UPI MDR New Date: दिवाली के बाद लागू होगा नया चार्ज, जानें किन पेमेंट पर पड़ेगा असर
नई दिल्ली। UPI Payment New Rules: अगर आप Google Pay, PhonePe, Paytm या किसी दूसरे ऐप से भुगतान करते हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने चुनिंदा UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने का फैसला दिवाली के बाद तक टाल दिया है। यह शुल्क पहले 15 अक्टूबर 2026 से लागू होना था, लेकिन अब इसकी नई तारीख अलग से घोषित की जाएगी।

UPI MDR New Date:
NPCI की UPI और सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी ने यह फैसला त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए लिया है। दिवाली के दौरान बाजारों में खरीदारी और डिजिटल पेमेंट बढ़ जाते हैं। ऐसे समय में कारोबारियों के भुगतान खर्च में अचानक बदलाव न हो, इसलिए नए फ्रेमवर्क को लागू करने की तारीख आगे बढ़ाई गई है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर UPI ट्रांजैक्शन पर अब शुल्क लगेगा। नया फ्रेमवर्क चुनिंदा मर्चेंट भुगतानों पर लागू होना है। आम लोगों के बीच पैसे भेजने और सामान्य छोटे भुगतानों पर इसका असर अलग-अलग नियमों के अनुसार तय होगा।
कब लागू होने वाला था UPI पर MDR चार्ज?
NPCI के नए फ्रेमवर्क के तहत कुछ चुनिंदा UPI भुगतानों पर MDR लागू करने की योजना बनाई गई थी। इसे 15 अक्टूबर 2026 से शुरू किया जाना था। लेकिन 13 अक्टूबर को सामने आई जानकारी के अनुसार, अब इसे दिवाली के तुरंत बाद लागू किया जाएगा और नई तारीख बाद में बताई जाएगी।
MDR यानी Merchant Discount Rate वह शुल्क है, जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले व्यापारी या संबंधित मर्चेंट पक्ष से भुगतान प्रक्रिया के लिए लिया जाता है। इसमें बैंक और पेमेंट सेवा से जुड़ी कंपनियां शामिल हो सकती हैं।
इसलिए MDR को सीधे UPI इस्तेमाल करने वाले हर ग्राहक पर लगाया जाने वाला शुल्क समझना सही नहीं होगा। यह देखना जरूरी है कि भुगतान किस श्रेणी में आता है और संबंधित नियम किस पर लागू होते हैं।
किन UPI पेमेंट पर लग सकता है चार्ज?
नए फ्रेमवर्क में अलग-अलग प्रकार के मर्चेंट ट्रांजैक्शन के लिए अलग दरें प्रस्तावित की गई हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, चुनिंदा मर्चेंट भुगतानों में 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत तक MDR और अधिकतम 300 रुपये की सीमा का प्रावधान बताया गया है। वहीं, शेयर बाजार और निवेश से जुड़े कुछ भुगतानों के लिए अलग दर निर्धारित की गई है।

