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Bankipur By Election News: BJP के गढ़ को क्यों तोड़ना चाहते हैं प्रशांत किशोर?

Bankipur By Election News: प्रशांत किशोर ने कहा कि 10 हजार देकर आपने वोट लिए, बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन यहां के लोगों के जीवन में तो कोई फर्क नहीं आया. पढ़िए और क्या कुछ कहा है. पटना की बांकीपुर सीट पर होने वाले उपचुनाव में जीत के लिए जन सुराज की ओर से तैयारी की जा रही है. यह सीट बीजेपी की है. नितिन नवीन 2025 के चुनाव में जीते थे लेकिन राज्यसभा जाने के बाद यह सीट अब खाली हो गई है. उपचुनाव होना है. इस बीच जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बताया है कि क्यों उनकी पार्टी (जन सुराज) यह सीट जीतना चाहती है.

Bankipur By Election News: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है

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बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पटना की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। यह सीट लंबे समय से बीजेपी का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है, लेकिन इस बार जन सुराज अभियान के सूत्रधार Prashant Kishor ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उनकी पार्टी इस “गढ़” को तोड़ने जा रही है।

प्रशांत किशोर के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। उन्होंने बीजेपी पर जनता के साथ “छल” करने का आरोप लगाया और कहा कि पिछले कुछ महीनों में लिए गए फैसलों से आम लोग नाराज़ हैं। यही वजह है कि अब जनता बदलाव चाहती है।

Bankipur By Election News: क्यों खाली हुई बांकीपुर सीट?

पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री Nitin Nabin के पास थी। उन्होंने 2025 विधानसभा चुनाव में इस सीट से जीत दर्ज की थी। बाद में राज्यसभा जाने के कारण उन्हें विधानसभा सदस्यता छोड़नी पड़ी, जिसके बाद यह सीट खाली हो गई। अब यहां उपचुनाव कराया जाएगा।

बांकीपुर सीट राजनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जाती है। राजधानी पटना के बीचों-बीच स्थित यह सीट शहरी मतदाताओं, व्यापारियों, मध्यम वर्ग और शिक्षित युवाओं का बड़ा केंद्र है। यही वजह है कि यहां का चुनाव सिर्फ एक सीट का चुनाव नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे बिहार की बदलती राजनीति का संकेत भी माना जा रहा है।

Bankipur By Election News: प्रशांत किशोर ने बीजेपी पर क्या आरोप लगाए?

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सीतामढ़ी दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में प्रशांत किशोर ने कहा कि बीजेपी ने बिहार की जनता के साथ बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन लोगों के जीवन में कोई वास्तविक बदलाव नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय पैसे बांटकर वोट लेने की राजनीति की जाती है, लेकिन बाद में जनता की समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं।

प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार के लोगों को रोजगार, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था और बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी और अन्य दल सिर्फ सत्ता की राजनीति कर रहे हैं, जबकि जन सुराज जनता के मुद्दों को लेकर मैदान में उतरा है।

उन्होंने कहा,
“10 हजार देकर वोट ले लिए, बड़े-बड़े वादे कर दिए, लेकिन आम आदमी के जीवन में क्या बदलाव आया? बिहार के लोग अब समझने लगे हैं कि सिर्फ नारों और प्रचार से विकास नहीं होता।”

“जंगलराज” वाले बयान पर भी बोले प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि पार्टी लगातार “जंगलराज” का डर दिखाकर राजनीति करती रही है, लेकिन बिहार के लोगों को अब यह राजनीति समझ आने लगी है। उन्होंने कहा कि जनता अब डर और जाति की राजनीति से आगे निकलकर विकास और व्यवस्था की बात करना चाहती है।

उनका कहना था कि अगर बिहार में वास्तव में बदलाव लाना है तो राजनीति की दिशा बदलनी होगी। जन सुराज इसी सोच के साथ चुनाव मैदान में उतर रहा है।

बांकीपुर सीट क्यों है खास?

बांकीपुर विधानसभा सीट को बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता है। यहां लंबे समय से बीजेपी का प्रभाव रहा है और पार्टी शहरी वोट बैंक के दम पर लगातार मजबूत स्थिति में रही है। लेकिन इस बार मुकाबला दिलचस्प हो सकता है क्योंकि जन सुराज पहली बार किसी बड़े शहरी क्षेत्र में अपनी ताकत आजमाने की तैयारी कर रहा है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर जन सुराज इस सीट पर मजबूत प्रदर्शन करता है तो यह बिहार की राजनीति में तीसरे विकल्प के रूप में उसकी पहचान को और मजबूत करेगा।

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जन सुराज की रणनीति क्या है?

प्रशांत किशोर पिछले कई वर्षों से बिहार में पदयात्रा और जन संवाद कार्यक्रम चला रहे हैं। उनका दावा है कि उन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याओं को समझा है। अब जन सुराज संगठन को राजनीतिक दल के रूप में मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।

बांकीपुर उपचुनाव को जन सुराज अपने लिए एक बड़े राजनीतिक अवसर के रूप में देख रहा है। पार्टी का फोकस युवाओं, शिक्षित वर्ग और उन मतदाताओं पर है जो पारंपरिक राजनीति से नाराज़ बताए जा रहे हैं।

बीजेपी की चुनौती बढ़ेगी?

हालांकि बीजेपी अभी भी इस सीट पर मजबूत मानी जा रही है, लेकिन प्रशांत किशोर के आक्रामक रुख ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। विपक्ष भी इस चुनाव को बीजेपी की लोकप्रियता की परीक्षा के तौर पर देख रहा है।

अब देखने वाली बात होगी कि क्या जन सुराज वास्तव में बीजेपी के इस मजबूत किले में सेंध लगा पाता है या फिर बीजेपी एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखती है। बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे बिहार की आने वाली राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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