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BRICS Summit 2026: PM मोदी का हाथ पकड़कर क्यों चले ईरानी राष्ट्रपति? मसूद पेजेश्कियान ने भारत से रिश्तों पर कही बड़ी बात

BRICS Summit 2026: PM मोदी का हाथ पकड़कर क्यों चले ईरानी राष्ट्रपति? मसूद पेजेश्कियान ने भारत से रिश्तों पर कही बड़ी बात

BRICS Summit 2026: PM मोदी का हाथ पकड़कर क्यों चले ईरानी राष्ट्रपति? मसूद पेजेश्कियान ने भारत से रिश्तों पर कही बड़ी बात

नई दिल्ली: नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की एक तस्वीर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खूब ध्यान खींचा। तस्वीर में दोनों नेता एक-दूसरे का हाथ पकड़कर चलते नजर आए। इस तस्वीर के बाद भारत और ईरान के संबंधों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

ईरानी राष्ट्रपति? मसूद पेजेश्कियान ने भारत से रिश्तों पर कही बड़ी बात

                                 ईरानी राष्ट्रपति? मसूद पेजेश्कियान ने भारत से रिश्तों पर कही बड़ी बात

इसी दौरान ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भारत के साथ अपने देश के रिश्तों को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जब से उन्होंने राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभाली है, भारत और ईरान के संबंध तेजी से बेहतर हो रहे हैं।

पेजेश्कियान ने भारत और ईरान के बीच पुराने सांस्कृतिक संबंधों का भी जिक्र किया और कहा कि दोनों देशों की दोस्ती की जड़ें काफी गहरी हैं।

PM मोदी के साथ रिश्तों पर क्या बोले पेजेश्कियान?

भारत मंडपम में PM मोदी और मसूद पेजेश्कियान के हाथ पकड़कर चलने की तस्वीर सामने आने के बाद जब ईरानी राष्ट्रपति से इस बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने दोनों नेताओं के संबंधों पर बात की।

उन्होंने कहा कि PM मोदी के साथ ईरान के संबंध उनके कार्यभार संभालने के बाद तेजी से बेहतर हो रहे हैं।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब BRICS के मंच पर भारत और ईरान समेत सदस्य देशों के बीच सहयोग को लेकर लगातार चर्चा हो रही है।

पेजेश्कियान की टिप्पणी से यह संकेत मिलता है कि ईरान भारत के साथ अपने संबंधों को केवल मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों तक सीमित नहीं मानता, बल्कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों को भी अहमियत देता है।

BRICS Summit 2026:  भारत और ईरान की दोस्ती को बताया गहरा

                                      भारत और ईरान की दोस्ती को बताया गहरा

ईरानी राष्ट्रपति ने भारत और ईरान के बीच मौजूद गहरे सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख किया। उनके मुताबिक दोनों देशों के बीच संबंधों का लंबा इतिहास रहा है और समय के साथ यह रिश्ता खत्म या कमजोर होने वाला नहीं है।

भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक स्तर पर व्यापार, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क के संबंध रहे हैं। यही वजह है कि बदलते वैश्विक राजनीतिक समीकरणों के बीच भी दोनों देशों के रिश्तों पर पूरी दुनिया की नजर रहती है।

पेजेश्कियान ने इसी ऐतिहासिक जुड़ाव को भारत के साथ संबंधों की मजबूत नींव के तौर पर पेश किया।

BRICS Summit 2026:  ‘दुनिया में बढ़ रही तानाशाही’ पर भी टिप्पणी

ईरानी राष्ट्रपति ने अपने बयान में वैश्विक राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि दोनों देश अपने संबंधों को गहरी सांस्कृतिक जड़ों पर व्यवस्थित करने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि मजबूत सहयोग दुनिया में विकसित हो रही तानाशाही से निपटने में मदद करेगा।

उनके इस बयान को वैश्विक राजनीति के मौजूदा माहौल से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, दिए गए स्रोत में पेजेश्कियान ने किसी देश या नेता का नाम लेकर यह टिप्पणी नहीं की है।

अमेरिका को लेकर भी संदेश?

