

कृषि, उद्योग और रोजगार का मजबूत संयोजन

Deputy Chief Minister ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के विचारों को धरातल पर उतार रहे हैं। वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाते हुए इस योजना के माध्यम से खेती को उद्योग और रोजगार से जोड़ा जाएगा, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी और कृषि आधारित उद्योगों को नया विस्तार मिलेगा। मध्यप्रदेश सरकार 15 विभागों की संयुक्त कार्ययोजना के तहत खेती को रोजगार और उद्योग का सशक्त माध्यम बनाएगी।

अधोसंरचना और आजीविका दोनों पर फोकस

योजना के अंतर्गत अब केवल मजदूरी ही नहीं, बल्कि स्थायी अधोसंरचना और आजीविका संवर्धन के कार्य भी शामिल किए गए हैं। इनमें विद्यालय भवन, पुस्तकालय, कोल्ड स्टोरेज, ग्रामीण पार्किंग, सौर ऊर्जा, जैविक खाद इकाइयां, पशुपालन, मुर्गी पालन शेड, मत्स्य पालन, नर्सरी, भवन निर्माण सामग्री इकाइयां जैसे कार्य प्रमुख हैं, जो पहले मनरेगा में शामिल नहीं थे।

डिजिटल सिस्टम से बढ़ेगी पारदर्शिता

पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए योजना में geo-tagging, digital records, MIS system and biometric payments  व्यवस्था लागू की गई है। ग्राम सभा द्वारा सोशल ऑडिट का प्रावधान भी रहेगा। पंचायतीराज संस्थाओं को क्रियान्वयन में अहम भूमिका दी गई है और कम से कम 50% कार्यों का निष्पादन ग्राम पंचायतों द्वारा किया जाएगा।

रोजगार कानूनी अधिकार, पलायन पर लगेगा ब्रेक

श्री शुक्ल ने कहा कि इस योजना में रोजगार को कानूनी अधिकार बनाया गया है। काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता भी दिया जाएगा। महिलाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति, दिव्यांगजन, महिला मुखिया परिवारों, छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। गांवों में ही रोजगार मिलने से पलायन रुकेगा, खेती में श्रमिक संकट समाप्त होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

उन्होंने कांग्रेस पर योजना को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सुधार प्रक्रिया का हिस्सा है और विरोध की बजाय तथ्यात्मक चर्चा होनी चाहिए।

पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा रीवा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता एवं प्रदेश मीडिया सह प्रभारी डॉ. अनिल पटेल भी उपस्थित रहे।

 

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