रीवा में लोकायुक्त का बड़ा ट्रैप (Lokayukta Big Trap in Rewa)
रीवा में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: चचाई चौकी प्रभारी का चालक 30 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
मध्यप्रदेश के रीवा जिले में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सेमरिया थाना क्षेत्र की चचाई चौकी में पदस्थ चौकी प्रभारी के वाहन चालक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 20 फरवरी 2026 को ट्रैप ऑपरेशन के तहत की गई, जिसमें आरोपी चालक को 30 हजार रुपये लेते समय पकड़ लिया गया। मामले ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं और क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता शिवकुमार कोल निवासी ग्राम चचाई, तहसील सेमरिया ने 18 फरवरी 2026 को लोकायुक्त कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में उन्होंने बताया कि उनकी बहू का पड़ोसी से विवाद हो गया था, जिसके बाद चौकी में उनके पुत्र के खिलाफ मारपीट और अन्य आरोपों की शिकायत दर्ज कराई गई। आरोप है कि इसी मामले में कार्रवाई से बचाने और समझौता कराने के नाम पर चौकी प्रभारी रामपाल दाहिया (सहायक उपनिरीक्षक) ने उनसे एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की।
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रीवा में लोकायुक्त का बड़ा ट्रैप (Lokayukta Big Trap in Rewa)
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30 हजार रिश्वत लेते चालक गिरफ्तार (Driver Caught Taking ₹30K Bribe)
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1 लाख की मांग, ट्रैप में खुलासा (₹1 Lakh Demand Exposed in Trap)
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चचाई चौकी में भ्रष्टाचार का मामला (Corruption Case at Chachai Outpost)
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लोकायुक्त की सख्त कार्रवाई (Strict Action by Lokayukta)
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रंगे हाथ पकड़ा गया आरोपी (Accused Caught Red-Handed)
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ASl पर भी जांच की आंच (Probe Likely on ASI)
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रिश्वत कांड से मचा हड़कंप (Bribery Case Creates Stir)
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ट्रैप टीम की सफल कार्रवाई (Successful Trap Operation)
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भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस संदेश (Zero Tolerance on Corruption)
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाटीदार ने मामले का सत्यापन कराया। जांच के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर लोकायुक्त टीम ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। इसके लिए उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार के नेतृत्व में 12 सदस्यीय विशेष टीम गठित की गई, जिसमें दो स्वतंत्र शासकीय गवाह भी शामिल किए गए।
लोकायुक्त के अनुसार, आरोप है कि चौकी प्रभारी रामपाल दाहिया ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम सीधे न लेकर अपने वाहन चालक अंकुर कुमार को पैसे लेने के लिए भेजा।
तय योजना के अनुसार 20 फरवरी को शिकायतकर्ता को रकम देने के लिए कहा गया। ट्रैप टीम पहले से ही सतर्क होकर मौके पर मौजूद थी।

रीवा में लोकायुक्त का बड़ा ट्रैप (Lokayukta Big Trap in Rewa)
बताया गया कि चचाई मोड़ स्थित मोहम्मद इस्लाम के घर के चौगान में जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी चालक को 30 हजार रुपये दिए, लोकायुक्त टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। टीम ने मौके पर ही पूरी प्रक्रिया पूरी की और रिश्वत की रकम जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया।
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(क) के तहत अपराध दर्ज किया है।
मामले में चौकी प्रभारी की भूमिका की भी जांच की जा रही है और आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और भी कार्रवाई की जा सकती है।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच यह संदेश गया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में अब सख्ती बढ़ाई जा रही है और शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। लोकायुक्त विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई शासकीय कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो उसकी शिकायत जरूर करें, ताकि ऐसे मामलों पर समय रहते कार्रवाई हो सके।
फिलहाल आरोपी चालक से पूछताछ जारी है और पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।














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