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Gen-Z को AI का डर: अमेरिका में 55% युवा चिंतित, नौकरी जाने से लेकर भविष्य तक की सता रही चिंता

Gen-Z को AI का डर! अमेरिका में 55% युवा चिंतित, नौकरी जाने से लेकर भविष्य तक की सता रही चिंता

Gen-Z को AI का डर:  Gen-Z को AI का डर! अमेरिका में 55% युवा चिंतित, नौकरी जाने से लेकर भविष्य तक की बढ़ी टेंशन

Gen-Z को AI का डर: अमेरिका में 55% युवा चिंतित, नौकरी जाने से लेकर भविष्य तक की सता रही चिंता

Gen-Z को AI का डर:

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI ने पढ़ाई, नौकरी, बिजनेस और रोजमर्रा की जिंदगी में तेजी से जगह बनाई है। युवा पीढ़ी इसका इस्तेमाल चैटबॉट, कंटेंट क्रिएशन, पढ़ाई और दूसरे डिजिटल कामों के लिए कर रही है। लेकिन अब इसी AI को लेकर युवाओं में चिंता भी बढ़ती दिखाई दे रही है।

अमेरिका में हुए हालिया Pew Research Center के सर्वे में सामने आया कि युवा वर्ग AI के भविष्य को लेकर अपेक्षाकृत ज्यादा चिंतित है। फरवरी 2026 में 5,119 अमेरिकी वयस्कों के बीच किए गए सर्वे में उम्र के हिसाब से AI को लेकर लोगों की राय का अध्ययन किया गया।

Gen-Z को AI का डर:  18 से 29 साल के युवा AI को लेकर ज्यादा चिंतित

Gen-Z को AI का डर: अमेरिका में 55% युवा चिंतित, नौकरी जाने से लेकर भविष्य तक की सता रही चिंता

Gen-Z को AI का डर:

Pew Research Center के मुताबिक, 18 से 29 साल के अमेरिकी युवाओं में AI के समाज पर भविष्य के प्रभाव को लेकर नकारात्मक राय रखने वालों की हिस्सेदारी 48% है। वहीं, 37% युवाओं का मानना है कि अगले 20 वर्षों में AI का उनके व्यक्तिगत जीवन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

यानी जिस युवा वर्ग को नई तकनीक अपनाने में सबसे आगे माना जाता है, उसी वर्ग में AI के भविष्य को लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं।

Gen-Z को AI का डर:  AI से नौकरी जाने का डर सबसे बड़ी चिंता

युवाओं की चिंता का सबसे बड़ा कारण रोजगार और करियर भी है। AI लगातार ऐसे कामों में इस्तेमाल हो रहा है, जिन्हें पहले इंसान करते थे। कंटेंट लिखने, डेटा का विश्लेषण करने, डिजाइन बनाने और ग्राहक सेवा जैसे कई क्षेत्रों में AI आधारित टूल तेजी से इस्तेमाल हो रहे हैं।

Pew Research Center के एक अलग अध्ययन में भी अमेरिकी जनता ने कई नौकरियों पर AI के असर को लेकर चिंता जताई थी। उदाहरण के लिए, 73% अमेरिकी वयस्कों ने कहा था कि अगले 20 वर्षों में AI के कारण कैशियर की नौकरियां कम हो सकती हैं। वहीं, पत्रकारिता में भी करीब 59% लोगों ने नौकरियों में कमी की संभावना जताई।

Gen-Z को AI का डर:  AI का इस्तेमाल भी सबसे ज्यादा युवा कर रहे

दिलचस्प बात यह है कि AI को लेकर चिंता करने वाले युवा ही इसका इस्तेमाल भी बड़े स्तर पर कर रहे हैं। Pew के 2026 अध्ययन में 18-29 आयु वर्ग के 61% युवाओं ने बताया कि उन्होंने ChatGPT का इस्तेमाल किया है। Gemini, Copilot और दूसरे AI चैटबॉट्स का इस्तेमाल भी युवा वर्ग में अपेक्षाकृत ज्यादा है।

इससे एक विरोधाभासी तस्वीर सामने आती है—युवा AI को अपनाने में आगे हैं, लेकिन इसके लंबे समय के प्रभाव को लेकर भी सबसे ज्यादा सवाल उठा रहे हैं।

