रीवा के गोविंदगढ़ तालाब: रीवा के गोविंदगढ़ तालाब में रिसाव की सूचना से हड़कंप, रात में पहुंची SDRF; अधिकारियों ने कहा- खतरा नहीं

रीवा के गोविंदगढ़ तालाब:

रीवा के गोविंदगढ़ तालाब: में रिसाव से हड़कंप,
रीवा/गोविंदगढ़। रीवा जिले के गोविंदगढ़ तालाब बांध में पानी के रिसाव की सूचना सामने आने के बाद देर रात प्रशासन और जल संसाधन विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही SDRF की टीम मौके पर पहुंची और एहतियात के तौर पर रात से ही क्षेत्र में तैनात रही। गोविंदगढ़ और अमरपाटन तहसील के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ रीवा की ASP भावना मरावी भी घटनास्थल पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया।
करीब 850 एकड़ में फैले गोविंदगढ़ तालाब को लेकर रिसाव की खबर सामने आने के बाद आसपास के ग्रामीणों और किसानों में बांध की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। हालांकि, जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर निरीक्षण के बाद स्थिति को नियंत्रण में बताया है। अधिकारियों के मुताबिक जो पानी दिखाई दे रहा है, वह बांध टूटने या किसी बड़े खतरे का संकेत नहीं है।
रीवा के गोविंदगढ़ तालाब: जल संसाधन विभाग ने कहा- खतरे की बात नहीं

जल संसाधन विभाग ने कहा- खतरे की बात नहीं
जल संसाधन विभाग के AC ने मौके की स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि इसे बड़े पैमाने पर पानी का रिसाव नहीं माना जा रहा है। उनके अनुसार यह प्रेशर रिलीज की सामान्य प्रक्रिया है। बांध की स्थिति पर विभाग लगातार नजर बनाए हुए है और फिलहाल किसी तरह का खतरा नहीं बताया गया है।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि सुरक्षा की दृष्टि से SDRF की टीम को मौके पर तैनात रखा गया है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
रीवा के गोविंदगढ़ तालाब: देर रात पहुंची SDRF की टीम
गोविंदगढ़ तालाब से जुड़ी सूचना सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। देर रात SDRF की टीम मौके पर पहुंची और जलाशय क्षेत्र का निरीक्षण किया। टीम की मौजूदगी से यह साफ है कि प्रशासन किसी भी संभावित स्थिति को लेकर पहले से तैयार रहना चाहता है।
गोविंदगढ़ और अमरपाटन तहसील के अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। रीवा ASP भावना मरावी की मौजूदगी में सुरक्षा व्यवस्था और मौके की परिस्थितियों को देखा गया।
प्रशासन की प्राथमिकता आसपास के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसलिए किसी भी तरह की अफवाह या अपुष्ट जानकारी फैलने से रोकने के लिए अधिकारियों की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
जांच में मामूली रिसाव मिला

जांच में मामूली रिसाव मिला
जल संसाधन विभाग की टीम ने स्थल निरीक्षण के दौरान बांध की स्थिति की जांच की। अधिकारियों के मुताबिक रिसाव आधा HP से भी कम और बेहद मामूली पाया गया। सबसे महत्वपूर्ण बात यह बताई गई कि रिसाव में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।
जांच के दौरान बांध के क्षरण के भी कोई संकेत नहीं मिले हैं। इसका मतलब है कि बांध की संरचना में किसी बड़े नुकसान के संकेत फिलहाल सामने नहीं आए हैं।
हालांकि, जलाशय से जुड़ा मामला होने के कारण प्रशासन इसे हल्के में नहीं ले रहा है। अधिकारियों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।
रीवा के गोविंदगढ़ तालाब: ग्रामीणों और किसानों में क्यों बढ़ी चिंता?
गोविंदगढ़ तालाब करीब 850 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और इससे आसपास के क्षेत्र में पानी तथा सिंचाई व्यवस्था जुड़ी हुई है। ऐसे में बांध में रिसाव की खबर फैलते ही ग्रामीणों और किसानों के बीच चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
लोगों को डर था कि कहीं रिसाव बढ़ने की स्थिति में बांध की संरचना प्रभावित न हो जाए। हालांकि मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने स्थिति को सामान्य बताया और कहा कि फिलहाल घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल अधिकारियों द्वारा दी जा रही आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
रीवा के गोविंदगढ़ तालाब: रबी फसल के बाद कराया जाएगा उपचार कार्य
जल संसाधन विभाग के अनुसार फिलहाल प्राथमिकता जलाशय के पानी और मौजूदा स्थिति की निगरानी करना है। विभाग ने बताया कि रबी फसल की सिंचाई पूरी होने और जलाशय का जलस्तर कम होने के बाद रिसाव को रोकने के लिए आवश्यक उपचार कार्य कराया जाएगा।
इसका उद्देश्य रिसाव की समस्या को स्थायी रूप से दूर करना है। जलस्तर कम होने के बाद बांध के संबंधित हिस्से में तकनीकी उपचार और जरूरी मरम्मत कार्य किए जा सकेंगे।
यानी विभाग फिलहाल स्थिति को नियंत्रित मान रहा है, लेकिन भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न आए, इसके लिए स्थायी समाधान की तैयारी भी की जा रही है।
रीवा के गोविंदगढ़ तालाब: प्रशासन अलर्ट मोड पर
गोविंदगढ़ तालाब में रिसाव की सूचना के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। SDRF की टीम को मौके पर तैनात किया गया है और जल संसाधन विभाग के अधिकारी स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल बांध को किसी तरह का खतरा नहीं है। रिसाव मामूली है और उसमें बढ़ोतरी भी नहीं देखी गई है। इसके बावजूद निगरानी जारी रखी जाएगी।
यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मानसून के दौरान जलाशयों और बांधों में पानी का दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में किसी भी असामान्य स्थिति की समय रहते पहचान करना जरूरी होता है।
रीवा के गोविंदगढ़ तालाब: लोगों से अफवाहों से बचने की अपील
गोविंदगढ़ तालाब को लेकर सोशल मीडिया या स्थानीय स्तर पर किसी भी तरह की अफवाह फैलने की स्थिति में लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि फिलहाल बांध को कोई खतरा नहीं है।
अगर स्थिति में किसी तरह का बदलाव आता है तो प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से इसकी जानकारी दी जाएगी। ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे बिना पुष्टि के किसी वीडियो, मैसेज या सोशल मीडिया पोस्ट को आगे शेयर न करें।
रीवा के गोविंदगढ़ तालाब:फिलहाल स्थिति नियंत्रण में

रीवा के गोविंदगढ़ तालाब:
गोविंदगढ़ तालाब में रिसाव की सूचना ने भले ही ग्रामीणों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी हो, लेकिन स्थल निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने स्थिति को सामान्य और नियंत्रण में बताया है।
रिसाव मामूली है, इसमें बढ़ोतरी नहीं हुई है और बांध के क्षरण के संकेत भी नहीं मिले हैं। एहतियात के तौर पर SDRF की टीम मौके पर तैनात है। जल संसाधन विभाग भी लगातार निगरानी कर रहा है।
रबी फसल की सिंचाई पूरी होने के बाद जलस्तर कम होने पर रिसाव रोकने के लिए आवश्यक उपचार कार्य कराया जाएगा। इससे समस्या का स्थायी समाधान करने की कोशिश की जाएगी।
फिलहाल प्रशासन की ओर से लोगों को डरने की जरूरत नहीं होने की बात कही गई है, लेकिन जलाशय की स्थिति पर नजर लगातार बनी रहेगी।















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