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डेयरी खोलें, पाएं ₹11.80 लाख :मिनी नंदिनी योजना 2026: 10 देसी गायों की डेयरी पर ₹11.80 लाख तक सब्सिडी

मिनी नंदिनी योजना 2026: 10 देसी गायों की डेयरी पर ₹11.80 लाख तक सब्सिडी

डेयरी खोलें, पाएं ₹11.80 लाख : मिनी नंदिनी योजना 2026: 10 देसी गायों की डेयरी पर ₹11.80 लाख तक सब्सिडी, आवेदन शुरू


डेयरी खोलें, पाएं ₹11.80 लाख :

डेयरी खोलें, पाएं ₹11.80 लाख :

डेयरी खोलें, पाएं ₹11.80 लाख : उत्तर प्रदेश सरकार की बड़ी पहल

डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार ने नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत मिनी नंदिनी योजना शुरू की है। इस योजना के माध्यम से किसानों और पशुपालकों को 10 देसी गायों की डेयरी यूनिट स्थापित करने पर ₹11.80 लाख तक की सब्सिडी दी जाएगी।


डेयरी खोलें, पाएं ₹11.80 लाख :योजना की मुख्य विशेषताएं

  • डेयरी खोलें, पाएं ₹11.80 लाख :

    डेयरी खोलें, पाएं ₹11.80 लाख :

    10 देसी गायों की डेयरी यूनिट

  • कुल परियोजना लागत: ₹23.60 लाख
  • सरकारी अनुदान: 50% (₹11.80 लाख तक)
  • बैंक ऋण: 35% तक
  • स्वयं का निवेश: 15%
  • आवेदन की अंतिम तिथि: 21 जुलाई 2026

डेयरी खोलें, पाएं ₹11.80 लाख :कितनी मिलेगी सब्सिडी?

योजना के तहत सरकार कुल परियोजना लागत का 50 प्रतिशत अनुदान प्रदान करेगी।

विवरण राशि
कुल परियोजना लागत ₹23.60 लाख
सरकारी सब्सिडी ₹11.80 लाख
बैंक लोन 35%
स्वयं का निवेश 15%

डेयरी खोलें, पाएं ₹11.80 लाख:किन नस्लों की गायों पर मिलेगा लाभ?

योजना का लाभ केवल भारतीय देसी नस्ल की गायों पर मिलेगा।

  • साहीवाल
  • गीर
  • थारपारकर

जरूरी शर्त

  • गाय पहली या दूसरी बार बछड़ा दे चुकी हो।
  • बछड़ा दिए हुए 45 दिन से अधिक न हुए हों।
  • ईयर टैग अनिवार्य।
  • बीमा कराना जरूरी।

डेयरी खोलें, पाएं ₹11.80 लाख :योजना का उद्देश्य

इस योजना का उद्देश्य है—

  • देसी गायों का संरक्षण
  • दुग्ध उत्पादन बढ़ाना
  • किसानों की नियमित आय बढ़ाना
  • ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजित करना
  • महिला पशुपालकों को प्रोत्साहन देना

डेयरी खोलें, पाएं ₹11.80 लाख :किन जिलों में लागू है योजना?

मिनी नंदिनी योजना उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू की गई है।


महिलाओं को मिलेगा विशेष लाभ

सरकार ने योजना में 50 प्रतिशत लाभ महिलाओं के लिए आरक्षित रखा है ताकि महिला पशुपालकों की भागीदारी बढ़ाई जा सके।


पात्रता (Eligibility)

आवेदक के लिए निम्न शर्तें आवश्यक हैं—

  • कम से कम 3 वर्ष का पशुपालन अनुभव
  • 0.20 एकड़ भूमि डेयरी यूनिट के लिए
  • 0.80 एकड़ भूमि हरे चारे के लिए
  • भूमि स्वयं की, पैतृक या 7 वर्ष की लीज पर हो सकती है
  • जलभराव वाली भूमि नहीं होनी चाहिए
  • 10 गाय रखने के लिए पर्याप्त स्थान होना चाहिए

डेयरी खोलें, पाएं ₹11.80 लाख :किन लोगों को नहीं मिलेगा लाभ?

यदि आपने पहले इन योजनाओं का लाभ लिया है तो आवेदन नहीं कर सकते—

  • कामधेनु योजना
  • मिनी कामधेनु योजना
  • माइक्रो कामधेनु योजना
  • नंदिनी कृषक समृद्धि योजना
  • मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना

आवेदन कैसे करें?

इच्छुक किसान 21 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन के तरीके—

  • ऑनलाइन पोर्टल
  • मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय
  • मुख्य विकास अधिकारी (CDO) कार्यालय
  • पंजीकृत डाक के माध्यम से

यदि आवेदन अधिक आते हैं तो लाभार्थियों का चयन ई-लॉटरी द्वारा किया जाएगा।


डेयरी खोलें, पाएं ₹11.80 लाख :सब्सिडी कैसे मिलेगी?

अनुदान राशि DBT के माध्यम से आधार लिंक बैंक खाते में भेजी जाएगी।

पहला चरण

  • डेयरी शेड निर्माण के बाद
  • 25% अनुदान

दूसरा चरण

  • गायों की खरीद पूरी होने पर
  • शेष 25% अनुदान

डेयरी खोलें, पाएं ₹11.80 लाख :योजना के फायदे

  • कम पूंजी में डेयरी व्यवसाय शुरू करने का अवसर
  • ₹11.80 लाख तक सरकारी सहायता
  • बैंक ऋण की सुविधा
  • देसी नस्ल की गायों का संरक्षण
  • किसानों की आय में वृद्धि
  • महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन

FAQs

1. मिनी नंदिनी योजना क्या है?

यह उत्तर प्रदेश सरकार की डेयरी प्रोत्साहन योजना है, जिसमें 10 देसी गायों की डेयरी पर ₹11.80 लाख तक की सब्सिडी दी जाती है।


2. किन गायों पर सब्सिडी मिलेगी?

साहीवाल, गीर और थारपारकर नस्ल की भारतीय देसी गायों पर।


3. आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?

21 जुलाई 2026।


4. कितना बैंक लोन मिलेगा?

परियोजना लागत का 35 प्रतिशत तक।


5. क्या महिलाओं को आरक्षण मिलेगा?

हाँ, कुल लाभार्थियों में 50 प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षण रखा गया है।


निष्कर्ष

मिनी नंदिनी योजना 2026 उत्तर प्रदेश के किसानों और पशुपालकों के लिए डेयरी व्यवसाय शुरू करने का सुनहरा अवसर है। सरकारी सब्सिडी, बैंक ऋण और देसी नस्ल की गायों को बढ़ावा देने वाली यह योजना किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को भी नई दिशा दे सकती है।

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