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30-की-उम्र-के-बाद-हार्ट-हेल्थ: रोज कार्डियो की आदत आएगी काम; जानें कितना करें एक्सरसाइज

 30 की उम्र के बाद हार्ट हेल्थ का रखें ख्याल, कार्डियो की आदत आएगी काम

Health Tips: उम्र बढ़ने के साथ कई लोगों की लाइफस्टाइल में बदलाव आने लगता है। नौकरी, परिवार और दूसरी जिम्मेदारियों के बीच शारीरिक गतिविधि के लिए समय कम हो जाता है। लंबे समय तक बैठकर काम करना, कम शारीरिक गतिविधि, असंतुलित खानपान, वजन बढ़ना, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज जैसे फैक्टर हार्ट हेल्थ को प्रभावित कर सकते हैं।

                                                        30 की उम्र के बाद हार्ट हेल्थ का रखें ख्याल,

ऐसे में नियमित शारीरिक गतिविधि को दिनचर्या में शामिल करना जरूरी हो सकता है। खासकर कार्डियो या एरोबिक एक्सरसाइज हार्ट और पूरे कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम के लिए फायदेमंद मानी जाती है। हालांकि, केवल एक्सरसाइज को हार्ट अटैक से बचने की गारंटी नहीं माना जा सकता। हार्ट हेल्थ के लिए एक्सरसाइज के साथ खानपान, वजन, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर और धूम्रपान जैसी आदतों पर भी ध्यान देना जरूरी है।

कार्डियो एक्सरसाइज क्या होती है?

कार्डियो यानी एरोबिक एक्सरसाइज ऐसी शारीरिक गतिविधियां हैं जिनसे कुछ समय के लिए हार्ट रेट और सांस लेने की गति बढ़ती है। तेज चलना, साइकिल चलाना, जॉगिंग, स्विमिंग, डांसिंग और कई तरह के खेल इसके उदाहरण हैं।

नियमित कार्डियो से कार्डियोरेस्पिरेटरी फिटनेस बेहतर हो सकती है। इसका मतलब है कि शरीर शारीरिक गतिविधि के दौरान ऑक्सीजन का इस्तेमाल अधिक प्रभावी तरीके से कर पाता है।

CDC के अनुसार नियमित शारीरिक गतिविधि से हार्ट डिजीज और स्ट्रोक का जोखिम कम हो सकता है। इसके अलावा इससे ब्लड प्रेशर को कम करने और कोलेस्ट्रॉल प्रोफाइल को बेहतर करने में भी मदद मिल सकती है।

30 के बाद कार्डियो क्यों जरूरी हो सकता है?

                                                                                 कार्डियो क्यों जरूरी हो सकता है?

30 की उम्र के बाद कई लोगों की दिनचर्या ज्यादा sedentary हो जाती है। ऑफिस में लंबे समय तक बैठना और रोजाना पर्याप्त चलना-फिरना नहीं हो पाना धीरे-धीरे फिटनेस पर असर डाल सकता है।

नियमित फिजिकल एक्टिविटी वजन को नियंत्रित रखने, ब्लड प्रेशर को मैनेज करने और टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है। CDC के अनुसार शारीरिक गतिविधि हार्ट डिजीज, स्ट्रोक और टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को कम करने से जुड़ी है।

इसलिए 30 की उम्र के बाद किसी एक कठिन वर्कआउट के बजाय ऐसी एक्टिविटी चुनना ज्यादा महत्वपूर्ण है जिसे लंबे समय तक नियमित रूप से किया जा सके।

सप्ताह में कितनी कार्डियो एक्सरसाइज करें?

विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO के अनुसार 18 से 64 वर्ष के वयस्कों को सप्ताह में कम से कम 150 से 300 मिनट की moderate-intensity aerobic physical activity करनी चाहिए।

वैकल्पिक रूप से सप्ताह में 75 से 150 मिनट की vigorous-intensity aerobic activity की जा सकती है। दोनों का संयोजन भी किया जा सकता है। WHO सप्ताह में कम से कम दो दिन प्रमुख मांसपेशी समूहों को मजबूत करने वाली गतिविधियां करने की सलाह भी देता है।

इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को रोज एक जैसी एक्सरसाइज करनी ही होगी। उदाहरण के लिए कोई व्यक्ति सप्ताह में पांच दिन 30 मिनट तेज चल सकता है और दो दिन strength training कर सकता है।

30-की-उम्र-के-बाद-हार्ट-हेल्थ:  कौन-सी कार्डियो एक्सरसाइज कर सकते हैं?

कार्डियो के लिए कई आसान विकल्प मौजूद हैं। इनमें तेज चलना, साइकिल चलाना, जॉगिंग, स्विमिंग और डांसिंग शामिल हैं।

अगर कोई व्यक्ति लंबे समय से एक्सरसाइज नहीं कर रहा है तो अचानक बहुत ज्यादा या बहुत तेज वर्कआउट शुरू करने के बजाय धीरे-धीरे गतिविधि बढ़ाना बेहतर है। American Heart Association भी लंबे समय से inactive लोगों को धीरे-धीरे शुरुआत करने और अपनी क्षमता के अनुसार समय व intensity बढ़ाने की सलाह देती है।

शुरुआत के लिए तेज चाल से पैदल चलना कई लोगों के लिए आसान विकल्प हो सकता है। बाद में फिटनेस के अनुसार साइकिलिंग, जॉगिंग या दूसरी गतिविधियां जोड़ी जा सकती हैं।

कार्डियो का ब्लड प्रेशर पर क्या असर पड़ता है?

