Advertisement

जहां भू-माफियाओं ने फर्जी दस्तावेज़ों के जरिए पैतृक ज़मीन पर कब्ज़ा करने की कोशिश की

मऊगंज से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है… जहां भू-माफियाओं ने फर्जी दस्तावेज़ों के जरिए पैतृक ज़मीन पर कब्ज़ा करने की कोशिश की है। पीड़ित ने जनसुनवाई में अधिकारियों को शिकायत सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। मामला राजस्व विभाग और पंजीयन कार्यालय में भ्रष्टाचार की ओर भी संकेत करता है।

मऊगंज से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है… जहां भू-माफियाओं ने फर्जी दस्तावेज़ों के जरिए पैतृक ज़मीन पर कब्ज़ा करने की कोशिश की है।
पीड़ित ने जनसुनवाई में अधिकारियों को शिकायत सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। मामला राजस्व विभाग और पंजीयन कार्यालय में भ्रष्टाचार की ओर भी संकेत करता है।

देखिए ये रिपोर्ट…
मऊगंज जिले में भू-माफियाओं का जाल लगातार फैलता जा रहा है। शहर के सुंदरपुरवा वार्ड-08 निवासी दीनानाथ उपाध्याय ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी पैतृक भूमि पर फर्जी रजिस्ट्री कर कब्ज़ा करने की कोशिश की गई है।

पीड़ित के मुताबिक उनकी दादी प्यारी देवी ने वर्ष 1978 में खसरा नंबर 50/1 रकबा शून्य पचपन एकड़ भूमि बैजनाथ प्रसाद से विधिवत खरीदी थी… जिसका नामांतरण वर्ष 2016 में राजस्व न्यायालय द्वारा दर्ज किया जा चुका है।

इसके बावजूद राधाचरण चतुर्वेदी ने अपने रिश्तेदारों के नाम जाली दस्तावेज़ों के आधार पर 3 सितंबर 2025 को रजिस्ट्री करा ली। इतना ही नहीं… रजिस्ट्री में गलत चौहद्दी दिखाई गई है और गवाह भी आरोपियों के ही परिवार के हैं।

पीड़ित ने आरोप लगाया कि इस साजिश में राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत है और प्रशासन की अनदेखी से भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।

कलेक्टर कार्यालय में शिकायत के बाद अब मामले की जांच अपर कलेक्टर पी.के. पांडेय ने शुरू कर दी है।

फर्जी रजिस्ट्री और भूमाफिया का यह मामला प्रशासनिक प्रणाली पर सवाल खड़े करता है। अब देखने वाली बात होगी कि जांच के बाद दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है

Share on social media

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *