चुरहट रेलवे भू-अर्जन: चुरहट में रेलवे भू-अर्जन की समीक्षा, 157 भूमि स्वामियों का भुगतान लंबित
सीधी। चुरहट में रेलवे परियोजना के लिए किए जा रहे भू-अर्जन कार्य और भूमि स्वामियों को मिलने वाली अवार्ड राशि के भुगतान को लेकर प्रशासन ने समीक्षा की है। कलेक्टर विकास मिश्रा ने अधिकारियों के साथ बैठक कर भू-अर्जन से जुड़े मामलों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। समीक्षा के दौरान सामने आया कि 157 भूमि स्वामियों के बैंक खातों की जानकारी उपलब्ध नहीं होने के कारण उनकी अवार्ड राशि का भुगतान लंबित है।

चुरहट रेलवे भू-अर्जन:
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लंबित मामलों में भूमि स्वामियों से तत्काल संपर्क कर उनके बैंक खाते की जानकारी प्राप्त की जाए, ताकि भुगतान की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। वहीं, जिन भूमि स्वामियों के बैंक विवरण प्राप्त हो चुके हैं, उनके मामलों में भुगतान से जुड़ी औपचारिकताएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
चुरहट रेलवे भू-अर्जन: रेलवे भू-अर्जन कार्य की हुई समीक्षा
कलेक्टर विकास मिश्रा ने चुरहट में रेलवे परियोजना के लिए किए जा रहे भू-अर्जन कार्य तथा भूमि स्वामियों को अवार्ड राशि के भुगतान की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में चुरहट के उपखंड अधिकारी अजय शर्मा सहित रेलवे और राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

कलेक्टर विकास मिश्रा ने चुरहट में रेलवे परियोजना के
बैठक के दौरान अधिकारियों ने रेलवे परियोजना के लिए किए जा रहे भू-अर्जन और अब तक की भुगतान प्रक्रिया की जानकारी कलेक्टर के सामने रखी। इसी दौरान 157 भूमि स्वामियों के बैंक खातों की जानकारी उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। बैंक विवरण नहीं मिलने के कारण संबंधित भूमि स्वामियों को दी जाने वाली अवार्ड राशि का भुगतान फिलहाल नहीं हो सका है।
चुरहट रेलवे भू-अर्जन: झांझ, रायखोर और आमडांड-43 में भुगतान लंबित
प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बैंक खाते की जानकारी उपलब्ध नहीं होने वाले भूमि स्वामियों में अलग-अलग गांवों के लोग शामिल हैं।
- झांझ के 32 भूमि स्वामी
- रायखोर के 10 भूमि स्वामी
- आमडांड-43 के 53 भूमि स्वामी
इन तीनों गांवों के कुल 95 भूमि स्वामियों के बैंक खातों की जानकारी अभी प्राप्त नहीं हुई है। ऐसे में इन मामलों में अवार्ड राशि के भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है।
प्रशासन के सामने अब इन भूमि स्वामियों से संपर्क कर बैंक खाते से संबंधित आवश्यक जानकारी प्राप्त करने की चुनौती है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को सक्रिय होकर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
चुरहट रेलवे भू-अर्जन: बैंक डिटेल नहीं मिलने से न रुके भुगतान
कलेक्टर विकास मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन भूमि स्वामियों के बैंक खाते की जानकारी उपलब्ध नहीं है, उनसे तत्काल संपर्क किया जाए। उन्हें बैंक विवरण उपलब्ध कराने से जुड़ी आवश्यक प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी दी जाए, ताकि किसी तरह की असमंजस की स्थिति न रहे।
कलेक्टर ने कहा कि बैंक खाते की जानकारी के अभाव में भुगतान की प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहनी चाहिए। संबंधित अधिकारियों को भूमि स्वामियों की समस्याओं का समाधान करते हुए बैंक विवरण प्राप्त करने और भुगतान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
62 भूमि स्वामियों के बैंक खाते की जानकारी मिली
समीक्षा बैठक में कुछ मामलों में भुगतान को लेकर सकारात्मक स्थिति भी सामने आई। अधिकारियों ने बताया कि टीकटकला, नकबेल, बड़खरा-739 और बड़खरा-735 के शेष 62 भूमि स्वामियों के बैंक खातों की जानकारी प्राप्त हो चुकी है।
बैंक विवरण मिलने के बाद अब इन भूमि स्वामियों को अवार्ड राशि के भुगतान से जुड़ी आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी मामलों में भुगतान संबंधी औपचारिकताएं प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाएं और पात्र भूमि स्वामियों को उनकी अवार्ड राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
चुरहट रेलवे भू-अर्जन: भूमि स्वामियों से भी की गई अपील
प्रशासन ने उन भूमि स्वामियों से भी अपील की है, जिनके बैंक खाते की जानकारी अभी संबंधित अधिकारियों के पास उपलब्ध नहीं है। ऐसे भूमि स्वामी जल्द से जल्द अपना सही बैंक विवरण संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराएं।
बैंक खाते की सही जानकारी मिलने से अवार्ड राशि के भुगतान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। प्रशासन का प्रयास है कि बैंक विवरण के अभाव में किसी भी पात्र भूमि स्वामी का भुगतान अनावश्यक रूप से लंबित न रहे।
चुरहट रेलवे भू-अर्जन: लंबित मामलों की नियमित समीक्षा के निर्देश
कलेक्टर ने अधिकारियों को रेलवे भू-अर्जन से संबंधित सभी लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि भूमि स्वामियों को अवार्ड राशि के भुगतान में किसी भी तरह की समस्या या बाधा आती है तो उसका तत्काल निराकरण किया जाए।
रेलवे और राजस्व विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भू-अर्जन से जुड़े मामलों को जल्द से जल्द निपटाया जा सके और भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
चुरहट रेलवे भू-अर्जन: अब भुगतान प्रक्रिया में तेजी पर फोकस
चुरहट में रेलवे परियोजना से जुड़े भू-अर्जन मामलों की समीक्षा के बाद प्रशासन का मुख्य फोकस लंबित भूमि स्वामियों के बैंक विवरण जुटाने और जिन मामलों में बैंक संबंधी जानकारी मिल चुकी है, वहां भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने पर है।
फिलहाल 157 भूमि स्वामियों का भुगतान बैंक खाते की जानकारी के अभाव में लंबित बताया गया है, जबकि टीकटकला, नकबेल, बड़खरा-739 और बड़खरा-735 के 62 भूमि स्वामियों के बैंक विवरण प्राप्त हो चुके हैं। अब अधिकारियों को लंबित मामलों में तेजी से कार्रवाई करने और भुगतान संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि बैंक विवरण से जुड़े लंबित मामलों का कितनी तेजी से निराकरण होता है और भूमि स्वामियों को उनकी अवार्ड राशि का भुगतान कब तक सुनिश्चित किया जाता है।














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