Gen-Z को AI का डर:  पढ़ाई और करियर पर असर की चिंता

Gen-Z को AI का डर: अमेरिका में 55% युवा चिंतित, नौकरी जाने से लेकर भविष्य तक की सता रही चिंता

Gen-Z को AI का डर:

AI के बढ़ते इस्तेमाल ने शिक्षा के क्षेत्र में भी बहस बढ़ा दी है। छात्रों के लिए AI रिसर्च, जानकारी जुटाने और सवालों के जवाब पाने का आसान माध्यम बन गया है। लेकिन इसके साथ यह सवाल भी उठ रहा है कि कहीं AI पर अत्यधिक निर्भरता युवाओं की सोचने और समस्या हल करने की क्षमता को प्रभावित तो नहीं करेगी।

Pew Research Center के अनुसार, अमेरिका में AI के संभावित प्रभाव को लेकर लोगों की चिंता केवल नौकरियों तक सीमित नहीं है। कई लोगों को रचनात्मक सोच और मानवीय संबंधों पर भी AI के असर की चिंता है।

Gen-Z को AI का डर:  युवा AI के भविष्य को लेकर ज्यादा सशंकित

2026 के Pew सर्वे में 18-29 साल के युवा अन्य आयु वर्गों की तुलना में AI के भविष्य को लेकर अधिक नकारात्मक नजर आए। करीब आधे युवाओं ने समाज पर AI के अगले 20 वर्षों के प्रभाव को नकारात्मक बताया, जबकि केवल 14% ने इसके सकारात्मक प्रभाव की बात कही।

व्यक्तिगत स्तर पर भी युवाओं की चिंता ज्यादा है। 37% युवाओं ने कहा कि AI का आने वाले वर्षों में उन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जबकि 20% ने सकारात्मक प्रभाव की उम्मीद जताई।

Gen-Z को AI का डर:  AI से डर क्यों बढ़ रहा है?

AI की क्षमता जितनी तेजी से बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से इससे जुड़े सवाल भी सामने आ रहे हैं। युवाओं के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आने वाले समय में उनकी मौजूदा स्किल्स और नौकरियों की क्या स्थिति होगी।

कई युवाओं को लगता है कि अगर AI लगातार इंसानों की जगह काम करने लगा तो प्रतियोगिता और रोजगार का स्वरूप बदल सकता है। इसके अलावा AI से जुड़े गलत सूचना, प्राइवेसी और मानव रचनात्मकता पर असर जैसे मुद्दे भी चिंता बढ़ा रहे हैं।

Gen-Z को AI का डर:  AI को लेकर अमेरिका में पहले से चिंता

AI को लेकर अमेरिका में चिंता कोई नई बात नहीं है। Pew Research Center के 2025 के अध्ययन में 50% अमेरिकी वयस्कों ने कहा था कि रोजमर्रा की जिंदगी में AI के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर वे उत्साहित होने के बजाय ज्यादा चिंतित हैं। 2021 में यह आंकड़ा 37% था।

इससे पता चलता है कि AI के तेजी से विस्तार के साथ लोगों की चिंता भी बढ़ी है। हालांकि AI को लेकर सकारात्मक उम्मीद रखने वाले लोग भी बड़ी संख्या में मौजूद हैं।

AI से डर या बदलाव की तैयारी?

विशेषज्ञों और तकनीकी कंपनियों के लिए यह आंकड़ा महत्वपूर्ण है। AI का विकास रुकने वाला नहीं है, लेकिन युवाओं की बढ़ती चिंता यह संकेत देती है कि तकनीक के साथ स्किल डेवलपमेंट, रोजगार सुरक्षा और जिम्मेदार AI इस्तेमाल पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।

AI युवाओं के लिए खतरा है या अवसर, इसका जवाब आने वाले वर्षों में तकनीक के इस्तेमाल और सरकारों, कंपनियों तथा शिक्षण संस्थानों की नीतियों से तय होगा। फिलहाल आंकड़े इतना जरूर बताते हैं कि Gen-Z AI को इस्तेमाल तो कर रही है, लेकिन उसके भविष्य को लेकर पूरी तरह निश्चिंत नहीं है।

स्रोत: Pew Research Center की 2026 रिपोर्ट के अनुसार 18-29 वर्ष के युवा AI के संभावित भविष्य के प्रभाव को लेकर अन्य आयु समूहों की तुलना में अधिक संशय रखते हैं।

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