मनरेगा का नाम बदलने के प्रयास के खिलाफ मऊगंज कांग्रेस का विरोध, BJP पर महात्मा गांधी की विरासत मिटाने का आरोप
आज मऊगंज जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा मऊगंज कांग्रेस कार्यालय में विरोध प्रदर्शन स्वरूप एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में मनरेगा के नाम परिवर्तन को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई गई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी महात्मा गांधी के नाम और विचारधारा को योजनाबद्ध तरीके से हटाने का प्रयास कर रही है, जो अत्यंत निंदनीय है।
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में सत्य, अहिंसा और जनकल्याण के प्रतीक हैं। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार द्वारा ग्रामीण गरीबों को रोजगार देने के उद्देश्य से मनरेगा कानून लागू किया गया था और इसे महात्मा गांधी के नाम पर इसलिए रखा गया क्योंकि यह योजना गांधीजी की उस परिकल्पना को साकार करती है, जिसमें सत्ता का विकेंद्रीकरण हो और ग्राम पंचायत के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक रोजगार और सम्मानजनक जीवन पहुंचे।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आज़ादी की लड़ाई के दौरान महात्मा गांधी का सपना था कि गांव आत्मनिर्भर बनें, ग्रामीण जनता को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिले और खुशहाली आए। मनरेगा उसी सोच का परिणाम है, लेकिन बीजेपी इस योजना के नाम से महात्मा गांधी का नाम हटाकर उनकी विचारधारा को मिटाने की कोशिश कर रही है, जिसे कांग्रेस किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेगी।
यह कार्यक्रम पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। बैठक के अंत में कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा के नाम से छेड़छाड़ की गई तो कांग्रेस सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी और गांधीजी की विरासत की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।















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