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Packaged Food and Cancer Risk: पैकेज्ड और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड कितना बढ़ा सकते हैं कैंसर का खतरा? जानें PMC की जानकारी

तेल-मसाले वाला खाना भी जोखिम बढ़ाता है?

Packaged Food and Cancer Risk: थाली में छिपा खतरा? पैकेज्ड और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड से कितना बढ़ सकता है कैंसर का जोखिम, जानें PMC की जानकारी

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बाहर का खाना, पैकेज्ड फूड और रेडी-टू-ईट प्रोडक्ट लोगों की डाइट का हिस्सा बनते जा रहे हैं। स्वाद और सुविधा के कारण इनका इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। चिप्स, पैकेज्ड स्नैक्स, इंस्टेंट फूड और कई तरह के प्रोसेस्ड प्रोडक्ट आसानी से उपलब्ध होते हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या इनका लगातार और ज्यादा सेवन हमारी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है?

                                                 Packaged Food and Cancer Risk:

दिए गए PMC स्रोत के अनुसार, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड (UPF) का पोषण संबंधी प्रोफाइल कई मामलों में खराब हो सकता है। इनमें फ्री शुगर, सोडियम, सैचुरेटेड और ट्रांस फैट तथा एनर्जी डेंसिटी अधिक हो सकती है, जबकि डाइटरी फाइबर, अच्छी गुणवत्ता वाले प्रोटीन और कुछ जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की मात्रा कम हो सकती है।

हालांकि, यह समझना जरूरी है कि किसी एक पैकेज्ड फूड को खाने से सीधे कैंसर हो जाता है, ऐसा निष्कर्ष इस जानकारी से नहीं निकाला जा सकता। कैंसर का जोखिम कई कारकों पर निर्भर करता है और खानपान उनमें से एक संभावित कारक हो सकता है।

क्या होते हैं अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड?

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड यानी UPF ऐसे खाद्य पदार्थ होते हैं जिनमें कई औद्योगिक प्रक्रियाओं और ऐसे घटकों का इस्तेमाल किया जाता है, जो आमतौर पर घर में खाना बनाते समय इस्तेमाल नहीं होते।

दिए गए स्रोत के मुताबिक, कुछ UPF में साबुत खाद्य पदार्थों की जगह रिफाइंड स्टार्च, प्रोटीन आइसोलेट्स, हाइड्रोजनेटेड ऑयल और हाई-फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप जैसे प्रोसेस्ड घटकों का इस्तेमाल किया जाता है।

इसके अलावा स्वाद, रंग, टेक्सचर, दिखावट और लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए अलग-अलग एडिटिव्स का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

Packaged Food and Cancer Risk: पैकेज्ड फूड का न्यूट्रिशनल प्रोफाइल क्यों चिंता की वजह?

PMC में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, UPF की प्रमुख कमियों में उनका खराब न्यूट्रिशनल प्रोफाइल शामिल है।

इन खाद्य पदार्थों में कई बार:

  • फ्री शुगर की मात्रा अधिक हो सकती है।
  • सोडियम ज्यादा हो सकता है।
  • सैचुरेटेड और ट्रांस फैट की मात्रा अधिक हो सकती है।
  • कैलोरी यानी एनर्जी डेंसिटी ज्यादा हो सकती है।
  • डाइटरी फाइबर अपेक्षाकृत कम हो सकता है।
  • जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स कम मात्रा में मिल सकते हैं।

अगर किसी व्यक्ति की डाइट में ऐसे खाद्य पदार्थों की मात्रा लगातार ज्यादा रहती है और पौष्टिक, ताजा तथा कम प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों की जगह कम हो जाती है, तो उसकी पूरी डाइट का पोषण संतुलन प्रभावित हो सकता है।

UPF और शरीर में सूजन का क्या संबंध है?

दिए गए स्रोत में बताया गया है कि बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड फूड का सेवन शरीर में लंबे समय तक रहने वाली हल्की सूजन यानी क्रोनिक इन्फ्लेमेशन को बढ़ावा देने से जुड़ा हो सकता है।

शरीर में लगातार बनी रहने वाली सूजन को कई गैर-संचारी बीमारियों के जोखिम से जोड़ा गया है। इसी संदर्भ में स्रोत कैंसर और कार्डियोमेटाबोलिक बीमारियों की चर्चा करता है।

लेकिन यहां भी यह अंतर समझना जरूरी है कि किसी खाद्य पदार्थ और बीमारी के बीच संबंध पाया जाना, यह साबित नहीं करता कि वही खाद्य पदार्थ बीमारी का सीधा कारण है।

Packaged Food and Cancer Risk: शरीर की कोशिकाओं पर क्या असर पड़ सकता है?

