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रीवा में CM हेल्पलाइन पर कलेक्टर की सख्ती :19 अधिकारियों को नोटिस; 3 दिन में मांगा जवाब

रीवा में CM हेल्पलाइन पर कलेक्टर की सख्ती :  रीवा में CM हेल्पलाइन मामलों पर कलेक्टर की सख्ती, 19 अधिकारियों को नोटिस; 3 दिन में मांगा जवाब

रीवा में CM हेल्पलाइन पर कलेक्टर की सख्ती :

रीवा में CM हेल्पलाइन पर कलेक्टर की सख्ती :

रीवा। सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर रीवा कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर ने 19 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन की समय-सीमा में संतोषजनक जवाब मांगा है। निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने या जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मध्यप्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

कलेक्टर की इस कार्रवाई के बाद संबंधित विभागों के अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों और आवेदनों का समय पर निराकरण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके बावजूद जुलाई माह में दर्ज प्रकरणों और 50 दिन से अधिक समय से लंबित मामलों के निराकरण में लापरवाही सामने आने पर यह कार्रवाई की गई।

रीवा में CM हेल्पलाइन पर कलेक्टर की सख्ती :  सीएम हेल्पलाइन मामलों को लेकर कलेक्टर सख्त

रीवा में CM हेल्पलाइन पर कलेक्टर की सख्ती :19 अधिकारियों को नोटिस; 3 दिन में मांगा जवाब

रीवा में CM हेल्पलाइन पर कलेक्टर की सख्ती :

कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का निराकरण संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ किया जाना चाहिए। शासन की ओर से नागरिकों की शिकायतों के समाधान को लेकर लगातार निर्देश जारी किए जा रहे हैं।

प्रशासनिक स्तर पर होने वाली साप्ताहिक समीक्षा बैठकों में भी अधिकारियों को लंबित प्रकरणों के जल्द निराकरण के लिए लगातार सचेत किया गया। इसके बावजूद कुछ अधिकारियों द्वारा अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई।

कलेक्टर के मुताबिक लंबित शिकायतों के निराकरण में देरी का असर संबंधित विभाग के साथ-साथ जिले की रैंकिंग पर भी पड़ा है। इसी को गंभीरता से लेते हुए 19 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

रीवा में CM हेल्पलाइन पर कलेक्टर की सख्ती :  मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में भी दिए गए थे निर्देश

सीएम हेल्पलाइन के मामलों को लेकर प्रशासन पहले से ही सक्रिय है। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत आयोजित किए जा रहे शिविरों में भी संबंधित क्षेत्र के सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई से जुड़े शत-प्रतिशत आवेदन पत्रों का निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस अभियान का उद्देश्य लोगों की शिकायतों और समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित करना है। प्रशासन की कोशिश है कि नागरिकों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

इसके लिए अधिकारियों को लंबित प्रकरणों की लगातार समीक्षा करने और पात्र मामलों का समय पर निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं।

रीवा में CM हेल्पलाइन पर कलेक्टर की सख्ती :  इन एसडीएम को जारी हुआ नोटिस

कलेक्टर ने जिले के चार एसडीएम को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनमें:

  • पीयूष भट्ट, एसडीएम जवा
  • राकेश कुमार चौरसिया, एसडीएम त्योंथर
  • सुधाकर सिंह बघेल, एसडीएम गुढ़
  • डॉ. अनुराग तिवारी, एसडीएम हुजूर

शामिल हैं।

इन अधिकारियों से सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों के निराकरण में हुई देरी को लेकर जवाब मांगा गया है।

रीवा में CM हेल्पलाइन पर कलेक्टर की सख्ती :  सात तहसीलदार भी कार्रवाई की जद में

प्रशासन की कार्रवाई तहसील स्तर तक भी पहुंची है। कलेक्टर ने सात तहसीलदारों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

