MP TET 2026: MP TET को लेकर बड़ा अपडेट: अगस्त 2028 तक परीक्षा पास करना जरूरी, नहीं तो नौकरी पर संकट

MP TET 2026:
भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत करीब डेढ़ लाख प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने स्पष्ट किया है कि पात्र शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य होगा।
MP TET 2026: 31 अगस्त 2028 तक पास करनी होगी TET
DPI के अनुसार, जिन शिक्षकों की सेवा में पांच वर्ष से अधिक समय शेष है और जिन्होंने आरटीई के प्रावधानों के तहत पहले TET उत्तीर्ण नहीं की है, उन्हें 31 अगस्त 2028 तक परीक्षा पास करनी होगी। तय समय सीमा में परीक्षा पास नहीं करने पर सेवा से बाहर करने या अनिवार्य सेवानिवृत्ति जैसी कार्रवाई का प्रावधान लागू हो सकता है।
MP TET 2026: 12 अक्टूबर से ऑनलाइन परीक्षा
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MP ESB) द्वारा TET परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद 12 अक्टूबर 2026 से ऑनलाइन परीक्षा आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है।
MP TET 2026: पांच साल से कम सेवा वाले शिक्षकों के लिए क्या नियम?

MP TET 2026:
जिन शिक्षकों की सेवा में पांच वर्ष से कम समय बचा है, उनके लिए TET पास करना अनिवार्य नहीं बताया गया है। हालांकि, ऐसे शिक्षक पदोन्नति के पात्र नहीं होंगे। यदि वे भविष्य में प्रमोशन चाहते हैं तो उन्हें TET उत्तीर्ण करनी होगी।
MP TET 2026: 1998 से 2011 तक भर्ती शिक्षकों पर भी लागू
DPI ने वर्ष 1998 से 2011 के बीच भर्ती शिक्षकों की पात्रता को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। 2005 और 2008 में व्यापमं के माध्यम से भर्ती हुए शिक्षकों को भी TET देनी होगी, क्योंकि उस समय पात्रता परीक्षा नहीं हुई थी।
वहीं, वर्ष 2011 में आरटीई प्रावधानों के तहत पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले संविदा शिक्षकों को नियमों के अनुसार छूट दी गई है।
MP TET 2026: 15 हजार शिक्षकों पर भी लागू होगा नियम

MP TET 2026:
वर्ष 2024 में करीब 15 हजार शिक्षकों को उच्च पद का प्रभार दिया गया था। प्राथमिक शिक्षकों को माध्यमिक और माध्यमिक शिक्षकों को उच्च माध्यमिक शिक्षक का प्रभार मिला था। DPI ने स्पष्ट किया है कि उच्च पद का प्रभार मिलने से उनका मूल पद समाप्त नहीं हुआ है। इसलिए उन्हें अपने मूल पद की पात्रता परीक्षा भी पास करनी होगी।
MP TET 2026: शिक्षकों में बढ़ी चिंता
शिक्षक संगठनों का कहना है कि लंबे समय से उच्च पद पर कार्य कर रहे शिक्षकों को अब मूल पद की परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। वहीं DPI का कहना है कि TET को लेकर शिक्षकों के बीच मौजूद भ्रम को दूर कर दिया गया है।
नोट: यह खबर आपके दिए गए स्रोत/टेक्स्ट के आधार पर तैयार की गई है। शीर्षक में “जबरन रिटायर” की जगह “सेवा से बाहर या अनिवार्य सेवानिवृत्ति का प्रावधान” लिखना ज्यादा सटीक रहेगा।

















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