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Gwalior Looteri Dulhan: मंडप में भाई बनकर बैठा था पहला पति

Gwalior Looteri Dulhan: ग्वालियर में एक ऐसी शादी का भंडाफोड़ हुआ है जिसने रिश्तों को शर्मसार कर दिया। शादी में जिस शख्स ने भाई बनकर अपनी मुंहबोली बहन का कन्यादान करवाया, वह असल में दुल्हन का पहला पति निकला।

Gwalior Looteri Dulhan: सुहागरात के बाद व्हाट्सऐप चैट से खुला राज

Gwalior Looteri Dulhan

 

मध्य प्रदेश के ग्वालियर से सामने आया एक हैरान कर देने वाला मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां शादी जैसे पवित्र रिश्ते की आड़ में एक संगठित ठगी का खेल रचा गया। जिस शख्स ने शादी के मंडप में दुल्हन का भाई बनकर कन्यादान करवाया, वही बाद में उसका पहला पति निकला। पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब दूल्हे ने शादी के कुछ दिनों बाद दुल्हन का व्हाट्सऐप चैट देख लिया। पुलिस अब इस पूरे गिरोह की जांच में जुटी हुई है।

Gwalior Looteri Dulhan: शादी के नाम पर रची गई बड़ी साजिश

जानकारी के अनुसार पीड़ित युवक रतन लाल जबलपुर का रहने वाला है और एक निजी अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में टीम लीडर के पद पर कार्यरत है। परिवार में पांच भाई होने के बावजूद किसी की शादी नहीं हो पा रही थी, जिससे परिवार लंबे समय से परेशान था। इसी मजबूरी का फायदा उनके पड़ोसी सोनू तिवारी ने उठाया।

सोनू तिवारी ने रतन लाल के परिवार को बताया कि उसका एक परिचित युवक सोनू उर्फ अजय चौहान अपनी गरीब मुंहबोली बहन राधा उर्फ दीक्षा मुद्गल के लिए रिश्ता तलाश रहा है। लड़की की तस्वीर दिखाई गई और परिवार को भरोसा दिलाया गया कि लड़की बेहद संस्कारी और साधारण परिवार से है।

रतन लाल का परिवार रिश्ता देखने के लिए ग्वालियर पहुंचा। दोनों परिवारों की मुलाकात हुई और कुछ ही समय में शादी तय कर दी गई। परिवार को इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि वे एक सुनियोजित ठगी के जाल में फंस चुके हैं।

Gwalior Looteri Dulhan: होटल में धूमधाम से हुई शादी

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7 मई को ग्वालियर के पाटनकर चौराहा स्थित सुखसागर होटल में हिंदू रीति-रिवाजों के साथ शादी संपन्न हुई। शादी में दूल्हे पक्ष ने करीब 7 लाख रुपये खर्च किए। शादी का पूरा माहौल बेहद सामान्य और पारिवारिक दिखाई दे रहा था।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि शादी में सोनू चौहान नाम का युवक दुल्हन का भाई बनकर मौजूद था। उसी ने बहन की जिम्मेदारी निभाई और कन्यादान की रस्म भी पूरी करवाई। वहीं माया देवी नाम की महिला लड़की की मां बनकर शादी में शामिल हुई। इसके अलावा कुछ अन्य लोग रिश्तेदार बनकर पूरे समारोह में मौजूद रहे।

विदाई के बाद दुल्हन अपने ससुराल पहुंच गई और सबकुछ सामान्य नजर आने लगा। लेकिन कुछ दिनों बाद दूल्हे को पत्नी के व्यवहार पर शक होने लगा।

Gwalior Looteri Dulhan: मोबाइल पर घंटों चैट करती रहती थी दुल्हन

परिवार के मुताबिक नई दुल्हन ज्यादातर समय मोबाइल फोन पर व्यस्त रहती थी। वह लगातार किसी से चैट करती रहती थी और कई बार देर रात तक फोन इस्तेमाल करती थी। शुरुआत में परिवार ने इसे सामान्य माना, लेकिन पति रतन लाल को धीरे-धीरे शक होने लगा।

एक रात रतन लाल ने चुपचाप पत्नी का व्हाट्सऐप चेक किया। मोबाइल में मौजूद चैट पढ़ते ही उसके होश उड़ गए। चैट में सामने आया कि शादी में भाई बनकर शामिल हुआ सोनू चौहान वास्तव में दुल्हन का पहला पति था।

2024 में हो चुकी थी दोनों की लव मैरिज

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व्हाट्सऐप चैट और फोटो से पता चला कि सोनू चौहान और दीक्षा मुद्गल ने साल 2024 में आगरा के आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह किया था। दोनों पहले से पति-पत्नी थे, लेकिन उन्होंने यह बात छिपाकर एक नया नाटक रचा।

पुलिस को मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह पूरा गिरोह शादी के जरिए लोगों को फंसाता था। योजना यह थी कि शादी के कुछ दिनों बाद दुल्हन घर के जेवरात और नकदी लेकर फरार हो जाती। इस मामले में भी यही साजिश रची गई थी।

परिवार ने सूझबूझ से पकड़ा पूरा खेल

चैट देखने के बाद रतन लाल और उसके परिवार ने तुरंत कोई हंगामा नहीं किया। उन्हें डर था कि अगर दुल्हन को भनक लग गई तो वह फरार हो सकती है। इसलिए परिवार ने शांत रहकर पूरी योजना बनाई।

शनिवार को परिवार दुल्हन को किसी बहाने से ग्वालियर के झांसी रोड थाने ले गया और पुलिस को पूरा मामला बताया। इसके बाद पुलिस ने दुल्हन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।

पीड़ित परिवार ने पुलिस को मोबाइल चैट, स्क्रीनशॉट, शादी के वीडियो और अन्य दस्तावेज भी सौंप दिए हैं। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

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पुलिस कर रही पूरे नेटवर्क की जांच

झांसी रोड थाना पुलिस का कहना है कि मामले में गंभीरता से जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में यह मामला संगठित ठगी का लग रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह ने पहले भी कितने लोगों को निशाना बनाया है।

साथ ही शादी में शामिल हुए अन्य लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि यह सिर्फ एक साधारण धोखाधड़ी नहीं बल्कि पूरी तरह से योजनाबद्ध आपराधिक नेटवर्क हो सकता है।

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समाज के लिए बड़ा सवाल

इस घटना ने शादी जैसे रिश्ते में भरोसे और सामाजिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आजकल बढ़ते ऑनलाइन रिश्तों और जल्दबाजी में तय होने वाली शादियों के बीच ऐसे मामले लोगों को सावधान रहने का संदेश दे रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि शादी तय करने से पहले परिवार और व्यक्ति की पूरी जानकारी, पहचान और दस्तावेजों की जांच बेहद जरूरी हो गई है, ताकि कोई भी परिवार इस तरह की ठगी का शिकार न बने।

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