Advertisement

₹3,000 रिश्वत लेते तहसील कर्मचारी गिरफ्तार:

₹3,000 रिश्वत लेते तहसील कर्मचारी गिरफ्तार

₹3,000 रिश्वत लेते तहसील कर्मचारी गिरफ्तार:  सीधी में लोकायुक्त का बड़ा एक्शन: नामांतरण के बदले 3 हजार रुपये रिश्वत लेते तहसील कर्मचारी रंगे हाथ गिरफ्तार

₹3,000 रिश्वत लेते तहसील कर्मचारी गिरफ्तार: 

₹3,000 रिश्वत लेते तहसील कर्मचारी गिरफ्तार:

₹3,000 रिश्वत लेते तहसील कर्मचारी गिरफ्तार: रीवा लोकायुक्त की बड़ी ट्रैप कार्रवाई

मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में रीवा लोकायुक्त की टीम ने सीधी जिले में बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए तहसील कार्यालय में पदस्थ एक कर्मचारी को 3 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पैतृक भूमि के नामांतरण आदेश के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

₹3,000 रिश्वत लेते तहसील कर्मचारी गिरफ्तार: शिकायत के बाद हरकत में आई लोकायुक्त

₹3,000 रिश्वत लेते तहसील कर्मचारी गिरफ्तार: 

शिकायकर्ता

लोकायुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता नागेंद्र प्रसाद तिवारी, निवासी ग्राम गाड़ा लोलर सिंह, तहसील गोपद बनास, जिला सीधी ने अपनी पैतृक भूमि का वारिसान और वसीयत के आधार पर नामांतरण कराने के लिए एमपी ऑनलाइन लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन किया था।

जब वे अपने आवेदन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए तहसील कार्यालय पहुंचे, तब वहां पदस्थ कर्मचारी ने नामांतरण आदेश तहसीलदार से करवाने के बदले 3 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहते थे, इसलिए उन्होंने 1 जुलाई 2026 को रीवा लोकायुक्त कार्यालय में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई।

₹3,000 रिश्वत लेते तहसील कर्मचारी गिरफ्तार: सत्यापन में सही पाए गए आरोप

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने पूरे मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। जांच के दौरान शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए गए। इसके बाद पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए ट्रैप कार्रवाई की मंजूरी दी।

इसके लिए विशेष टीम गठित की गई और पूरी योजना के तहत शिकायतकर्ता को आरोपी से संपर्क करने के लिए कहा गया।

₹3,000 रिश्वत लेते तहसील कर्मचारी गिरफ्तार: रिश्वत लेते ही दबोचा गया आरोपी

₹3,000 रिश्वत लेते तहसील कर्मचारी गिरफ्तार:

₹3,000 रिश्वत लेते तहसील कर्मचारी गिरफ्तार:

8 जुलाई 2026 को लोकायुक्त रीवा की टीम ने सीधी कलेक्टर परिसर स्थित तहसील कार्यालय भवन के सामने ट्रैप कार्रवाई की। जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को 3 हजार रुपये दिए, पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान दामोदर प्रसाद साकेत के रूप में हुई है। वह तहसीलदार कार्यालय गोपद बनास, जिला सीधी में भृत्य (माल जमादार-नजारत शाखा/नकल शाखा) के पद पर कार्यरत है।

₹3,000 रिश्वत लेते तहसील कर्मचारी गिरफ्तार: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत अपराध दर्ज किया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।

लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अन्य किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

₹3,000 रिश्वत लेते तहसील कर्मचारी गिरफ्तार: इन अधिकारियों ने की कार्रवाई

यह ट्रैप कार्रवाई महानिदेशक योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त निर्देशों, उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त योगेश्वर शर्मा के नेतृत्व में की गई।

कार्रवाई का नेतृत्व निरीक्षक नरेश बेहरा और निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया ने अपनी टीम के साथ किया। पूरी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

₹3,000 रिश्वत लेते तहसील कर्मचारी गिरफ्तार: भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार जारी है अभियान

₹3,000 रिश्वत लेते तहसील कर्मचारी गिरफ्तार:

₹3,000 रिश्वत लेते तहसील कर्मचारी गिरफ्तार:

लोकायुक्त संगठन का कहना है कि प्रदेशभर में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है ताकि आम नागरिकों को बिना किसी अवैध भुगतान के सरकारी सेवाएं मिल सकें।

हाल के महीनों में लोकायुक्त की ओर से कई विभागों में ट्रैप कार्रवाई कर रिश्वत लेने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। इससे सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

₹3,000 रिश्वत लेते तहसील कर्मचारी गिरफ्तार: आम जनता से की गई अपील

लोकायुक्त संगठन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी भी सरकारी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो उसकी सूचना तुरंत लोकायुक्त कार्यालय को दें।

रीवा लोकायुक्त ने शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन 98936 07619 जारी की है। संगठन ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और शिकायत सही पाए जाने पर तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष

सीधी जिले में हुई यह ट्रैप कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि मध्य प्रदेश लोकायुक्त भ्रष्टाचार के मामलों में लगातार सख्त रुख अपना रहा है। सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई का यह संदेश पूरे प्रशासनिक तंत्र के लिए महत्वपूर्ण है। वहीं आम नागरिकों की जागरूकता और समय पर की गई शिकायत भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

Share on social media

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *