Meta Ray-Ban Glasses: सार्वजनिक जगहों पर लोगों का वीडियो बनाना कितना सही? प्राइवेसी से लेकर फायदे तक जानें पूरी बात
नई दिल्ली: स्मार्ट चश्मों की तकनीक तेजी से लोकप्रिय हो रही है। अब ऐसे चश्मे बाजार में मौजूद हैं, जिनकी मदद से यूजर फोन कॉल कर सकता है, म्यूजिक सुन सकता है, AI से बिना हाथ लगाए बातचीत कर सकता है और फोटो-वीडियो भी रिकॉर्ड कर सकता है। इसी कड़ी में Meta Ray-Ban स्मार्ट ग्लासेस काफी चर्चा में हैं।

Meta Ray-Ban Glasses:
इन चश्मों की लोकप्रियता बढ़ने के साथ ही इनके इस्तेमाल को लेकर प्राइवेसी और सहमति से जुड़े सवाल भी उठने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर कोई व्यक्ति सार्वजनिक जगह पर स्मार्ट चश्मे से आसपास मौजूद लोगों का वीडियो रिकॉर्ड करता है, तो यह कितना सही है?
Meta Ray-Ban Glasses: स्मार्ट चश्मों से क्यों बढ़ रही प्राइवेसी की चिंता?
Meta Ray-Ban ग्लासेस देखने में सामान्य सनग्लास की तरह नजर आते हैं, लेकिन इनमें कैमरा लगा होता है। चश्मे को छूकर कैमरा एक्टिव किया जा सकता है। रिकॉर्डिंग शुरू होने पर चश्मे पर एक सफेद लाइट जलती है, जिसका उद्देश्य आसपास के लोगों को यह संकेत देना है कि कैमरा रिकॉर्डिंग कर रहा है।
Meta ने हाल ही में चश्मों में बदलाव भी किया है। कंपनी के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति रिकॉर्डिंग के दौरान इस लाइट के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश करता है तो कैमरा काम करना बंद कर देता है।
इसके बावजूद सवाल बना हुआ है कि क्या हर व्यक्ति को यह पता चल पाता है कि उसका वीडियो रिकॉर्ड किया जा रहा है?
Meta Ray-Ban Glasses: सोशल मीडिया पर बढ़ी स्मार्ट ग्लास से बनाई गई वीडियो की लोकप्रियता
TikTok और Instagram जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्मार्ट चश्मों से बनाए गए वीडियो तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
पश्चिमी बेलफास्ट के कंटेंट क्रिएटर पियर्स वैलेली भी Meta Ray-Ban चश्मों का इस्तेमाल करते हैं। वह सड़क पर चलते हुए चश्मे से दिखाई देने वाले दृश्यों को रिकॉर्ड करते हैं और कई बार राहगीरों से बातचीत भी करते हैं।
उनका कहना है कि वह लोगों के साथ सकारात्मक तरीके से बातचीत करते हैं और अगर कोई व्यक्ति वीडियो बनाने से मना करे तो वह उस वीडियो को पोस्ट नहीं करते।
उनके बेलफास्ट सिटी सेंटर में बनाए गए एक वीडियो को TikTok पर करीब 6 लाख बार देखा गया।
Meta Ray-Ban Glasses: सार्वजनिक जगहों पर लोगों का वीडियो बनाना कितना सही? प्राइवेसी को लेकर बढ़ी चिंता क्या सार्वजनिक जगह पर वीडियो बनाना कानूनी है?
यह सवाल काफी महत्वपूर्ण है और इसका जवाब हर देश के कानून के आधार पर अलग हो सकता है।

सार्वजनिक जगहों पर लोगों का वीडियो बनाना कितना सही?
