Cold drink lid stuck in throat: खरगोन में एक शादी समारोह के दौरान 13 महीने के बच्चे ने खेल-खेल में कोल्ड ड्रिंक का ढक्कन निगल लिया। दो घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे मासूम को डॉक्टरों ने मौत के मुंह से बाहर निकाला।
Cold drink lid stuck in throat: शादी समारोह की खुशियां अचानक मातम में बदलते-बदलते बचीं

AI IMAGE
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के कसरावद क्षेत्र में एक शादी समारोह के दौरान ऐसा हादसा हुआ, जिसने वहां मौजूद हर शख्स की सांसें रोक दीं। महज 13 महीने के मासूम बच्चे ने खेल-खेल में कोल्ड ड्रिंक की बोतल का ढक्कन निगल लिया, जो उसके गले में जाकर फंस गया। करीब दो घंटे तक बच्चा जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करता रहा, लेकिन समय रहते डॉक्टरों की तत्परता ने उसकी जान बचा ली।
यह घटना कसरावद तहसील के ग्राम बेजापुर निवासी प्रवीण पटेल के परिवार के साथ हुई। प्रवीण अपनी पत्नी और 13 माह के बेटे शिवाय के साथ ग्राम सिलोटिया में एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने पहुंचे थे। शादी समारोह में हर तरफ खुशी का माहौल था, लोग डांस और खाने-पीने में व्यस्त थे। इसी दौरान छोटा शिवाय खेलते-खेलते वहां रखी कोल्ड ड्रिंक की बोतल के ढक्कन तक पहुंच गया।
Cold drink lid stuck in throat: खेलते-खेलते मुंह में डाल लिया ढक्कन

परिजनों के मुताबिक बच्चा खेलते समय बोतल का ढक्कन उठाकर अपने मुंह में डाल बैठा। अचानक वह ढक्कन उसके गले में फंस गया। कुछ ही सेकंड में बच्चा तेज खांसने लगा और उसे सांस लेने में परेशानी होने लगी।
शुरुआत में परिजनों को लगा कि शायद बच्चा सामान्य रूप से खांस रहा है, लेकिन जब उसकी हालत बिगड़ने लगी तो परिवार में हड़कंप मच गया। बच्चे का चेहरा लाल पड़ने लगा और वह लगातार रो रहा था।
Cold drink lid stuck in throat: परिजनों ने खुद निकालने की कोशिश की
घबराए परिजनों ने पहले अपने स्तर पर बच्चे के गले से ढक्कन निकालने की कोशिश की। लेकिन यह प्रयास उल्टा पड़ गया और ढक्कन गले में और अंदर फंस गया। इससे बच्चे की हालत और गंभीर हो गई।
इसके बाद परिवार के लोग तुरंत बच्चे को लेकर नजदीकी टांडाबरूड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (Primary Health Center) पहुंचे। वहां मौजूद डॉक्टरों ने बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन मामला गंभीर होने के कारण उसे तुरंत जिला अस्पताल खरगोन रेफर कर दिया गया।
इसे भी देखें – REWA में CANCER जागरूकता की मिसाल बनी वॉकथॉन रैली
Cold drink lid stuck in throat: दो घंटे तक अटकी रहीं सांसें
जब तक बच्चा जिला अस्पताल पहुंचा, तब तक करीब दो घंटे बीत चुके थे। इस दौरान परिवार के लोगों की हालत बेहद खराब थी। हर किसी को डर था कि कहीं देर न हो जाए।
जिला अस्पताल के PICU (Pediatric Intensive Care Unit) में भर्ती होते ही डॉक्टरों की टीम ने तुरंत इलाज शुरू कर दिया।
Doctors ने बिना Surgery निकाला ढक्कन
जिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. शशिकांत पाटीदार और उनकी टीम ने मामले की गंभीरता को समझते हुए बिना समय गंवाए emergency procedure शुरू किया।
जांच में पता चला कि ढक्कन बच्चे के larynx (स्वरयंत्र) में फंसा हुआ था, जिससे उसकी सांसें बाधित हो रही थीं।
डॉक्टरों ने विशेष तकनीक अपनाते हुए catheter की मदद से ढक्कन को बाहर निकालने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद आखिरकार डॉक्टरों को सफलता मिली और ढक्कन सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
जैसे ही ढक्कन बाहर निकला, बच्चे की सांस सामान्य होने लगी और परिजनों ने राहत की सांस ली।
इसे भी देखें – New appointments in Vindhya Development Authority: पंचूलाल प्रजापति बने अध्यक्ष
गले में आई सूजन, ICU में रखा गया
हालांकि ढक्कन निकलने के बाद भी खतरा पूरी तरह टला नहीं था। लंबे समय तक ढक्कन फंसे रहने के कारण बच्चे के गले में सूजन आ गई थी।
डॉक्टरों ने उसे ICU में निगरानी में रखा और लगातार उसकी हालत पर नजर बनाए रखी। करीब 24 घंटे तक observation में रखने के बाद जब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ पाया गया तो शनिवार शाम उसे discharge कर दिया गया।
डॉक्टरों ने दी Parents को अहम सलाह
डॉ. शशिकांत पाटीदार ने कहा कि छोटे बच्चों के आसपास कभी भी छोटे सामान जैसे bottle caps, coins, batteries या खिलौनों के छोटे parts नहीं छोड़ने चाहिए।
उन्होंने कहा कि बच्चे अक्सर चीजों को मुंह में डाल लेते हैं, जो कई बार जानलेवा साबित हो सकता है।
















Leave a Reply