Birth Certificate Correction 2026: जन्म प्रमाण पत्र में नाम, जन्मतिथि या पता गलत है तो कैसे कराएं सुधार? 1 अक्टूबर से बदलेंगे देर से रजिस्ट्रेशन के नियम
Birth Certificate Correction: जन्म प्रमाण पत्र आज कई महत्वपूर्ण सरकारी और नागरिक सेवाओं के लिए जरूरी दस्तावेज बन चुका है। इसमें नाम, जन्मतिथि, जन्म स्थान या माता-पिता से जुड़ी जानकारी गलत दर्ज हो जाए तो आगे स्कूल एडमिशन, पासपोर्ट, आधार, ड्राइविंग लाइसेंस, सरकारी नौकरी और दूसरे कामों में परेशानी हो सकती है।
ऐसे में सवाल उठता है कि जन्म प्रमाण पत्र में गलती होने पर उसे कैसे ठीक कराया जाए? मौजूदा कानून में इसके लिए Registration of Births and Deaths Act, 1969 की Section 15 महत्वपूर्ण है। वहीं 2026 में इस कानून में एक अलग बदलाव किया गया है, जो मुख्य रूप से देर से जन्म या मृत्यु का पंजीकरण कराने की प्रक्रिया को सख्त करता है।
एक महत्वपूर्ण अपडेट यह है कि Registration of Births and Deaths (Amendment) Act, 2026 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल चुकी है और यह 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा। इसलिए सितंबर 2026 में इसे समझते समय यह अंतर रखना जरूरी है कि मौजूदा जन्म रिकॉर्ड में गलती सुधारना और जन्म का देर से पंजीकरण—दो अलग प्रक्रियाएं हैं।
Birth Certificate Correction: जन्म प्रमाण पत्र में गलती कैसे सुधरवाएं?
अगर किसी व्यक्ति का जन्म पहले से रजिस्टर है, लेकिन प्रमाण पत्र में नाम, जन्मतिथि, माता-पिता का नाम या कोई अन्य जानकारी गलत दर्ज हो गई है, तो इसे नया जन्म पंजीकरण कराने का मामला नहीं माना जाता।
Registration of Births and Deaths Act, 1969 की Section 15 के तहत यदि रजिस्टर में कोई प्रविष्टि गलत या अनुचित तरीके से दर्ज हुई है, तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार Registrar उसमें सुधार या उसे रद्द कर सकता है। इसके लिए Registrar को प्रस्तुत रिकॉर्ड और साक्ष्यों से संतुष्ट होना जरूरी है।
इसका मतलब यह है कि सिर्फ एक नया प्रमाण पत्र मांगने के बजाय संबंधित जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रार के कार्यालय में Correction/Correction of Entry की प्रक्रिया अपनानी होती है।
Birth Certificate Correction: सबसे पहले पता करें कि गलती कहां है
जन्म प्रमाण पत्र में सुधार कराने से पहले यह जांचना जरूरी है कि गलती:
- मूल जन्म रजिस्टर में है, या
- केवल जारी किए गए प्रमाण पत्र में है।
अगर मूल रजिस्टर में ही गलत जानकारी दर्ज है तो Registrar के सामने सुधार का आवेदन देना होगा। आवेदन में सही जानकारी के समर्थन में दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं।
कौन-कौन से दस्तावेज स्वीकार किए जाएंगे, यह मामले और संबंधित राज्य के नियमों पर निर्भर कर सकता है। इसलिए आवेदन करने से पहले स्थानीय Registrar कार्यालय या संबंधित राज्य के Civil Registration System से जानकारी लेना उपयोगी रहेगा।
Birth Certificate Correction: केवल शपथपत्र से नहीं होगा हर सुधार
कई लोग मानते हैं कि जन्म प्रमाण पत्र में नाम या जन्मतिथि की गलती के लिए केवल affidavit बनवा लेना पर्याप्त है। ऐसा हर मामले में जरूरी नहीं है।

जन्मतिथि या पता गलत है तो कैसे कराएं सुधार?
कानून के तहत Registrar को उपलब्ध रिकॉर्ड और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर संतुष्ट होना होता है। कुछ मामलों में संबंधित नियमों के अनुसार घोषणा या अतिरिक्त दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं। न्यायिक फैसलों में Section 15 और संबंधित नियमों के तहत ऐसी प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है।
इसलिए केवल शपथपत्र बनवाकर यह मान लेना कि प्रमाण पत्र में बदलाव निश्चित रूप से हो जाएगा, सही नहीं है।
2026 में क्या बदला है?
Registration of Births and Deaths (Amendment) Act, 2026 का मुख्य फोकस पहले से दर्ज जन्म प्रमाण पत्र की सामान्य correction प्रक्रिया को बदलना नहीं है।
इस संशोधन का प्रमुख बदलाव delayed registration यानी जन्म या मृत्यु का देर से पंजीकरण है। संसद ने 2026 में इस संबंध में कानून में बदलाव को मंजूरी दी और अब अलग-अलग देरी के लिए अलग स्तर की मंजूरी निर्धारित की गई है।
यह नया कानून 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा।
Birth Certificate Correction: एक साल से ज्यादा लेकिन दो साल तक देरी होने पर क्या होगा?
अगर किसी जन्म या मृत्यु की जानकारी घटना के एक साल से अधिक लेकिन दो साल के भीतर Registrar को दी जाती है, तो रजिस्ट्रेशन के लिए:
- District Magistrate,
- Sub-Divisional Magistrate, या
- District Magistrate द्वारा अधिकृत Executive Magistrate
का आदेश आवश्यक होगा।
संबंधित अधिकारी को जन्म या मृत्यु की जानकारी की सत्यता की जांच करनी होगी और निर्धारित शुल्क का भुगतान भी करना होगा।
दो साल से ज्यादा पुराना जन्म है तो क्या होगा?