PMC की दी गई जानकारी के अनुसार, UPF के पोषण संबंधी गुण और उनकी बनावट शरीर में होने वाली कुछ जैविक प्रक्रियाओं से जुड़े हो सकते हैं।

स्रोत में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस, इम्यून सेल प्रोलिफरेशन, एपोप्टोसिस यानी कोशिकाओं की नियंत्रित मृत्यु और सिग्नलिंग पाथवे जैसे बदलावों का उल्लेख किया गया है।

शरीर में कोशिकाओं का निर्माण, विकास और मृत्यु बेहद नियंत्रित प्रक्रियाएं हैं। इनमें लंबे समय तक होने वाले असामान्य बदलाव कई बीमारियों के जोखिम से जुड़े हो सकते हैं। इसी वजह से वैज्ञानिक खानपान और जीवनशैली को बीमारी के जोखिम के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानते हैं।

Packaged Food and Cancer Risk:क्या ज्यादा तेल-मसाले वाला खाना भी जोखिम बढ़ाता है?

सिर्फ पैकेज्ड फूड ही नहीं, बल्कि लगातार बहुत ज्यादा कैलोरी, तेल, नमक और कम पोषण वाला भोजन भी संतुलित डाइट का हिस्सा नहीं माना जा सकता।

                                      तेल-मसाले वाला खाना भी जोखिम बढ़ाता है?

बाहर के खाने में इस्तेमाल होने वाले तेल, नमक और अन्य सामग्री की मात्रा हर बार व्यक्ति को पता नहीं होती। अगर ऐसा खाना नियमित रूप से लिया जाए और फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें तथा अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ कम हो जाएं, तो डाइट का संतुलन बिगड़ सकता है।

इसलिए कभी-कभार पसंदीदा खाना खाने और रोजाना बड़ी मात्रा में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड खाने के बीच अंतर समझना जरूरी है।

कैंसर का खतरा कम करने के लिए क्या करें?

कैंसर से बचाव के लिए केवल एक खाद्य पदार्थ को जिम्मेदार मानना सही तरीका नहीं है। अपनी पूरी जीवनशैली और डाइट पर ध्यान देना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

डाइट में अधिक से अधिक ताजे और कम प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं। फल, सब्जियां, दालें, साबुत अनाज और अन्य पोषक खाद्य पदार्थ संतुलित खानपान का हिस्सा हो सकते हैं।

वहीं पैकेज्ड स्नैक्स, अत्यधिक मीठे उत्पाद और बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखना बेहतर हो सकता है।

इसके साथ पर्याप्त शारीरिक गतिविधि, स्वस्थ वजन बनाए रखना और तंबाकू जैसे ज्ञात कैंसर जोखिम कारकों से दूरी रखना भी महत्वपूर्ण है।

Packaged Food and Cancer Risk: हर पैकेज्ड फूड को कैंसरकारी समझना सही नहीं

यह सबसे जरूरी बात है। पैकेज्ड फूड और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड एक ही चीज नहीं हैं, और हर पैकेज्ड उत्पाद को कैंसर का कारण बताना सही नहीं होगा।

किसी खाद्य पदार्थ का पैकेज्ड होना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि वह कैंसरकारी है। असली सवाल उसकी सामग्री, पोषण संरचना, प्रोसेसिंग और व्यक्ति की पूरी डाइट में उसकी मात्रा का है।

इसी तरह, कैंसर एक जटिल बीमारी है, जिसके पीछे आनुवंशिक, पर्यावरणीय, जीवनशैली और अन्य कई कारक हो सकते हैं।

निष्कर्ष

आज के समय में सुविधा और स्वाद के कारण पैकेज्ड तथा अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का इस्तेमाल बढ़ रहा है। लेकिन अगर ऐसे खाद्य पदार्थ डाइट का बड़ा हिस्सा बन जाएं, तो शरीर को मिलने वाले पोषण का संतुलन प्रभावित हो सकता है।

दिए गए PMC स्रोत में UPF के खराब न्यूट्रिशनल प्रोफाइल, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और क्रोनिक इन्फ्लेमेशन जैसे संभावित स्वास्थ्य संबंधों पर चर्चा की गई है। इन्हीं कारणों से संतुलित और पोषक खानपान को प्राथमिकता देना बेहतर है।

ध्यान रखें: केवल पैकेज्ड फूड खाने से कैंसर होना निश्चित नहीं है। कैंसर के जोखिम को लेकर व्यक्तिगत सलाह के लिए डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श करें। यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है, किसी बीमारी के निदान या उपचार का विकल्प नहीं है।

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