रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 12 हजार के इनामी आरोपी की गिरफ्तारी
रीवा पुलिस ने अपराध और गुंडागर्दी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़ी और चर्चित कार्रवाई को अंजाम दिया है। हत्या के प्रयास के मामले में वांछित तथा 12 हजार रुपये के इनामी आरोपी विकास दुबे को गिरफ्तार कर पुलिस ने थाने से न्यायालय तक पैदल जुलूस निकालते हुए पेश किया। इस कार्रवाई से पूरे जिले में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वह खुद को सोशल मीडिया पर कितना ही बड़ा “किंग” क्यों न बताता हो।
पुलिस के अनुसार, आरोपी विकास दुबे लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त था और हत्या के प्रयास के एक गंभीर मामले में फरार चल रहा था
उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक द्वारा 12 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। लगातार निगरानी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उसे पकड़ने में सफलता हासिल की। गिरफ्तारी के बाद जब आरोपी को थाने से कोर्ट ले जाया गया, तो पुलिस ने उसे पैदल जुलूस के रूप में प्रस्तुत किया, ताकि समाज में दहशत फैलाने वालों को स्पष्ट चेतावनी दी जा सके।
बताया जा रहा है कि विकास दुबे सोशल मीडिया पर खुद को “रीवा किंग” बताकर रील और वीडियो बनाता था। वह महंगी गाड़ियों के काफिले, हथियारनुमा वस्तुओं और दबंगई भरे अंदाज में वीडियो पोस्ट कर युवाओं को प्रभावित करने और इलाके में खौफ कायम करने की कोशिश करता था। पुलिस का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल कानून व्यवस्था के लिए खतरा हैं, बल्कि युवाओं को गलत रास्ते पर ले जाने का भी काम करती हैं।
रीवा पुलिस का मानना है कि सोशल मीडिया के जरिए अपराधियों द्वारा बनाई जा रही फर्जी छवि को तोड़ना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से आरोपी का पैदल जुलूस निकालकर यह दिखाया गया कि तथाकथित “किंग” की असलियत क्या है। कानून के सामने वह भी एक आरोपी है और उसकी जगह सिर्फ जेल में है।
इस पूरे मामले को रीवा पुलिस की सख्त और रणनीतिक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में किसी भी तरह की गुंडागर्दी, रंगदारी और दहशत फैलाने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपराधी चाहे जमीन पर हो या सोशल मीडिया पर, कानून सबके लिए समान है।
मामले को लेकर राजीव पाठक ने कहा कि पुलिस की नीति अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की है
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “जो लोग समाज में डर का माहौल बनाकर खुद को बड़ा साबित करना चाहते हैं, उनके लिए रीवा पुलिस में कोई जगह नहीं है। ऐसे अपराधियों की सही जगह जेल है।” उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस आगे भी इस तरह की कार्रवाई करती रहेगी, ताकि आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।
सीएसपी राजीव पाठक ने यह भी बताया कि यह पूरा मामला समान थाना क्षेत्र का है और आरोपी के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। पुलिस अब आरोपी के नेटवर्क, उसके सहयोगियों और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी गहन पड़ताल कर रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।














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