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Neet Paper Leak 2026 : नीट-यूजी पेपर लीक पर संसद में हंगामा

Neet Paper Leak 2026: नई दिल्लीः संसद की एक समिति के कई सदस्यों ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी’ के पेपर लीक मामले को लेकर गुरुवार को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) से तीखे सवाल किए, जिस पर एनटीए की तरफ से बताया गया कि यह उसके तंत्र के माध्यम से नहीं हुआ तथा इस प्रकरण की जांच सीबीआई कर रही है।

Neet Paper Leak 2026: सांसदों के सवालों से घिरे NTA अधिकारी, जवाब देने में छूटा पसीना

Neet Paper Leak 2026

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा National Testing Agency यानी एनटीए एक बार फिर सवालों के घेरे में है। नीट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर गुरुवार को संसद की स्थायी समिति की बैठक में जमकर बहस हुई। कई सांसदों ने परीक्षा की विश्वसनीयता, सुरक्षा व्यवस्था और पेपर लीक की जिम्मेदारी को लेकर एनटीए अधिकारियों से तीखे सवाल पूछे। हालांकि, अधिकारियों की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिए जा सके।

Neet Paper Leak 2026: संसद की समिति के सामने पेश हुए बड़े अधिकारी

शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी संसद की स्थायी समिति की बैठक में शिक्षा मंत्रालय और एनटीए के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस बैठक की अध्यक्षता Digvijaya Singh ने की। बैठक में शिक्षा सचिव विनीत जोशी, एनटीए प्रमुख प्रदीप कुमार जोशी और महानिदेशक अभिषेक सिंह शामिल हुए।

बैठक का मुख्य मुद्दा था — आखिर नीट-यूजी परीक्षा का पेपर लीक कैसे हुआ और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

Neet Paper Leak 2026: सांसदों ने पूछा — “अगर सिस्टम से लीक नहीं हुआ, तो फिर कैसे हुआ?”

सूत्रों के अनुसार, समिति के कई सदस्यों ने एनटीए अधिकारियों से सीधे सवाल किए कि जब एजेंसी दावा कर रही है कि पेपर उसके सिस्टम से लीक नहीं हुआ, तो फिर पेपर बाहर कैसे पहुंचा। सांसदों ने यह भी पूछा कि यदि एनटीए का तंत्र सुरक्षित था, तो परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने की नौबत क्यों आई।

बताया जा रहा है कि एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने जवाब में कहा कि पेपर एजेंसी के डिजिटल या आधिकारिक सिस्टम के जरिए लीक नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मामले की जांच फिलहाल Central Bureau of Investigation यानी सीबीआई कर रही है।

हालांकि, जब सांसदों ने पूछा कि आखिर लीक का स्रोत क्या था और सुरक्षा में चूक कहां हुई, तो अधिकारियों के पास स्पष्ट जवाब नहीं था।

Neet Paper Leak 2026: विपक्ष ने मांगी सीबीआई रिपोर्ट

बैठक के दौरान विपक्षी सांसदों ने मांग उठाई कि सीबीआई जांच रिपोर्ट संसदीय समिति के सामने रखी जानी चाहिए, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। लेकिन कुछ भाजपा सांसदों ने इस पर आपत्ति जताई।

भाजपा सदस्यों का कहना था कि सीबीआई एक स्वतंत्र जांच एजेंसी है और उसे बिना राजनीतिक दबाव के अपना काम करने दिया जाना चाहिए। इस मुद्दे पर बैठक में काफी देर तक बहस चली।

राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों पर चर्चा

बैठक में एनटीए अधिकारियों ने परीक्षा सुधारों को लेकर राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों पर भी प्रस्तुति दी। अधिकारियों ने दावा किया कि समिति द्वारा सुझाए गए अल्पकालिक सुधारों में से लगभग 70 प्रतिशत उपाय लागू किए जा चुके हैं।

इन सुधारों में परीक्षा केंद्रों की निगरानी मजबूत करना, प्रश्नपत्र वितरण प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाना और तकनीकी सुरक्षा उपायों को बढ़ाना शामिल है।

एनटीए ने यह भी कहा कि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक समीक्षा की जा रही है।

भविष्य में कंप्यूटर आधारित परीक्षा कराने की तैयारी

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में यह भी चर्चा हुई कि भविष्य में नीट-यूजी परीक्षा को कंप्यूटर आधारित परीक्षण यानी सीबीटी मोड में कराया जा सकता है।

माना जा रहा है कि ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली अपनाने से पेपर लीक की घटनाओं पर काफी हद तक रोक लग सकती है। हालांकि, इसके लिए देशभर में तकनीकी ढांचे को मजबूत करना बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि लाखों छात्र ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों से परीक्षा में शामिल होते हैं।

एनटीए में कर्मचारियों की भारी कमी

बैठक के दौरान यह मुद्दा भी उठा कि एनटीए में कर्मचारियों की भारी कमी है। अधिकारियों ने समिति को बताया कि एजेंसी में लगभग 25 प्रतिशत पद खाली हैं।

सांसदों ने कहा कि इतनी बड़ी और संवेदनशील परीक्षाएं आयोजित करने वाली संस्था में कर्मचारियों की कमी गंभीर चिंता का विषय है। समिति ने रिक्त पदों को जल्द भरने और एजेंसी की कार्यक्षमता बढ़ाने पर जोर दिया।

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प्रश्नपत्र तैयार करने और वितरण प्रणाली पर भी उठे सवाल

संसदीय समिति ने सुझाव दिया कि प्रश्नपत्र तैयार करने और वितरण प्रक्रिया में केवल विश्वसनीय और अनुभवी लोगों को शामिल किया जाना चाहिए।

सदस्यों का मानना था कि पेपर लीक की घटनाएं केवल तकनीकी कमजोरी की वजह से नहीं होतीं, बल्कि मानव स्तर पर भी कई खामियां होती हैं। इसलिए पूरी परीक्षा प्रणाली की जवाबदेही तय करना जरूरी है।

दिग्विजय सिंह बोले — “बैठक काफी महत्वपूर्ण रही”

बैठक समाप्त होने के बाद समिति के अध्यक्ष Digvijaya Singh ने मीडिया से कहा कि संसदीय समिति की बैठकों की गोपनीयता बनाए रखना उनका दायित्व है, इसलिए वे विस्तृत जानकारी साझा नहीं कर सकते।

हालांकि उन्होंने कहा कि बैठक बेहद महत्वपूर्ण रही और सभी सदस्यों ने नीट पेपर लीक मामले पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने संकेत दिया कि समिति आगे भी इस मामले की निगरानी करती रहेगी।

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छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता

नीट-यूजी देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक है, जिसमें हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर शामिल होते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं छात्रों के भरोसे को कमजोर करती हैं।

अब सभी की नजर सीबीआई जांच और एनटीए द्वारा किए जा रहे सुधारों पर टिकी हुई है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि एजेंसी परीक्षा प्रणाली को कितना सुरक्षित और पारदर्शी बना पाती है।

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