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Pragati Yojana 2026: प्रगति योजना 2026: 8 राज्यों के 20,000 युवा बनेंगे कृषि उद्यमी, जानें पूरी जानकारी

प्रगति योजना 2026: 8 राज्यों के 20,000 युवा बनेंगे कृषि उद्यमी, जानें पूरी जानकारी

Pragati Yojana 2026: प्रगति योजना: अब खेती-किसानी से संवरेगा युवाओं का करियर, 8 राज्यों के 20 हजार युवा बनेंगे कृषि उद्यमी

Pragati Yojana 2026: ग्रामीण युवाओं के लिए केंद्र सरकार की नई पहल

Pragati Yojana 2026:

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ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने और किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकों की पहुंच मजबूत करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने ‘प्रगति (PRAGATI)’ योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत पहले चरण में आठ राज्यों के लगभग 20 हजार ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित कर कृषि उद्यमी बनाया जाएगा। ये प्रशिक्षित युवा गांव स्तर पर किसानों को तकनीकी सहायता, आधुनिक खेती की जानकारी, कृषि मशीनों की उपलब्धता, सरकारी योजनाओं का लाभ और बाजार से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

केंद्र सरकार का मानना है कि यदि गांव के युवा आधुनिक कृषि तकनीकों में प्रशिक्षित होंगे तो खेती अधिक लाभकारी बनेगी, किसानों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

Pragati Yojana 2026: क्या है प्रगति योजना?

Pragati Yojana 2026:

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प्रगति योजना का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को कृषि क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत चयनित युवाओं को आधुनिक कृषि, फसल प्रबंधन, डिजिटल कृषि सेवाओं, मिट्टी परीक्षण, कृषि मशीनरी, बाजार व्यवस्था और सरकारी योजनाओं की जानकारी का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ये युवा अपने-अपने गांव में कृषि उद्यमी के रूप में काम करेंगे और किसानों तथा कृषि विभाग के बीच एक मजबूत सेतु बनेंगे। इससे किसानों को छोटी-छोटी कृषि सेवाओं के लिए शहरों या सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

Pragati Yojana 2026: योजना के तहत कृषि उद्यमियों की जिम्मेदारियां

प्रशिक्षित कृषि उद्यमी गांव में कई महत्वपूर्ण कार्य करेंगे। इनमें प्रमुख रूप से किसानों की मिट्टी की जांच कराने में सहायता, आधुनिक खेती की तकनीकों की जानकारी देना, उन्नत बीज और कृषि मशीनों के उपयोग के बारे में मार्गदर्शन करना, सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना और किसानों को बैंक ऋण तथा अन्य वित्तीय सहायता योजनाओं से जोड़ना शामिल है।

इसके अलावा कृषि उद्यमी किसानों की उपज को बेहतर बाजार तक पहुंचाने में भी सहयोग करेंगे, जिससे किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य मिल सके।

Pragati Yojana 2026: किन राज्यों में शुरू हुई योजना?

प्रगति योजना को फिलहाल पहले चरण में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल सहित कुल आठ राज्यों में लागू किया गया है। सरकार का लक्ष्य चरणबद्ध तरीके से इस योजना का विस्तार देश के अन्य राज्यों में भी करना है ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण युवा इसका लाभ उठा सकें।

Pragati Yojana 2026: किसानों को क्या होगा फायदा?

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इस योजना का सबसे बड़ा लाभ किसानों को मिलेगा। गांव में ही प्रशिक्षित कृषि उद्यमी उपलब्ध होने से किसानों को मिट्टी परीक्षण, उन्नत खेती की तकनीक, फसल प्रबंधन, कृषि उपकरणों की जानकारी और सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।

इससे खेती की लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने, नई तकनीकों को अपनाने और कृषि उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में भी यह योजना महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

Pragati Yojana 2026: ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का नया अवसर

प्रगति योजना केवल किसानों के लिए ही नहीं बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए भी रोजगार का नया रास्ता खोल रही है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवा गांव में ही कृषि आधारित सेवाएं देकर अपनी आय अर्जित कर सकेंगे। इससे गांवों से शहरों की ओर पलायन कम होने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है।

सरकार का उद्देश्य कृषि को केवल पारंपरिक आजीविका नहीं बल्कि आधुनिक उद्यम के रूप में विकसित करना है, ताकि युवा खेती और कृषि सेवाओं को अपने करियर के रूप में अपनाएं।

Pragati Yojana 2026: केंद्रीय कृषि मंत्री ने क्या कहा?

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रगति योजना केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि खेती में बदलाव लाने का अभियान है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार और वैज्ञानिक खेती से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है। साथ ही ग्रामीण युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह योजना महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

निष्कर्ष

प्रगति योजना ग्रामीण भारत के लिए एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। यह योजना किसानों को आधुनिक कृषि सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ हजारों युवाओं को कृषि उद्यमी बनने का अवसर देगी। यदि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन होता है तो इससे खेती अधिक लाभकारी, टिकाऊ और तकनीक आधारित बनेगी। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने और किसानों की आय बढ़ाने में भी इसका महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है।

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