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CJP Protest: जंतर-मंतर से संसद तक हंगामा, जेपी नड्डा से मिले CJP नेता

CJP संसद मार्च दिल्ली में हिंसक प्रदर्शन, कई घायल;

CJP Protest: CJP संसद मार्च  दिल्ली में हिंसक प्रदर्शन, कई घायल; जेपी नड्डा के सामने रखीं 3 बड़ी मांगें

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में सोमवार को Cockroach Janta Party (CJP) के संसद मार्च ने बड़ा राजनीतिक और सुरक्षा घटनाक्रम पैदा कर दिया। जंतर-मंतर से संसद की ओर निकले हजारों प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच कई जगहों पर टकराव हुआ। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि संसद परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई, कई प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए और अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती करनी पड़ी।

प्रदर्शन के दौरान कई लोगों के घायल होने की खबरें सामने आई हैं। सुरक्षा एजेंसियों और प्रदर्शनकारियों दोनों पक्षों में चोटें आने की जानकारी मिली है। जंतर-मंतर और संसद के आसपास के इलाकों में एहतियात के तौर पर मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर भी अस्थायी रोक लगाई गई।

CJP Protest: जंतर-मंतर पर चला अभियान, हटाए गए टेंट

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दिन में लगभग 4 बजे सुरक्षा बलों ने जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल पर कार्रवाई की। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया और आंदोलन की शुरुआत में लगाए गए टेंट भी हटाए गए। इसके बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया।

प्रदर्शनकारी लगातार केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और अपनी मांगों पर अड़े रहे। वहीं प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया।

CJP Protest: संसद की सुरक्षा बढ़ाई गई

प्रदर्शन के दौरान संसद भवन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई। संसद के कई गेट बंद किए गए और सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर रहे। जैसे-जैसे प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ती गई, सुरक्षा एजेंसियों ने अतिरिक्त बल बुलाया।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा अधिकारियों का मानना था कि प्रदर्शन अपेक्षा से कहीं अधिक बड़ा हो गया, जिसके कारण अतिरिक्त इंतजाम करने पड़े।

CJP Protest: सरकार की लगातार बैठकें

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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने भी सक्रियता दिखाई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ बैठक की। इस बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी शामिल रहे।

सरकार की कोशिश रही कि प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर किसी शांतिपूर्ण समाधान तक पहुंचा जाए।

CJP Protest: जेपी नड्डा से मिले CJP नेता

इसी क्रम में CJP के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। मुलाकात के बाद आशुतोष रांका ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्होंने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं।

CJP की तीन प्रमुख मांगें

पहली मांग:
सोनम वांगचुक को तत्काल रिहा किया जाए और उन्हें वीडियो संदेश के माध्यम से लोगों को संबोधित करने की अनुमति दी जाए।

दूसरी मांग:
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए या उनका इस्तीफा स्वीकार किया जाए। CJP का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में हुई गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

तीसरी मांग:
नीट पेपर लीक मामले के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।

रांका ने बताया कि जेपी नड्डा के साथ दो चरणों में बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि नड्डा ने केवल इतना आश्वासन दिया है कि इन मांगों पर वरिष्ठ नेतृत्व से चर्चा की जाएगी और बाद में निर्णय से अवगत कराया जाएगा।

CJP Protest: अभिजीत दीपके ने समाप्त किया अनशन

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोमवार सुबह अपना अनशन समाप्त कर दिया। उन्होंने यह फैसला सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के संदेश के बाद लिया।

बताया गया कि वांगचुक ने संदेश भेजकर कहा कि आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए ऊर्जा बनाए रखना जरूरी है। इसके बाद दीपके ने अपना उपवास खत्म कर दिया।

23वें दिन भी जारी रहा आंदोलन

सोमवार को जंतर-मंतर पर CJP का आंदोलन 23वें दिन में प्रवेश कर गया। पिछले कुछ दिनों से आंदोलन लगातार चर्चा में बना हुआ है। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए प्रदर्शन स्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराया था, जिसके बाद आंदोलन और तेज हो गया।

CJP Protest: प्रदर्शन की मुख्य वजह

CJP का कहना है कि देशभर में सामने आए विभिन्न परीक्षा पेपर लीक मामलों को लेकर छात्रों में भारी नाराजगी है। पार्टी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, जवाबदेही तय करने और प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाने की मांग कर रही है। इसी मुद्दे को लेकर संसद मार्च का आयोजन किया गया।

फिलहाल क्या स्थिति है?

शाम तक सुरक्षा बलों ने जंतर-मंतर क्षेत्र को खाली करा दिया था, जबकि संसद के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह कड़ी बनी रही। सरकार और प्रदर्शनकारी नेताओं के बीच बातचीत का सिलसिला जारी है, लेकिन अब तक किसी अंतिम समझौते की घोषणा नहीं हुई है।

आने वाले समय में सरकार CJP की मांगों पर क्या फैसला लेती है और आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है, इस पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।

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