रीवा: कार्यपालन अभियंता के खिलाफ विंध्य आउटसोर्स कर्मचारियों का विरोध

रीवा: कार्यपालन अभियंता के खिलाफ विंध्य आउटसोर्स कर्मचारियों का विरोध, 48 घंटे में माफी नहीं तो 13 March से हड़ताल की चेतावनी
रीवा जिले में बिजली विभाग से जुड़े विंध्य आउटसोर्स कर्मचारी संगठन ने कार्यपालन अभियंता (Executive Engineer) पश्चिम संभाग भूपेश विक्रम सिंह के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि अधिकारी द्वारा उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और कई कर्मचारियों को काम से बाहर निकालने की धमकी भी दी गई। इस घटना के विरोध में संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी एकत्रित हुए और अपनी नाराजगी जाहिर की।
आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि विभाग में काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि वे कई वर्षों से बिजली विभाग की सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए कार्य कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अक्सर अधिकारियों के अपमानजनक व्यवहार का सामना करना पड़ता है।
भूपेश विक्रम सिंह ने कर्मचारियों के साथ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया
संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि हाल ही में हुई एक बैठक के दौरान कार्यपालन अभियंता भूपेश विक्रम सिंह ने कर्मचारियों के साथ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। इतना ही नहीं, कुछ कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की धमकी भी दी गई। इस व्यवहार से नाराज कर्मचारियों ने इसे आत्मसम्मान से जुड़ा मुद्दा बताते हुए विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया।
विंध्य आउटसोर्स कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा है कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव पैदा करना नहीं है, बल्कि कर्मचारियों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने मांग की है कि कार्यपालन अभियंता सार्वजनिक रूप से कर्मचारियों से माफी मांगें और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रशासन को 48 घंटे का ultimatum दिया गया है
प्रदर्शन के दौरान संगठन की ओर से प्रशासन को 48 घंटे का ultimatum दिया गया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 48 hours के भीतर कार्यपालन अभियंता द्वारा माफी नहीं मांगी जाती है तो 13 March 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल (Indefinite Strike) शुरू कर दी जाएगी।
संगठन का कहना है कि यदि हड़ताल होती है तो इसका सीधा असर बिजली व्यवस्था पर पड़ सकता है। आउटसोर्स कर्मचारी बिजली वितरण प्रणाली के maintenance, line fault repair, field work और emergency services जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में लगे रहते हैं। ऐसे में कर्मचारियों के काम बंद करने से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
कर्मचारियों ने यह भी कहा कि हड़ताल की स्थिति में Rewa city और आसपास के इलाकों में blackout जैसी स्थिति भी बन सकती है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान निकाला जाए ताकि बिजली व्यवस्था और आम जनता को परेशानी का सामना न करना पड़े।
फिलहाल संगठन ने 48 घंटे का समय दिया है और सभी कर्मचारियों को आंदोलन के लिए तैयार रहने को कहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन और बिजली विभाग इस पूरे मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या कर्मचारियों की मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय लिया जाता है या नहीं।
( 200+ outsourced workers अलग-अलग सेक्टर में काम कर रहे हैं )
विंध्य आउटसोर्स कर्मचारी संगठन के अनुसार विभाग में लगभग 200+ outsourced workers अलग-अलग सेक्टर में काम कर रहे हैं, जिन पर बिजली व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि 13 March से हड़ताल शुरू होती है तो इसका असर सीधे maintenance work, line repair और field operations पर पड़ेगा। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि रोजाना औसतन 50–70 complaints बिजली से संबंधित आती हैं, जिन्हें आउटसोर्स कर्मचारी ही ठीक करते हैं। ऐसे में यदि कर्मचारी काम बंद करते हैं तो शिकायतों की संख्या 2× या 3× तक बढ़ सकती है और कई इलाकों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो सकती है।
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