भोपाल। मध्यप्रदेश की Dr. Mohan Yadav सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए इस बार गेहूं उपार्जन व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। राज्य में रिकॉर्ड उत्पादन और खरीदी केंद्रों पर बढ़ती किसानों की आवक को देखते हुए सरकार ने गेहूं खरीदी का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। इसके साथ ही किसानों को अब तहसील की सीमा में बंधे रहने की जरूरत नहीं होगी। वे अपने जिले के किसी भी उपार्जन केंद्र पर जाकर गेहूं बेच सकेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिला कलेक्टर्स के साथ समीक्षा बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और खरीदी व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
MP में किसानों को बड़ी राहत: स्लॉट बुकिंग की तारीख बढ़ी, क्षमता भी हुई दोगुनी

Dr. Mohan Yadav
सरकार ने किसानों को राहत देते हुए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई कर दी है। इससे छोटे, सीमांत, मध्यम और बड़े सभी किसानों को फायदा मिलेगा।
इसके अलावा खरीदी केंद्रों की क्षमता भी बढ़ाई गई है। पहले जहां एक केंद्र पर प्रतिदिन 1000 क्विंटल खरीदी होती थी, अब इसे बढ़ाकर 2250 क्विंटल प्रतिदिन कर दिया गया है। इससे लंबी लाइनें कम होंगी और किसानों का समय बचेगा।
MP में किसानों को बड़ी राहत: अब जिले के किसी भी केंद्र पर बेच सकेंगे उपज
सरकार ने किसानों की सबसे बड़ी समस्या खत्म करते हुए तहसील आधारित व्यवस्था में बदलाव किया है। अब किसान अपने जिले के किसी भी Procurement Center पर जाकर गेहूं बेच सकेंगे। इससे परिवहन खर्च कम होगा और किसानों को नजदीकी केंद्र चुनने की सुविधा मिलेगी।
MP में किसानों को बड़ी राहत: दागी और चमक विहीन गेहूं भी खरीदेगी सरकार

दागी और चमक विहीन गेहूं
इस बार मौसम की मार और बेमौसम बारिश को देखते हुए सरकार ने गुणवत्ता मानकों में भी राहत दी है। केंद्र सरकार की अनुमति के बाद अब चमक विहीन गेहूं (Luster Loss Wheat) भी खरीदा जाएगा।
इसके साथ ही:
- अल्प विकसित दानों की सीमा 6% से बढ़ाकर 10% की गई
- क्षतिग्रस्त दानों की सीमा में भी छूट दी गई
- मामूली खराब और हल्का दागी गेहूं भी खरीदी में शामिल होगा
इस फैसले से हजारों किसानों को बड़ा फायदा मिलेगा, जिनकी फसल बारिश या मौसम परिवर्तन से प्रभावित हुई है।
चना और मसूर के लिए नई गाइडलाइन
मुख्यमंत्री ने चना और मसूर उत्पादक किसानों के लिए भी विशेष निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन फसलों की खरीदी मंडी के शेड के अंदर की जाए, ताकि असमय बारिश से नुकसान न हो।
जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि चना-मसूर खरीदी को लेकर किसानों में व्यापक Awareness Campaign चलाया जाए, ताकि हर किसान समय पर जानकारी प्राप्त कर सके।
केंद्रों पर जरूरी सुविधाएं अनिवार्य

सीएम ने कहा कि हर खरीदी केंद्र पर किसानों को मूलभूत सुविधाएं मिलना जरूरी है। इसके लिए निर्देश दिए गए हैं कि सभी केंद्रों पर:
- छाया और बैठने की व्यवस्था
- पीने का पानी
- हम्माल उपलब्ध हों
- कम से कम 6 Electronic Weighing Machines
- पर्याप्त बारदाना स्टॉक
- त्वरित तौल और भुगतान व्यवस्था
अब तक 16.60 लाख MT गेहूं खरीदी
सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक:
- 3,516 खरीदी केंद्र संचालित हैं
- 8.55 लाख किसानों ने स्लॉट बुकिंग कराई
- 3.96 लाख किसानों से खरीदी पूरी हुई
- 16.60 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया
- किसानों के खातों में ₹2527 करोड़ ट्रांसफर किए जा चुके हैं
इसे भी देखें – ड्रमंडगंज घाटी में बीती रात करीब नौ बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं।
यह राशि Direct Benefit Transfer (DBT) के जरिए किसानों तक पहुंचाई गई है।
किसानों के लिए क्यों अहम है फैसला?
सरकार के इन फैसलों से किसानों को कई बड़े फायदे मिलेंगे:
- नजदीकी केंद्र पर बेचने की सुविधा
- स्लॉट बुकिंग के लिए अतिरिक्त समय
- दागी गेहूं बेचने का मौका
- तेज तौल और जल्द भुगतान
- बारिश से बचाव के लिए बेहतर व्यवस्था
निष्कर्ष
मध्यप्रदेश सरकार का यह फैसला किसानों के लिए राहत भरा माना जा रहा है। गेहूं खरीदी लक्ष्य बढ़ाना, जिले के किसी भी केंद्र पर उपज बेचने की अनुमति देना और खराब गुणवत्ता वाले गेहूं की खरीदी की मंजूरी जैसे कदम किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित होंगे। आने वाले दिनों में खरीदी केंद्रों पर किसानों की संख्या और बढ़ने की संभावना है।
















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