किसानों को गेहूं खरीदी में कोई समस्या नहीं हो, इसके लिए मोहन यादव सीधे उपार्जन केंद्रों पर पहुंचकर निरीक्षण कर रहे हैं। इस दौरान वह किसानों से आत्मीय संवाद भी कर रहे हैं। शाजापुर में ट्रैक्टर ट्रॉली पर चढ़कर किसानों से बात की है।
Different style of CM Mohan Yadav: व्यवस्थाओं पर दिए सख्त निर्देश

Shajapur/Khargone News: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव इन दिनों गेहूं खरीदी (Wheat Procurement) व्यवस्था को लेकर बेहद सक्रिय नजर आ रहे हैं। किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए वह खुद ground level पर जाकर उपार्जन केंद्रों (Procurement Centers) का निरीक्षण कर रहे हैं। इसी कड़ी में शाजापुर जिले में उनका एक अलग और सहज अंदाज देखने को मिला, जब वह ट्रैक्टर-ट्रॉली पर चढ़कर सीधे किसानों से बातचीत करते नजर आए।
Different style of CM Mohan Yadav: ट्रॉली पर चढ़कर किया Farmers Interaction
शाजापुर जिले के मकोड़ी स्थित श्यामा वेयर हाउस में निरीक्षण के दौरान सीएम मोहन यादव ने formal protocol को छोड़कर सीधे किसानों के बीच पहुंचने का फैसला किया। वह ट्रैक्टर ट्रॉली पर चढ़े और वहीं खड़े होकर किसानों से बातचीत (Direct Interaction) करने लगे। उनका यह अंदाज किसानों को भी काफी पसंद आया और मौके पर मौजूद लोगों ने इसे एक positive gesture के रूप में देखा।
इस दौरान उन्होंने न केवल किसानों की समस्याएं सुनीं, बल्कि मौके पर ही गेहूं की तौल (Weight Check) भी करवाई, ताकि व्यवस्था की पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
Different style of CM Mohan Yadav: सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
सीएम का यह जमीनी अंदाज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे एक “leader connected to farmers” की छवि के रूप में देख रहे हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि मुख्यमंत्री बिना किसी औपचारिकता के किसानों के बीच खड़े होकर उनकी बात सुन रहे हैं।
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Different style of CM Mohan Yadav: खरगोन से शुरू हुआ निरीक्षण अभियान
शाजापुर पहुंचने से पहले सीएम मोहन यादव ने खरगोन जिले के कतरगांव स्थित उपार्जन केंद्र का भी औचक निरीक्षण किया। यहां उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
उन्होंने साफ कहा कि किसानों को इंतजार न करना पड़े, इसके लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध होना जरूरी है।
किसानों से पूछा – “कोई परेशानी तो नहीं?”
शाजापुर में किसानों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने सीधे सवाल किया – “कोई परेशानी तो नहीं?”
इस पर किसानों ने गेहूं में मिट्टी (Impurity Issue) मिलने की शिकायत रखी।
शिकायत सुनते ही सीएम ने तुरंत मौके पर मौजूद कलेक्टर को निर्देश दिए और कहा कि इस समस्या का समाधान जल्द किया जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
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व्यवस्थाओं को लेकर दिए सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए:
- हर उपार्जन केंद्र पर कम से कम 6 तौल कांटे (Weighing Machines) अनिवार्य रूप से लगाए जाएं
- किसानों के लिए छाया (Shade) और ठंडा पेयजल (Drinking Water) की उचित व्यवस्था हो
- नए गेहूं खरीदी मापदंड (New Procurement Guidelines) तुरंत लागू किए जाएं
- तौल में देरी न हो, इसके लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हों
इसके अलावा उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि केंद्रों पर बारदाने (Gunny Bags), सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्शन और ऑपरेटर हमेशा उपलब्ध रहें।
Farmers First Policy पर जोर
सीएम मोहन यादव ने साफ शब्दों में कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि हर किसान (Annadata) को उसकी उपज का उचित मूल्य (Fair Price) सम्मान के साथ मिले। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार की समस्या आने पर उसका तुरंत समाधान (Quick Resolution) किया जाए।
बेहतर सुविधाओं की ओर कदम
सरकार ने गेहूं खरीदी प्रक्रिया को smooth बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। अब किसान जिले के किसी भी उपार्जन केंद्र पर अपनी उपज बेच सकते हैं। साथ ही तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है, जिससे waiting time कम हो सके।















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