रिपोर्ट के अनुसार, पेजेश्कियान ने अपने बयान के दौरान बिना नाम लिए अमेरिका पर भी निशाना साधा। ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से तनावपूर्ण संबंध रहे हैं और मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में दोनों देशों के बीच तनाव लगातार अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बना हुआ है।

ऐसे में BRICS के मंच पर ईरान के राष्ट्रपति की टिप्पणी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खास तौर पर इसलिए क्योंकि BRICS को पश्चिमी देशों के प्रभाव से अलग एक महत्वपूर्ण वैश्विक मंच के रूप में भी देखा जाता है।

हालांकि, पेजेश्कियान के बयान में किसी विशेष देश का नाम नहीं लिया गया था, इसलिए इसे सीधे किसी एक देश के खिलाफ बयान के तौर पर पेश करना उचित नहीं होगा।

भारत के लिए क्यों अहम है ईरान?

भारत और ईरान के बीच संबंधों में रणनीतिक और आर्थिक हित भी जुड़े हुए हैं। दोनों देशों के बीच लंबे समय से व्यापार और क्षेत्रीय संपर्क को लेकर सहयोग रहा है।

ईरान भारत के लिए मध्य एशिया और उससे आगे के क्षेत्रों तक पहुंच के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहा है। इसी कारण दोनों देशों के संबंधों में आने वाले किसी भी बदलाव को क्षेत्रीय राजनीति के संदर्भ में देखा जाता है।

BRICS जैसे बहुपक्षीय मंच पर दोनों देशों के नेताओं की मुलाकात और बातचीत इस रिश्ते को और महत्वपूर्ण बनाती है।

BRICS Summit 2026:  BRICS Summit में भारत-ईरान की नजदीकी

नई दिल्ली में आयोजित BRICS Summit में दुनिया के कई प्रमुख देशों के नेता और प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। ऐसे में भारत के साथ ईरान के संबंधों को लेकर पेजेश्कियान की टिप्पणी खास महत्व रखती है।

PM मोदी के साथ उनकी तस्वीर ने भी दोनों देशों के बीच संवाद और बेहतर होते रिश्तों को लेकर चर्चा बढ़ाई है।

हालांकि, किसी नेता का दूसरे नेता का हाथ पकड़कर चलना अपने आप में किसी औपचारिक समझौते या नई रणनीतिक साझेदारी का प्रमाण नहीं होता। इसे नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण व्यवहार के तौर पर देखा जा सकता है।

BRICS Summit 2026:  ईरान-भारत रिश्तों पर आगे क्या?

पेजेश्कियान का बयान यह बताता है कि ईरान भारत के साथ अपने संबंधों को आगे बढ़ाने को लेकर सकारात्मक रुख रखता है। उन्होंने विशेष रूप से दोनों देशों की सांस्कृतिक समानताओं और ऐतिहासिक संबंधों को महत्व दिया।

आने वाले समय में व्यापार, क्षेत्रीय संपर्क और रणनीतिक सहयोग जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच बातचीत किस दिशा में जाती है, इस पर नजर रहेगी।

निष्कर्ष

BRICS Summit 2026 के दौरान PM मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की हाथ पकड़कर चलते हुए तस्वीर ने खूब सुर्खियां बटोरीं। इसके बाद पेजेश्कियान ने भारत के साथ रिश्तों को लेकर कहा कि उनके कार्यभार संभालने के बाद दोनों देशों के संबंध तेजी से बेहतर हो रहे हैं।

उन्होंने भारत और ईरान की दोस्ती को गहरी सांस्कृतिक जड़ों वाला रिश्ता बताया और कहा कि यह समय के साथ कमजोर नहीं होगा। साथ ही उन्होंने दुनिया में बढ़ रही तानाशाही का मुकाबला करने के लिए मजबूत सहयोग की जरूरत पर भी जोर दिया।

कुल मिलाकर, BRICS Summit के दौरान आया यह बयान भारत-ईरान संबंधों को लेकर ईरान के सकारात्मक रुख को सामने रखता है।

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