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Major action in Shahdol: SDM कार्यालय का क्लर्क 15 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) कार्यालय में बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए एक क्लर्क को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी भूमि विवाद से जुड़े आदेश की कॉपी देने के बदले रिश्वत मांग रहा था।

Major action in Shahdol: क्लर्क 15 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार 

 

Major action in Shahdol

शहडोल | ब्यौहारी | 6 मई 2026

मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में लोकायुक्त संभाग रीवा की टीम ने बुधवार को शहडोल जिले के ब्यौहारी स्थित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) कार्यालय में बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए एक क्लर्क को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी भूमि विवाद से जुड़े आदेश की कॉपी देने के बदले रिश्वत मांग रहा था।

यह पूरी कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त श्री योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त निर्देशों के तहत की गई। वहीं, इस कार्रवाई का मार्गदर्शन उप पुलिस महानिरीक्षक श्री मनोज सिंह द्वारा किया गया।

Major action in Shahdol: कौन है शिकायतकर्ता?

लोकायुक्त रीवा को शिकायतकर्ता सुरेश कुमार जायसवाल, पिता चुनबादी प्रसाद जायसवाल, उम्र 45 वर्ष, निवासी ग्राम निपानिया, पोस्ट पपौंध, थाना पपौंध, तहसील ब्यौहारी, जिला शहडोल द्वारा शिकायत दी गई थी।

शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त को बताया कि उन्होंने ग्राम पपौद में अपनी पत्नी श्रीमती अंकेता जायसवाल के नाम पर भूमि खरीदी थी। इस जमीन का रकबा 1020/4/1/1 है। उक्त भूमि को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था, जिसके बाद उनकी पत्नी ने इस मामले में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय ब्यौहारी में अपील दायर की थी।

Major action in Shahdol: आदेश की कॉपी देने के बदले मांगी रिश्वत

शिकायतकर्ता के अनुसार, जब वह अपनी पत्नी के भूमि विवाद मामले के फैसले की आदेश प्रति लेने एसडीएम कार्यालय पहुंचे, तब वहां पदस्थ क्लर्क वीर सिंह जाटव ने आदेश की कॉपी देने के एवज में उनसे 20 हजार रुपए रिश्वत की मांग की।

आरोपी बार-बार पैसे देने का दबाव बना रहा था। रिश्वत की मांग से परेशान होकर सुरेश कुमार जायसवाल ने इसकी शिकायत लोकायुक्त कार्यालय रीवा में की।

Major action in Shahdol: लोकायुक्त ने पहले कराया सत्यापन

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त रीवा की टीम ने पूरे मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान यह पुष्टि हुई कि आरोपी क्लर्क वास्तव में शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग कर रहा था।

सत्यापन रिपोर्ट सही पाए जाने के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए विशेष टीम गठित की गई।

ऐसे हुई ट्रैप कार्रवाई

बुधवार 6 मई 2026 को लोकायुक्त की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया।

शिकायतकर्ता को रिश्वत की तय राशि 15 हजार रुपए लेकर एसडीएम कार्यालय भेजा गया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी क्लर्क वीर सिंह जाटव को रिश्वत की रकम सौंपी, पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।

कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से रिश्वत की राशि बरामद कर ली गई।

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आरोपी की जानकारी

गिरफ्तार आरोपी की पहचान:

वीर सिंह जाटव
पिता – रामचरण जाटव
उम्र – 40 वर्ष
पद – क्लर्क (भृत्य)
कार्यालय – अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय ब्यौहारी
मूल निवासी – वार्ड नंबर 47, गली नंबर 6, जिला मुरैना
वर्तमान पता – सिविल कॉलोनी, ब्यौहारी, जिला शहडोल

बताया जा रहा है कि आरोपी लंबे समय से कार्यालय में पदस्थ था।

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भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 7(क), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन अधिनियम 2018) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और लोकायुक्त टीम आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।

इन अधिकारियों ने की कार्रवाई

इस सफल ट्रैप कार्रवाई में प्रमुख भूमिका निभाई:

  • श्री एस. राम मरावी – निरीक्षक, विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त कार्यालय रीवा
  • श्री प्रवीण सिंह परिहार – उप पुलिस अधीक्षक, विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त कार्यालय रीवा

इसके अलावा स्वतंत्र शासकीय गवाहों की मौजूदगी में 12 सदस्यीय टीम ने पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया।

भ्रष्टाचार पर लोकायुक्त का सख्त संदेश

इस कार्रवाई के बाद लोकायुक्त ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो उसकी शिकायत तत्काल लोकायुक्त से करें।

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