अगर जन्म या मृत्यु की जानकारी दो साल से अधिक समय बाद दी जाती है तो नियम और सख्त हो जाएंगे।
ऐसे मामले में रजिस्ट्रेशन के लिए Judicial Magistrate First Class का आदेश आवश्यक होगा। Magistrate को भी जानकारी की सत्यता की जांच के बाद आदेश देना होगा और निर्धारित शुल्क लागू होगा।
यानी देरी जितनी ज्यादा होगी, पंजीकरण की प्रक्रिया में सत्यापन का स्तर भी उतना ही बढ़ जाएगा।
2026 के नए नियमों को ऐसे समझें
| जन्म/मृत्यु की जानकारी देने में देरी | जरूरी प्रक्रिया |
|---|---|
| सामान्य निर्धारित अवधि के भीतर | सामान्य रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया |
| 1 साल से ज्यादा, 2 साल तक | DM/SDM/अधिकृत Executive Magistrate का आदेश |
| 2 साल से ज्यादा | Judicial Magistrate First Class का आदेश |
| पहले से दर्ज रिकॉर्ड में गलती | Section 15 के तहत correction प्रक्रिया |
Birth Certificate Correction: जन्म प्रमाण पत्र में नाम बदलना और जन्म का देर से पंजीकरण अलग हैं
यह सबसे महत्वपूर्ण बात है।
अगर किसी व्यक्ति का जन्म पहले से रजिस्टर है और प्रमाण पत्र में नाम की स्पेलिंग, माता-पिता का नाम या किसी अन्य विवरण में गलती है, तो यह correction of entry का मामला हो सकता है।
लेकिन अगर किसी व्यक्ति का जन्म कभी रजिस्टर ही नहीं हुआ और कई साल बाद पहली बार जन्म प्रमाण पत्र बनवाना है, तो यह delayed registration की श्रेणी में आएगा।
2026 का नया कानून मुख्य रूप से इसी दूसरे मामले यानी देर से पंजीकरण को सख्त करता है।
जन्म प्रमाण पत्र इतना जरूरी क्यों है?
2023 में Registration of Births and Deaths Act में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए थे। जन्म प्रमाण पत्र को कई महत्वपूर्ण सरकारी और नागरिक प्रक्रियाओं में जन्म की तारीख और स्थान के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल करने की व्यवस्था मजबूत हुई।
इसका असर स्कूल एडमिशन, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता सूची, सरकारी नियुक्ति, पासपोर्ट और आधार जैसे कामों में देखने को मिलता है।
इसलिए जन्म प्रमाण पत्र में किसी तरह की गलती होने पर उसे लंबे समय तक लंबित रखना आगे चलकर समस्या पैदा कर सकता है।
Birth Certificate Correction: सुधार कराने से पहले कौन से दस्तावेज तैयार रखें?
सटीक दस्तावेज मामले और राज्य के नियमों के अनुसार अलग हो सकते हैं। सामान्य तौर पर आवेदक को सही जानकारी साबित करने वाले उपलब्ध रिकॉर्ड तैयार रखने चाहिए।
जैसे:
- मौजूदा जन्म प्रमाण पत्र
- अस्पताल का जन्म रिकॉर्ड
- माता-पिता से संबंधित रिकॉर्ड
- स्कूल रिकॉर्ड
- पहचान संबंधी दस्तावेज
- संबंधित रजिस्ट्रार द्वारा मांगे गए अन्य प्रमाण
किसी दस्तावेज को अनिवार्य मानने से पहले स्थानीय Registrar के नियम जरूर जांचें।
Birth Certificate Correction: कहां करें आवेदन?
जन्म पहले जहां पंजीकृत हुआ था, उसी अधिकार क्षेत्र के Birth and Death Registrar से correction प्रक्रिया की जानकारी ली जा सकती है।
केंद्र के Civil Registration System से भी जन्म-मृत्यु पंजीकरण से संबंधित जानकारी उपलब्ध है।
राज्य के अनुसार आवेदन का तरीका ऑनलाइन या ऑफलाइन हो सकता है और दस्तावेज व शुल्क भी अलग हो सकते हैं।
1 अक्टूबर से खास ध्यान रखें
2026 का संशोधन कानून 1 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाला है। इसलिए जिन लोगों का जन्म या मृत्यु रिकॉर्ड अभी तक पंजीकृत नहीं हुआ है और मामला काफी पुराना है, उन्हें नए नियमों के अनुसार प्रक्रिया समझनी होगी।
वहीं पहले से पंजीकृत जन्म रिकॉर्ड में सामान्य गलती को सुधारने के लिए Section 15 की correction प्रक्रिया प्रासंगिक रहेगी।
निष्कर्ष
जन्म प्रमाण पत्र में नाम, जन्मतिथि या माता-पिता की जानकारी गलत होने पर इसे ठीक कराने की कानूनी व्यवस्था मौजूद है। Section 15 Registrar को गलत प्रविष्टि को निर्धारित नियमों के तहत सुधारने या रद्द करने की शक्ति देता है।
दूसरी तरफ 2026 का नया संशोधन मुख्य रूप से देर से जन्म या मृत्यु के पंजीकरण को सख्त करता है। एक साल से ज्यादा लेकिन दो साल तक की देरी पर DM/SDM या अधिकृत Executive Magistrate का आदेश और दो साल से अधिक देरी पर Judicial Magistrate First Class का आदेश जरूरी होगा। नया कानून 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा।















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