वर्ष 2016 से वर्ष 2022 तक रीवा जिले के ग्राम पंचायत खजुहा कला में किए गए कार्य में भारी अनियमितता मिली है। ग्राम पंचायत में लगभग 56 लाख रुपए से पान मंडी का निर्माणकार्य जिसमें से 45 लाख का आहरण एवं लगभग 18 लाख रुपए का हाट बाजार निर्माण कार्य कागजों में कर दिया गया। लेकिन धरातल में न पान मंडी बनी है और न ही हाट बाजार का निर्माण हुआ है निर्माण है तो सिर्फ एक ढांचा लेकिन पैसा पंचायत के खाते से आहरित कर लिया गया और कार्य पूर्ति की रिपोर्ट बाकायदा पंचायत दर्पण पोर्टल पर अपलोड भी कर दिया।
इतना ही नहीं पंचायत के द्वारा किए गए कार्य का एक ही वेंडर अरविंद सिंह ओम इंफ्रा के नाम पेमेंट किया गया है जो कि मुमकिन नहीं है कि एक ही व्यक्ति के द्वारा सभी निर्माणकार्य में लगने वाला मटेरियल सप्लाई किया जाए।
इसी तरह ग्राम पंचायत में 21 लाख 50 हजार रुपए की 03 आंगनवाड़ी भवन बनाया जाना था लेकिन एक ही आंगनवाड़ी केंद्र का निर्माण कराया गया जिसमें से 18 लाख रुपए आहरित कर लिया गया।
वह भी आंगनवाड़ी केंद्र की जगह गौशाला का उपयोग हो रहा है। बनाए गए आंगनवाड़ी भवन में भूसा भरा हुआ है।
इसी तरह पंचायत में सगरा तालाब पर 5 लाख 61 हजार रुपए की पेबर रोड बनाई जानी थी जिसका निर्माण ही नहीं हुआ और पैसा आहरित कर किया गया।
इसी तरह सगरा तालाब में 8 लाख 9 हजार एक सौ रुपए का ह्यूम पाइप लगाना था लेकिन कागजों में लगाकर आहरित कर लिया गया। धरातल में लगा ही नहीं।
इसी तरह 14 लाख 85 हजार का सीएफटी भवन बनाया जाना था लेकिन 11 लाख रुपए आहरित कर सिर्फ एक ढांचा बना दिया गया और पैसा आहरित कर कागजों में कार्य कर दिया गया सिर भवन की दीवार खड़ी कर दी गई।
यह सभी निर्माण कार्य पूर्व के पंचायत सरपंच संतोष बंसल एवं सचिव शिव प्रताप सिंह द्वारा कराया गया है। अब इन निर्माण कार्यों के नहीं होने से वर्तमान सरपंच को समस्या आ रही है।
पूर्व सरपंच संतोष कुमार बंसल से जब जानकारी चाही गई तो जो निर्माण कार्य कराए गए हैं उनमें कुछ परेशानी थी जिससे नहीं हुआ है। कहा जो भी भ्रष्टाचार हुआ है वह पंचायत सचिव की गलती है। मेरे ऊपर दबाव बनाया गया और मेरी गैर मौजूदगी में पैसों का आहरण किया गया। लेकिन ये सब पूर्व सरपंच द्वारा मनगढ़ंत कहानी बताई गई जब कि पंचायत सरपंच और पंचायत सचिव दोनों ही बैंक हस्ताक्षरी होते हैं बिना दोनों की अनुमति के पैसों का आहरण मुमकिन नहीं है।
इस भ्रष्टाचार का खुलासा तब हुआ जब TV First की टीम ग्राम पंचायत पहुंची और ग्राउंड में जाकर किए गए निर्माण को देखा। और वर्तमान सरपंच से मिलकर जानकारी ली गई है तब इस भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ।
वर्तमान सरपंच प्रतिनिधि शिवेंद्र कुमार पटेल ने बताया कि इस भ्रष्टाचार की शिकायत पूर्व पंचायत सरपंच संतोष बंसल एवं तत्कालीन पंचायत सचिव शिव प्रताप सिंह द्वारा बिना निर्माण कार्य के पैसे का आहरण कर लिया गया। आचार संहिता लागू होने के बावजूद बिना किसी तकनीकी स्वीकृति के 22 लाख रूपए आहरित किया गया।
इस भ्रष्टाचार की शिकायत जिला पंचायत सीईओ, जनपद पंचायत सीईओ , कलेक्टर रीवा से कई बार की गई लेकिन आज दिनांक तक की भी कार्यवाही नहीं की गई और उसी भ्रष्टाचारी पंचायत सचिव की पदस्थापना 6 माह पूर्व फिर से कर दिया गया जिसे अब सरपंच द्वारा ज्वाइन नहीं कराया जा रहा उसके लिए भी ज्वाइन कराने का दबाव बनाया जा रहा है। उल्टा जिला पंचायत सीईओ द्वारा सरपंच को ही धारा 44 का नोटिस दिया जा रहा है।
वहीं जब जिला सीईओ मेहताब सिंह गुर्जर से बात की गई तो उनका कहना है कि अभी मामला संज्ञान में आया है। जनपद पंचायत सीईओ को जांच के निर्देश दिए गए हैं एक सप्तक के अंदर जांच कर कार्यवाही की जाएगी। दोषी को बक्शा नहीं जाएगा।













Leave a Reply