बीबीसी की रिपोर्ट में उत्तरी आयरलैंड का उदाहरण दिया गया है। वहां आम तौर पर सार्वजनिक जगहों पर किसी व्यक्ति का वीडियो बनाना अपने आप में गैरकानूनी नहीं माना जाता, क्योंकि सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को पूरी प्राइवेसी की उम्मीद सामान्यतः नहीं होती।
हालांकि, स्थिति तब बदल सकती है जब रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल उत्पीड़न, पीछा करने या अश्लील सामग्री बनाने जैसे कामों के लिए किया जाए। ऐसी जगहों पर भी नियम अलग हो सकते हैं जहां किसी व्यक्ति को प्राइवेसी की उम्मीद होती है।
इसलिए सार्वजनिक स्थान पर रिकॉर्डिंग और किसी की निजी जिंदगी में दखल देने के बीच अंतर समझना जरूरी है।
Meta Ray-Ban Glasses: सार्वजनिक जगहों पर लोगों का वीडियो बनाना कितना सही? प्राइवेसी को लेकर बढ़ी चिंता महिलाओं की प्राइवेसी को लेकर भी चिंता
महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट चश्मों के संभावित गलत इस्तेमाल को लेकर विशेष चिंता जताई है।

प्राइवेसी को लेकर बढ़ी चिंता महिलाओं की प्राइवेसी को लेकर भी चिंता
उनका कहना है कि सामान्य कैमरा या स्मार्टफोन से कोई व्यक्ति वीडियो रिकॉर्ड कर रहा हो तो आसपास मौजूद लोगों को अक्सर इसका अंदाजा हो जाता है। लेकिन कैमरा चश्मे के फ्रेम में छिपा होने के कारण सामने वाले व्यक्ति को यह पता नहीं चल सकता कि उसकी रिकॉर्डिंग हो रही है।
चिंता यह भी है कि इन चश्मों का इस्तेमाल पहले से गैरकानूनी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है, जैसे किसी व्यक्ति की निजी तस्वीर या वीडियो उसकी जानकारी के बिना बनाना।
Meta Ray-Ban Glasses: कुछ जगहों पर Meta Glasses पर लगा प्रतिबंध
प्राइवेसी से जुड़ी चिंताओं के कारण कुछ संस्थानों और आयोजनों ने स्मार्ट चश्मों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है।
ब्रिटेन में करीब 800 पब चलाने वाली Wetherspoons ने अपने पब में इन चश्मों से वीडियो बनाने पर रोक लगा दी है। कंपनी का कहना है कि स्मार्ट ग्लास गुप्त निगरानी को संभव बनाकर सामान्य समझ और अपेक्षाओं के खिलाफ जा सकते हैं।
इसके अलावा उत्तरी आयरलैंड में Comic Con आयोजित करने वाली कंपनी Monopoly Events ने भी गुप्त रिकॉर्डिंग की चिंता के कारण अपने कार्यक्रमों में इन चश्मों के इस्तेमाल पर रोक लगाई है।
Meta Ray-Ban Glasses: सोशल मीडिया पर डेटिंग कंटेंट भी सवालों के घेरे में
TikTok पर ऐसे वीडियो भी सामने आ रहे हैं जिनमें लोग महिलाओं के पास जाकर उनका नंबर मांगते हैं और उनकी प्रतिक्रिया रिकॉर्ड करते हैं। ऐसे वीडियो को कई बार ऐसे हैशटैग के साथ शेयर किया जाता है, जिनका संबंध गर्लफ्रेंड बनाने या महिलाओं से बातचीत करने से होता है।
इन वीडियो को हजारों व्यूज मिल सकते हैं, लेकिन आलोचकों का सवाल है कि क्या वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्ति ने वास्तव में अपनी रिकॉर्डिंग और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने के लिए सहमति दी थी?
