आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की ओर बड़ा कदम: बजट 2026-27 पर डॉ. अनिल पटेल का बयान
मध्यप्रदेश के वर्ष 2026–27 के बजट को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक चर्चा जारी है। इसी क्रम में डॉ. अनिल पटेल, जो भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी हैं, ने इस बजट को “आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश” की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम बताया है। उनका कहना है कि यह बजट न केवल विकास की गति को तेज करेगा, बल्कि समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाने का मजबूत आधार भी तैयार करता है।
डॉ. पटेल के अनुसार, डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत बजट, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” के विज़न को जमीनी स्तर पर लागू करने की दिशा में एक ठोस प्रयास है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल वित्तीय प्रावधानों का संग्रह नहीं, बल्कि प्रदेश के दीर्घकालिक विकास का स्पष्ट रोडमैप है।
GYAN मॉडल: विकास का केंद्र
इस बजट की सबसे खास बात “GYAN” मॉडल है, जिसमें गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी को केंद्र में रखा गया है। डॉ. पटेल ने बताया कि सरकार ने जनता पर कोई नया कर नहीं लगाया है और किसी भी जनकल्याणकारी योजना में कटौती नहीं की गई, जिससे यह बजट जनहितकारी और संतुलित बनता है।
कृषि और किसान हित में बड़े प्रावधान
कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए कृषक उन्नति योजना में ₹5,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा 1 लाख सोलर सिंचाई पंपों का वितरण, 1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती का लक्ष्य और ₹25,000 करोड़ के कृषि ऋण का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए ₹1,299 करोड़ का आवंटन किसानों की सुरक्षा को और मजबूत करेगा।
महिला सशक्तिकरण पर विशेष फोकस
महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए ₹1.27 लाख करोड़ का बड़ा प्रावधान किया गया है। लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए ₹23,882 करोड़ की राशि निर्धारित की गई है, जो बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने में मदद करेगी। साथ ही औद्योगिक
1️⃣ आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की ओर बड़ा कदम: बजट 2026-27 पर डॉ. अनिल पटेल का बयान
2️⃣ GYAN मॉडल से विकास की नई दिशा, मध्यप्रदेश बजट को बताया ऐतिहासिक
3️⃣ बिना नए टैक्स का बजट: हर वर्ग को सशक्त बनाने का दावा
4️⃣ किसान, युवा और महिलाओं पर फोकस, विकासोन्मुखी बजट पेश
5️⃣ विकसित प्रदेश की नींव: बजट 2026-27 को मिला राजनीतिक समर्थन
6️⃣ जनहित और विकास का संतुलन, मध्यप्रदेश बजट की खासियत
7️⃣ कृषि से अधोसंरचना तक बड़े प्रावधान, सरकार का विकास रोडमैप
8️⃣ महिलाओं और युवाओं के लिए नए अवसरों वाला बजट
9️⃣ GYAN मॉडल बना बजट की पहचान, आत्मनिर्भरता पर जोर
🔟 आंकड़ों से आगे विज़न का बजट: प्रदेश को नई ऊंचाइयों की उम्मीद
क्षेत्रों में 5,700 वर्किंग वुमन हॉस्टल बनाने का निर्णय महिलाओं के रोजगार और स्वावलंबन को बढ़ावा देगा।
युवा, शिक्षा और रोजगार
युवाओं के लिए अहिल्याबाई कौशल विकास योजना, 294 नए सांदीपनी विद्यालय और 799 पीएम श्री विद्यालयों की स्थापना शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाएगी। खेल और तकनीकी विकास के लिए ₹815 करोड़ का प्रावधान युवाओं को नए अवसर प्रदान करेगा और उन्हें प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करेगा।
गरीब और वंचित वर्ग के लिए योजनाएँ
गरीब और वंचित वर्ग के उत्थान के लिए पीएम आवास योजना में ₹6,850 करोड़ का प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में ₹23,747 करोड़ का आवंटन बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। वहीं घुमंतू समुदायों के विकास के लिए ₹1,691 करोड़

आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की ओर बड़ा कदम: बजट 2026-27 पर डॉ. अनिल पटेल का बयान
की राशि सामाजिक समावेशन को मजबूत करेगी।
अधोसंरचना और धार्मिक पर्यटन
प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना में ₹21,630 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा उज्जैन सिंहस्थ 2028 के आयोजन के लिए ₹13,851 करोड़ की स्वीकृति से पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
डॉ. अनिल पटेल का मानना है कि यह बजट संतुलित, समावेशी और विकासोन्मुखी है। उनके अनुसार यह केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि “आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश” का ठोस विज़न है, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश को आर्थिक और सामाजिक रूप से नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।














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