नोटिस पाने वाले तहसीलदारों में सौरभ द्विवेदी, तहसीलदार जवा; पारसनाथ मिश्रा, तहसीलदार त्योंथर; अनुपम पाण्डेय, तहसीलदार हुजूर शहर; शिवशंकर शुक्ला, तहसीलदार हुजूर ग्रामीण; आंचल अग्रहरि, तहसीलदार मनगवां; ममता पटेल, तहसीलदार सेमरिया और अरूण यादव, तहसीलदार गुढ़ शामिल हैं।

प्रशासन ने इन अधिकारियों से लंबित प्रकरणों के निराकरण में बरती गई लापरवाही को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है।

रीवा में CM हेल्पलाइन पर कलेक्टर की सख्ती : इन विभागों के अधिकारियों को भी नोटिस

कलेक्टर ने विभिन्न विभागों से जुड़े अधिकारियों को भी नोटिस जारी किया है। इनमें सहायक संचालक उद्यानिकी दीक्षा चौरे, सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग सुमन द्विवेदी, प्रभारी अधिकारी अक्षय ऊर्जा रमाशंकर तिवारी और जिला संयोजक जनजातीय कार्य केके पाण्डेय शामिल हैं।

इसके अलावा कार्यपालन यंत्री जल संसाधन मनोज तिवारी, जिला आयुष अधिकारी डॉ. शारदा मिश्रा, जिला खनिज अधिकारी दीपमाला तिवारी और महाप्रबंधक जिला सहकारी बैंक ज्ञानेन्द्र पाण्डेय को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

3 दिन में देना होगा जवाब

नोटिस जारी करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को तीन दिन की समय-सीमा दी है। इस अवधि में संबंधित अधिकारियों को अपना जवाब प्रस्तुत करना होगा।

यदि तय समय में जवाब प्राप्त नहीं होता है या अधिकारी द्वारा दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो संबंधित के खिलाफ मध्यप्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

इससे साफ है कि प्रशासन अब सीएम हेल्पलाइन के मामलों को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज करने के मूड में नहीं है।

50 दिन से अधिक पुराने मामलों पर खास नजर

प्रशासन की ओर से जारी कार्रवाई में विशेष रूप से 50 दिन से अधिक समय से लंबित प्रकरणों के निराकरण को लेकर नाराजगी सामने आई है। लंबे समय तक शिकायतों के लंबित रहने से आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इंतजार करना पड़ता है।

इसके साथ ही जुलाई माह में दर्ज किए गए मामलों के निराकरण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है।

जिले की रैंकिंग पर भी पड़ता है असर

सीएम हेल्पलाइन के मामलों का समय पर निराकरण नहीं होने से केवल शिकायतकर्ता प्रभावित नहीं होते, बल्कि प्रशासनिक प्रदर्शन और जिले की रैंकिंग पर भी इसका असर पड़ता है।

कलेक्टर ने अधिकारियों को लगातार निर्देश दिए हैं कि शिकायतों को केवल औपचारिक रूप से बंद करने के बजाय उनकी प्रकृति और समस्या को समझते हुए नियमानुसार समाधान किया जाए। प्रशासन का जोर शिकायतकर्ता को संतुष्ट करने वाले प्रभावी निराकरण पर है।

रीवा में CM हेल्पलाइन पर कलेक्टर की सख्ती : प्रशासन का संदेश साफ—लापरवाही बर्दाश्त नहीं

19 अधिकारियों को एक साथ कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने से प्रशासन का सख्त संदेश सामने आया है। कलेक्टर ने अधिकारियों को संकेत दिया है कि सीएम हेल्पलाइन के मामलों को लंबित रखना अब भारी पड़ सकता है।

आने वाले दिनों में नोटिस के जवाबों की समीक्षा के बाद यह तय होगा कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आगे कोई दंडात्मक कार्रवाई की जाती है या नहीं। फिलहाल अधिकारियों को निर्धारित समय में अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं।

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