यही वजह है कि स्मार्ट ग्लास के साथ सहमति और जिम्मेदार इस्तेमाल की चर्चा तेजी से बढ़ रही है।
गलत इस्तेमाल के मामले भी सामने आए
स्मार्ट चश्मों को लेकर विवाद केवल सैद्धांतिक नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दिसंबर में न्यूयॉर्क के एक सबवे में एक महिला ने एक व्यक्ति का Meta Glass तोड़ दिया था। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने महिला के इस कदम की सराहना भी की।
वहीं जुलाई में स्कॉटलैंड की पुलिस ने एक TikToker के खिलाफ जांच शुरू की थी। उस पर आरोप था कि उसने Meta Glasses का इस्तेमाल कर आम लोगों की चुपके से रिकॉर्डिंग की।
इन घटनाओं से पता चलता है कि तकनीक के इस्तेमाल को लेकर लोगों की चिंताएं वास्तविक हैं।
Meta Glasses के फायदे भी हैं
हालांकि, स्मार्ट चश्मों को केवल प्राइवेसी के खतरे के रूप में देखना भी सही नहीं होगा। इस तकनीक के कई उपयोगी पहलू भी हैं।
बेलफास्ट में Meta Glasses बेचने वाले नेत्र विशेषज्ञ ज्योफ मैककॉनविले के मुताबिक, कम दिखाई देने वाले कुछ लोगों के लिए ये चश्मे काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं।
इनमें मौजूद टेक्स्ट-टू-स्पीच और AI आधारित सुविधाओं की मदद से यूजर अखबार या साइनबोर्ड पढ़ने में सहायता ले सकता है। बुजुर्गों और कम दिखाई देने वाले लोगों के लिए ऐसी सुविधाएं उपयोगी हो सकती हैं।
Meta का भी कहना है कि स्मार्ट चश्मे कम दिखाई देने या सुनने में परेशानी वाले लोगों के लिए नई और महत्वपूर्ण तकनीक उपलब्ध करा सकते हैं।
आने वाले समय में बढ़ सकता है इस्तेमाल
शोधकर्ताओं का अनुमान है कि अगर Meta जैसी कंपनियों के AI और स्मार्ट चश्मे लोकप्रिय होते हैं तो आने वाले वर्षों में करीब 10 करोड़ लोग ऐसे चश्मे खरीद सकते हैं।
यानी यह तकनीक केवल कुछ लोगों तक सीमित रहने वाली नहीं है। जैसे-जैसे स्मार्ट ग्लास आम होंगे, इनके इस्तेमाल के लिए स्पष्ट सामाजिक नियम और प्राइवेसी को लेकर जागरूकता की जरूरत भी बढ़ेगी।
स्मार्ट चश्मे इस्तेमाल करते समय क्या ध्यान रखें?
सार्वजनिक जगहों पर स्मार्ट चश्मे से रिकॉर्डिंग करने वाले लोगों को दूसरों की निजता और सहमति का सम्मान करना चाहिए। खासकर संवेदनशील स्थानों, निजी परिस्थितियों और ऐसे मामलों में जहां किसी व्यक्ति को रिकॉर्ड किए जाने की जानकारी नहीं है, सावधानी बेहद जरूरी है।
किसी व्यक्ति के वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से पहले यह भी देखना चाहिए कि वीडियो उसके लिए परेशानी या नुकसान का कारण तो नहीं बन सकता।
निष्कर्ष
Meta Ray-Ban Glasses तकनीक और सुविधा के लिहाज से स्मार्ट चश्मों की नई दुनिया खोल रहे हैं। कॉलिंग, AI, फोटो-वीडियो रिकॉर्डिंग और कम दिखाई देने वाले लोगों के लिए मदद जैसी सुविधाएं इन्हें उपयोगी बनाती हैं।
लेकिन दूसरी तरफ, इनका कैमरा सार्वजनिक जगहों पर लोगों की जानकारी और सहमति के बिना रिकॉर्डिंग की चिंता भी पैदा करता है। यही कारण है कि कुछ पब और आयोजनों ने इनके इस्तेमाल पर रोक लगाई है।
आने वाले समय में इस तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि तकनीकी सुविधा और लोगों की प्राइवेसी के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।













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