हाई ब्लड प्रेशर हार्ट डिजीज का एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक है। नियमित शारीरिक गतिविधि ब्लड प्रेशर को मैनेज करने में मदद कर सकती है।

CDC के अनुसार नियमित फिजिकल एक्टिविटी ब्लड प्रेशर को कम करने और लंबे समय में हृदय संबंधी जोखिमों को कम करने में मदद कर सकती है।

हालांकि अगर किसी व्यक्ति को पहले से हाई ब्लड प्रेशर है तो केवल एक्सरसाइज के भरोसे दवा बंद नहीं करनी चाहिए। डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा, खानपान और एक्सरसाइज को साथ लेकर चलना जरूरी है।

कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज में भी मिल सकता है फायदा

हार्ट हेल्थ केवल एक्सरसाइज से तय नहीं होती। हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड शुगर और ज्यादा वजन भी हृदय संबंधी जोखिमों को प्रभावित कर सकते हैं।

नियमित शारीरिक गतिविधि शरीर को ग्लूकोज का इस्तेमाल करने में मदद करती है और वजन को नियंत्रित रखने में योगदान दे सकती है। CDC के अनुसार नियमित physical activity टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है।

इसलिए कार्डियो के साथ संतुलित डाइट और पर्याप्त नींद को भी अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाना चाहिए।

क्या रोज कार्डियो करना जरूरी है?

नहीं। हार्ट हेल्थ के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात केवल रोज कार्डियो करना नहीं बल्कि पूरे सप्ताह पर्याप्त शारीरिक गतिविधि करना है।

WHO की गाइडलाइन weekly activity को आधार मानती है। यानी कोई व्यक्ति अपनी सुविधा और स्वास्थ्य के अनुसार पूरे सप्ताह में गतिविधि को अलग-अलग दिनों में बांट सकता है।

अगर किसी दिन वर्कआउट नहीं हो पाया तो इसका मतलब यह नहीं कि पूरी routine खराब हो गई। नियमितता लंबे समय में ज्यादा महत्वपूर्ण है।

30-की-उम्र-के-बाद-हार्ट-हेल्थ:  लंबे समय तक बैठे रहने से बचें

ऑफिस या घर में लंबे समय तक लगातार बैठे रहना भी कम किया जाना चाहिए। American Heart Association कम बैठने और दिनभर में हल्की गतिविधियां बढ़ाने की सलाह देती है।

  लंबे समय तक बैठे रहने से बचें

ऑफिस में काम करने वाले लोग बीच-बीच में उठकर थोड़ा चल सकते हैं। छोटी दूरी के लिए वाहन की जगह पैदल चलना या सीढ़ियों का इस्तेमाल करना भी रोज की physical activity बढ़ाने का आसान तरीका हो सकता है।

किन लोगों को एक्सरसाइज शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?

अगर किसी व्यक्ति को पहले से हार्ट डिजीज, सीने में दर्द, सांस फूलने की समस्या, अनियंत्रित ब्लड प्रेशर या कोई दूसरी गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, तो नया या high-intensity exercise routine शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।

एक्सरसाइज के दौरान सीने में दबाव या दर्द, अचानक सांस लेने में बहुत परेशानी, बेहोशी या गंभीर चक्कर जैसे लक्षण दिखाई दें तो व्यायाम रोककर तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

30-की-उम्र-के-बाद-हार्ट-हेल्थ:  हार्ट हेल्थ के लिए केवल कार्डियो पर निर्भर न रहें

हार्ट को स्वस्थ रखने के लिए कार्डियो उपयोगी है, लेकिन इसे अकेला समाधान नहीं माना जाना चाहिए। नियमित physical activity के साथ संतुलित भोजन, स्वस्थ वजन, पर्याप्त नींद, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की निगरानी तथा धूम्रपान से बचना भी महत्वपूर्ण है।

WHO के अनुसार नियमित physical activity हृदय स्वास्थ्य सहित कई स्वास्थ्य परिणामों के लिए फायदेमंद है और कुछ गतिविधि करना बिल्कुल निष्क्रिय रहने से बेहतर है।

निष्कर्ष: 30 की उम्र के बाद कार्डियो को अपनी lifestyle का हिस्सा बनाना हार्ट हेल्थ के लिए उपयोगी आदत हो सकती है। तेज चलना, साइकिलिंग, स्विमिंग या जॉगिंग जैसे विकल्पों में से अपनी फिटनेस और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार गतिविधि चुनी जा सकती है। लक्ष्य रोजाना खुद को थकाना नहीं, बल्कि लंबे समय तक नियमित रूप से सक्रिय रहना होना चाहिए।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। यह किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत बीमारी का निदान या इलाज नहीं है। हार्ट संबंधी लक्षण या पहले से कोई मेडिकल समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लें।

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