Advertisement

Cruise Accident: मां ने आखिरी सांस तक नहीं छोड़ा बेटे का साथ – 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं

Cruise Accident: जबलपुर क्रूज बोट हादसे में नौ लोगों के शव मिले हैं। वहीं, 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। पर्यटन मंत्री ने हादसे में जांच के निर्देश दिए हैं। मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है।

Cruise Accident: बरगी डैम में दर्दनाक हादसा 

Cruise Accident

मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुआ क्रूज बोट हादसा दिल दहला देने वाला साबित हुआ। इस tragic incident ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। हादसे के दौरान सामने आई एक मार्मिक तस्वीर ने हर किसी की आंखें नम कर दीं—एक मां अपने चार साल के मासूम बेटे को सीने से चिपकाए हुई मृत अवस्था में मिली।

Cruise Accident: क्या हुआ हादसे के दिन?

शुक्रवार शाम को बरगी डैम में एक cruise boat में करीब 43 लोग सवार थे। यह एक सामान्य पर्यटन यात्रा थी, लेकिन अचानक मौसम ने खतरनाक रूप ले लिया। तेज हवा और तूफान के कारण क्रूज का संतुलन बिगड़ गया और कुछ ही पलों में वह पलट गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआत में किसी को अंदाजा नहीं था कि स्थिति इतनी गंभीर हो जाएगी। जैसे ही पानी तेज़ी से boat के अंदर भरने लगा, अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना शुरू कर दिया।

Cruise Accident: मां-बेटे की कहानी ने सबको रुलाया

Cruise Accident

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सबसे heart-breaking moment तब सामने आया जब एक महिला और उसके बेटे का शव बरामद किया गया। महिला की पहचान मरिना मैसी के रूप में हुई, जबकि उनके बेटे का नाम त्रिशान था, जिसकी उम्र मात्र 4 साल थी।

बताया जा रहा है कि मरिना ने life jacket पहन रखी थी, लेकिन उनके बेटे के पास कोई सुरक्षा उपकरण नहीं था। बावजूद इसके, उन्होंने आखिरी सांस तक अपने बेटे को सीने से लगाए रखा। यह दृश्य देखकर rescue team के सदस्य भी भावुक हो गए।

मरिना अपने परिवार के साथ दिल्ली से घूमने जबलपुर आई थीं। इस हादसे में उनके पति प्रदीप और बेटी सिया की जान बच गई, लेकिन मां-बेटे की मौत ने परिवार को तोड़कर रख दिया।

इसे भी देखें – Rewa Hotel Case: कमरे में युवक-युवती Dead, जहर की आशंका

Cruise Accident: बचे लोगों ने बताई लापरवाही की कहानी

Cruise Accident

हादसे में बची सिया ने जो बताया, वह कई गंभीर सवाल खड़े करता है। उनके मुताबिक, क्रूज पर चढ़ते समय किसी भी यात्री को life jacket नहीं दी गई थी। सभी jackets अंदर रखी हुई थीं।

जब तूफान आया और पानी भरने लगा, तब लोगों ने खुद lockers तोड़कर jackets निकालने की कोशिश की। इस दौरान भगदड़ मच गई और स्थिति और बिगड़ गई।

एक अन्य यात्री ने भी कहा कि crew members ने safety instructions properly नहीं दिए थे। अगर समय पर life jackets दी जातीं और safety protocol follow किया जाता, तो शायद इतनी बड़ी tragedy टल सकती थी।

Cruise Accident: गांववालों की चेतावनी भी अनसुनी

स्थानीय ग्रामीणों ने दावा किया कि उन्होंने पहले ही खराब मौसम को देखते हुए cruise को आगे न जाने की सलाह दी थी। लेकिन operators ने इस warning को नजरअंदाज कर दिया और क्रूज को डैम के बीच तक ले गए।

यह decision ही हादसे की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है।

Cruise Accident: रेस्क्यू ऑपरेशन और अब तक की स्थिति

प्रशासन और rescue teams ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। अब तक:

  • 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं
  • 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है
  • कुछ लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है

क्रेन की मदद से डूबे हुए cruise को बाहर निकालने का काम भी जारी है। इसके लिए किनारे पर ramp तैयार किया जा रहा है ताकि पूरी जांच की जा सके।

इसे भी देखें – भोपाल विधानसभा में ‘नारी शक्ति वंदन’ पर सियासी टकराव, 33% आरक्षण पर गरमाई बहस

सरकार का एक्शन

घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी मौके पर पहुंचे। उन्होंने साफ कहा कि इस हादसे की पूरी जांच कराई जाएगी।

उनके मुताबिक, CCTV फुटage के आधार पर यह पुष्टि हुई है कि boat में 43 लोग सवार थे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी तरह की negligence पाई जाती है, तो responsible लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी।

वहीं, जिला प्रशासन ने भी आश्वासन दिया है कि rescue operation तब तक जारी रहेगा जब तक सभी लापता लोगों का पता नहीं चल जाता।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर tourism safety standards पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

  • क्यों passengers को पहले से life jackets नहीं दी गईं?
  • क्यों खराब मौसम में cruise को जाने की अनुमति दी गई?
  • क्या crew properly trained था?

ये सवाल अब जांच का हिस्सा बन चुके हैं।

निष्कर्ष

बरगी डैम का यह हादसा सिर्फ एक accident नहीं, बल्कि कई लापरवाहियों का परिणाम लगता है। एक मां का अपने बेटे को आखिरी वक्त तक सीने से लगाए रखना मानवता और ममता की सबसे भावुक तस्वीर बनकर सामने आया है।

यह tragedy हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि adventure और tourism के साथ safety measures कितने जरूरी हैं। अगर समय रहते सावधानी बरती जाती, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती थीं।

अब पूरे देश की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सामने आता है और क्या दोषियों को सजा मिलती है या नहीं।

Share on social media

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *