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कल्पना मिश्रा-नवजात मौत मामला: डिप्टी CM के आवास पर धरना, स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग

कल्पना मिश्रा-नवजात मौत मामला: डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल के आवास पर युवा कांग्रेस का धरना, स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग; पुलिस से धक्का-मुक्की के बाद कार्यकर्ता हिरासत में

रीवा: प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के मामले को लेकर मध्य प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। इस मामले में युवा कांग्रेस ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के आवास पर प्रदर्शन किया। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उनके आवास पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए।

युवा कांग्रेस का धरना, स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग;

युवा कांग्रेस का धरना, स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग: 

प्रदर्शनकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई की स्थिति भी बन गई। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाया और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बाहर किया।

डिप्टी CM के आवास पर पहुंचे युवा कांग्रेस कार्यकर्ता

प्रसूता कल्पना मिश्रा एवं उनके नवजात की मौत के मामले को लेकर युवा कांग्रेस लगातार सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठा रही है। इसी कड़ी में युवा कांग्रेस के प्रदेश पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के आवास का रुख किया।

युवा कांग्रेस का धरना, स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग;

डिप्टी CM के आवास पर पहुंचे युवा कांग्रेस कार्यकर्ता

प्रदर्शनकारियों ने आवास के बाहर धरना शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे को लेकर भी नारे लगाए गए।

युवा कांग्रेस का कहना है कि प्रसूता और नवजात की मौत के मामले में जवाबदेही तय की जानी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

इस्तीफे की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी

इस्तीफे की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी

धरने के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों की ओर से स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पताल प्रबंधन को लेकर सवाल उठाए गए।

युवा कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार के नेतृत्व में प्रदर्शन किए जाने की जानकारी दी गई है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार से मामले में कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।

कार्यकर्ताओं का आरोप है कि स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। इसी को लेकर उन्होंने सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।

कल्पना मिश्रा-नवजात मौत मामला:  पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की

डिप्टी सीएम के आवास पर प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई।

कुछ समय के लिए मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया। इसके बाद कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बाहर किया गया।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। पुलिस की कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारी वहां से हटाए गए।

कल्पना मिश्रा और नवजात की मौत का मामला

यह पूरा प्रदर्शन प्रसूता कल्पना मिश्रा एवं उनके नवजात की मौत के मामले को लेकर किया गया। युवा कांग्रेस इस मामले में लगातार स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है।

युवा कांग्रेस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

मामले को लेकर इससे पहले भी विरोध-प्रदर्शन और धरना किया जा चुका है। अब युवा कांग्रेस ने डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री के आवास पर प्रदर्शन कर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की है।

प्रदेश अध्यक्ष भी धरने में शामिल

प्रदर्शन से जुड़ी जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश लखन घंघोरिया भी डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के आवास पर धरने में शामिल हुए।

कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए मामले में कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के मामले में पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जवाबदेही की मांग

युवा कांग्रेस लगातार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार को घेर रही है। संगठन का कहना है कि अस्पतालों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलना जरूरी है और किसी भी लापरवाही की स्थिति में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

कल्पना मिश्रा एवं उनके नवजात की मौत का मामला सामने आने के बाद से ही विपक्षी दल और विभिन्न संगठन इस मुद्दे को उठा रहे हैं। युवा कांग्रेस ने भी इस मामले को लेकर अपना आंदोलन तेज किया है।

डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के आवास पर हुए प्रदर्शन को इसी विरोध की अगली कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाया

प्रदर्शन के दौरान हंगामा बढ़ने के बाद पुलिस ने कार्यकर्ताओं को मौके से हटाया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बाहर किया। इसके बाद डिप्टी सीएम के आवास के आसपास स्थिति को नियंत्रित किया गया।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हुई धक्का-मुक्की का वीडियो और तस्वीरें भी सामने आने की बात कही गई है। हालांकि, इस घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक बयान से की जानी बाकी है।

क्या है युवा कांग्रेस की मांग?

युवा कांग्रेस की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—

  • कल्पना मिश्रा एवं उनके नवजात की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच।
  • कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई।
  • अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की जवाबदेही तय करना।
  • पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना।
  • स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग।

निष्कर्ष

कल्पना मिश्रा एवं उनके नवजात की मौत का मामला अब राजनीतिक मुद्दा भी बनता जा रहा है। युवा कांग्रेस ने डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के आवास पर धरना देकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर वहां से हटाया।

युवा कांग्रेस ने मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई है। अब इस मामले में सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की नजर है।

नोट: इस खबर में प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए आरोपों को आरोप के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है। किसी भी कथित लापरवाही या जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण जांच और संबंधित प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।

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