UPI पेमेंट पर लग सकता है चार्ज?
इसका अर्थ है कि हर UPI भुगतान पर एक ही दर लागू नहीं होगी। शुल्क भुगतान की श्रेणी और लागू नियमों पर निर्भर करेगा।
निवेश से जुड़े चुनिंदा भुगतानों में म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज, स्टॉक ब्रोकर, डीलर और निवेश प्लेटफॉर्म से संबंधित लेनदेन शामिल हो सकते हैं। इन श्रेणियों के लिए 0.02 प्रतिशत MDR और प्रति ट्रांजैक्शन अधिकतम 300 रुपये की सीमा बताई गई है।0.02% MDR का हिसाब कैसे समझें?
निवेश से जुड़े पात्र लेनदेन में 0.02 प्रतिशत की दर का मतलब है कि हर 1,000 रुपये पर 20 पैसे के हिसाब से शुल्क की गणना होगी।
उदाहरण के तौर पर:
- 1 लाख रुपये के पात्र लेनदेन पर 20 रुपये।
- 5 लाख रुपये के पात्र लेनदेन पर 100 रुपये।
- 10 लाख रुपये के पात्र लेनदेन पर 200 रुपये।
- 15 लाख रुपये के पात्र लेनदेन पर 300 रुपये।
यह गणना केवल 0.02 प्रतिशत वाली पात्र निवेश-श्रेणी के लिए है। इसे सामान्य दुकानों पर होने वाले सभी UPI भुगतानों पर लागू दर न समझें। वास्तविक शुल्क और इसे वहन करने वाले पक्ष की पुष्टि संबंधित भुगतान सेवा और लागू नियमों से करनी चाहिए।
क्या 2,000 रुपये तक के UPI पेमेंट पर चार्ज लगेगा?
उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, नए फ्रेमवर्क में 2,000 रुपये तक के सामान्य UPI मर्चेंट लेनदेन को इस प्रस्तावित शुल्क से अलग रखा गया है। इसी तरह, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले सामान्य पैसे के ट्रांसफर पर MDR लागू होने की बात नहीं है।
इसलिए अगर कोई व्यक्ति दोस्त या परिवार के सदस्य को UPI के जरिए पैसे भेजता है, तो उसे इस प्रस्तावित मर्चेंट शुल्क के समान नहीं समझना चाहिए। इसी तरह, छोटी खरीदारी के लिए सामान्य UPI भुगतान करने वाले लोगों पर भी नियम का असर सभी लेनदेन में एक जैसा नहीं होगा।
हालांकि, केवल रकम देखकर हर भुगतान के बारे में निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। भुगतान की श्रेणी और संबंधित मर्चेंट का प्रकार भी महत्वपूर्ण है।
म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए क्या बदलेगा?
शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड से जुड़े कुछ एकमुश्त UPI भुगतानों के लिए 0.02 प्रतिशत MDR का प्रावधान बताया गया है। इसका संबंध निवेश प्लेटफॉर्म, ब्रोकर और संबंधित भुगतान श्रेणियों से है।
लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि निवेशक के खाते से हर बार यही शुल्क काटा जाएगा। MDR किस पक्ष से वसूला जाएगा और क्या कोई प्लेटफॉर्म इसे ग्राहकों पर डालता है, यह संबंधित नियमों और सेवा की शर्तों पर निर्भर करेगा।
इसके अलावा, म्यूचुअल फंड SIP जैसे नियमित भुगतान, जो UPI AutoPay या दूसरे आवर्ती मैंडेट के जरिए होते हैं, उन्हें सामान्य एकमुश्त भुगतान से अलग माना गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, ऐसे आवर्ती भुगतानों को निर्धारित MDR से छूट दी गई है।
दिवाली तक कारोबारियों को क्यों मिली राहत?
त्योहारी सीजन में खुदरा दुकानों, बाजारों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लेनदेन बढ़ जाता है। ऐसे समय में भुगतान संबंधी नियमों में बदलाव कारोबारियों के लिए अतिरिक्त तैयारी की जरूरत पैदा कर सकता है।
MDR लागू करने की तारीख आगे बढ़ने से कारोबारियों और भुगतान सेवा प्रदाताओं को नई व्यवस्था के लिए तैयारी का अधिक समय मिलेगा। हालांकि, यह केवल लागू करने की तारीख टलने का फैसला है; इसे शुल्क व्यवस्था पूरी तरह रद्द होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
व्यापारियों के लिए यह समझना जरूरी होगा कि उनके कारोबार की श्रेणी पर कौन-सी दर लागू होगी, शुल्क किस पक्ष को देना होगा और भुगतान सेवा प्रदाता की शर्तें क्या होंगी।
ग्राहकों को अभी क्या करना चाहिए?
फिलहाल UPI इस्तेमाल करने वाले लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। सामान्य डिजिटल भुगतान करते समय यह मान लेना गलत होगा कि हर लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क लगेगा।
अगर आप निवेश प्लेटफॉर्म पर UPI से भुगतान करते हैं या बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन करते हैं, तो संबंधित प्लेटफॉर्म की फीस और भुगतान नियमों की जांच करें। कारोबारियों को भी अपने बैंक या पेमेंट सेवा प्रदाता से MDR की लागू श्रेणी और शुल्क की पुष्टि करनी चाहिए।
NPCI की ओर से नई लागू तारीख घोषित होने के बाद नियमों की वास्तविक शुरुआत और विस्तृत शर्तों की स्थिति और स्पष्ट होगी।
निष्कर्ष
UPI पर चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन के लिए प्रस्तावित MDR व्यवस्था को 15 अक्टूबर 2026 से लागू किया जाना था, लेकिन NPCI ने इसे दिवाली के बाद तक टाल दिया है। नई तारीख अलग से घोषित की जाएगी।
आम लोगों के बीच पैसे भेजने और सामान्य छोटे भुगतानों को इस प्रस्तावित शुल्क से अलग समझना चाहिए। वहीं, निवेश और कुछ बड़े मर्चेंट भुगतानों के लिए अलग दरें हो सकती हैं। इसलिए UPI यूजर्स और कारोबारियों के लिए सबसे जरूरी है कि वे अपने लेनदेन की श्रेणी और आधिकारिक नियमों की पुष्टि करें।
















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