Advertisement

SIR Supreme Court Decision: सुप्रीम कोर्ट ने SIR को ठहराया वैध, बीजेपी ने किया स्वागत, विपक्ष ने उठाए सवाल

SIR Supreme Court Decision:

SIR Supreme Court Decision: सुप्रीम कोर्ट ने SIR को ठहराया वैध, बीजेपी ने किया स्वागत, विपक्ष ने उठाए सवाल

SIR Supreme Court Decision: चुनाव आयोग की प्रक्रिया को मिली संवैधानिक मान्यता

SIR Supreme Court Decision:

SIR Supreme Court Decision:

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR को वैध करार देते हुए बड़ा फैसला सुनाया। चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि चुनाव आयोग को संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत मतदाता सूची में नागरिकता की जांच करने का अधिकार है और यह स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए जरूरी प्रक्रिया है।

अदालत ने साफ किया कि चुनाव आयोग की यह जांच किसी व्यक्ति की नागरिकता पर अंतिम फैसला नहीं मानी जाएगी। यदि किसी मामले में दस्तावेज अधूरे पाए जाते हैं तो अंतिम निर्णय केंद्र सरकार की सक्षम प्राधिकरण द्वारा नागरिकता कानून के तहत लिया जाएगा।

SIR Supreme Court Decision: याचिकाकर्ताओं की दलील खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने उन दलीलों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि SIR के जरिए पीछे के दरवाजे से नागरिकता जांच की जा रही है। याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि चुनाव आयोग अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर नागरिकता तय करने की कोशिश कर रहा है।

कोर्ट ने माना कि SIR सामान्य प्रक्रिया से अलग और असाधारण परिस्थिति में लागू की गई प्रक्रिया है, लेकिन इसे असंवैधानिक नहीं कहा जा सकता। अदालत ने यह भी कहा कि मतदाता सूची संशोधन से जुड़े आवश्यक सुरक्षा उपायों का पालन किया गया।

SIR Supreme Court Decision: बिहार से शुरू हुई प्रक्रिया, अब 12 राज्यों तक विस्तार

SIR Supreme Court Decision:

SIR Supreme Court Decision:

बिहार में SIR की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखने वाले इस फैसले का असर देशभर में होने वाले आगामी SIR पर भी पड़ेगा। बिहार में सुनवाई जारी रहने के दौरान ही पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और असम समेत 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR का दूसरा चरण शुरू हो चुका था। इसमें करीब 51 करोड़ मतदाता शामिल हैं।

SIR Supreme Court Decision: प्रशांत भूषण बोले – न्यायपालिका के लिए काला दिन

SIR Supreme Court Decision:

SIR Supreme Court Decision:

वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को न्यायपालिका के लिए “काला दिन” बताया। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में चुनाव होने के महीनों बाद यह फैसला आया और SIR प्रक्रिया के दौरान लाखों मतदाताओं के नाम हटाए गए।

उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी प्रक्रिया अपारदर्शी तरीके से चलाई गई और इससे लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा है।

SIR Supreme Court Decision: योगेंद्र यादव ने भी जताई नाराजगी

राजनीतिक विश्लेषक और SIR मामले के याचिकाकर्ता योगेंद्र यादव ने कहा कि उन्हें इस फैसले से आश्चर्य नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि अदालत ने संवैधानिक सिद्धांतों की गहराई से जांच करने के बजाय प्रशासनिक प्रक्रिया पर ज्यादा ध्यान दिया।

योगेंद्र यादव ने दावा किया कि लाखों नागरिकों को मताधिकार से वंचित किए जाने को अब कानूनी वैधता मिल गई है। उनके मुताबिक अब तक करीब 5.9 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं और यह आंकड़ा आगे बढ़ सकता है।

SIR Supreme Court Decision: बीजेपी ने फैसले का किया स्वागत

भारतीय जनता पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। बीजेपी का कहना है कि SIR का विरोध इसलिए किया जा रहा था क्योंकि विपक्ष फर्जी मतदाताओं और घुसपैठियों को संरक्षण देना चाहता है।

बीजेपी सांसद Sudhanshu Trivedi ने कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाए रखने के लिए यह प्रक्रिया बेहद जरूरी थी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया को संवैधानिक रूप से सही ठहराया है।

SIR Supreme Court Decision: चुनाव आयोग को मिली बड़ी राहत

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद चुनाव आयोग को बड़ी राहत मिली है। अब आगामी राज्यों में होने वाले SIR अभियान को संवैधानिक समर्थन मिल गया है। वहीं विपक्ष इस फैसले को लोकतंत्र और मताधिकार के खिलाफ बताते हुए लगातार सवाल उठा रहा है।

 

Share on social media

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *