प्रदेश सह मीडिया प्रभारी डॉ. अनिल पटेल ने केंद्रीय Budget का स्वागत करते हुए इसे देश के सर्वांगीण विकास, किसानों की समृद्धि और मध्यम वर्ग को राहत देने वाला ऐतिहासिक दस्तावेज बताया है।
बजट के मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने निम्नलिखित महत्वपूर्ण घोषणाओं को रेखांकित किया:
शिक्षा और नारी शक्ति का सशक्तिकरण :
डॉ. पटेल ने बताया कि शिक्षा क्षेत्र में निवेश के तहत देश के हर जिले में एक बालिका छात्रावास की स्थापना की जाएगी। साथ ही, महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए ‘SHE’ (Self-help Entrepreneur) मार्क्स के रूप में सामुदायिक खुदरा दुकानें स्थापित होंगी, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।
कृषि में AI क्रांति और आत्मनिर्भरता :
कृषि क्षेत्र के लिए ‘भारत विस्तार’ (बहुभाषी AI टूल) लॉन्च करने का प्रस्ताव है, जो किसानों को ICAR की आधुनिक पद्धतियों से सीधे जोड़ेगा। नारियल, काजू और कोको उत्पादन के लिए विशेष संवर्धन योजनाओं के माध्यम से भारत को 2030 तक ग्लोबल ब्रांड बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
करदाताओं को बड़ी राहत और सरलीकरण :
मध्यम वर्ग और छोटे करदाताओं के लिए बजट में विशेष प्रावधान हैं ।
ITR सुधार: रिटर्न में गड़बड़ी या आय छिपाने पर अब सजा के बजाय केवल शुल्क या अतिरिक्त टैक्स का प्रावधान कर प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।
TCS में कटौती: विदेश में शिक्षा और चिकित्सा के लिए LRS के तहत TCS की दर 5% से घटाकर 2% कर दी गई है।
दावा राहत: मोटर दुर्घटना न्यायाधिकरण से प्राप्त ब्याज को अब आयकर मुक्त कर दिया गया है।
राज्यों का विकास और बुनियादी ढांचा 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत राज्यों को 14 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। साथ ही, हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में पारिस्थितिक रूप से टिकाऊ पर्वतीय मार्गों का विकास होगा। बैंकिंग क्षेत्र की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय समिति और NBFCs के पुनर्गठन से अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
जनता की जेब पर असर:
सस्ता: कैंसर की 17 दवाएं, दुर्लभ बीमारियों की दवाएं, सोलर उपकरण, जूते, बैटरी, माइक्रोवेव और बायोगैस मिक्स CNG।
महंगा: शराब, तंबाकू उत्पाद और स्क्रैप।
डॉ. अनिल पटेल ने अंत में कहा कि यह बजट न केवल वर्तमान की जरूरतों को पूरा करता है, बल्कि 2047 के विकसित भारत की मजबूत नींव भी रखता है।














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