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BLO कर्मचारियों का धरना: जबरन कार्य, गलत फीडिंग और भुगतान न होने के आरोप

जबरन कार्य और गलत फीडिंग के आरोप, BLO कर्मचारियों का धरना

BLO कर्मचारियों का धरना: जबरन कार्य, गलत फीडिंग और भुगतान न होने के आरोप

एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) कार्य में लगे बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) कर्मचारियों ने सोमवार को विवेकानंद पार्क में धरना देकर अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। धरनारत कर्मचारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनसे जबरन कार्य कराया जा रहा है, बार-बार मतदाताओं के घर भेजा जा रहा है और बिना अनुमति उनकी लॉगिन आईडी व पासवर्ड लेकर गलत फीडिंग की जा रही है। BLO कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी संबंधित अधिकारियों को सौंपा।

धरने पर बैठे BLO कर्मचारियों का कहना है कि लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी में दिख रहे मतदाताओं का सत्यापन वे पहले ही वरिष्ठ कार्यालय के निर्देशानुसार दो बार कर चुके हैं

सत्यापन के दौरान एकत्र की गई समस्त जानकारी और दस्तावेज BLO ऐप के माध्यम से समय पर अपलोड भी कर दिए गए थे। इसके बावजूद उन्हें बार-बार उसी कार्य को दोहराने के लिए मजबूर किया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि इससे न सिर्फ उनका कार्यभार बढ़ रहा है, बल्कि उन्हें बार-बार मतदाताओं के घर जाने के कारण सामाजिक असहजता और विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है।

BLO कर्मचारियों ने बताया कि कई क्षेत्रों में मतदाता इस बार-बार की प्रक्रिया से नाराज हो चुके हैं। कुछ जगहों पर उन्हें अपमानजनक शब्दों का सामना करना पड़ा है, तो कहीं मतदाताओं ने नाम कटवाने तक की धमकी दे डाली। कर्मचारियों का कहना है कि वे केवल अपने कर्तव्य का पालन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही और गलत प्रक्रियाओं का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।

धरनारत कर्मचारियों ने एसआईआर अभियान के दौरान एक और गंभीर आरोप लगाया।

उनका कहना है कि वरिष्ठ कार्यालय के ऑपरेटरों द्वारा जल्दबाजी में BLO की लॉगिन आईडी और पासवर्ड लेकर गलत फीडिंग कर दी गई। जबकि BLO पहले ही सही और सत्यापित जानकारी सिस्टम में दर्ज कर चुके थे। इसी गलत फीडिंग के कारण बार-बार लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी उत्पन्न हो रही है और उसकी पूरी जिम्मेदारी BLO पर डाल दी जा रही है, जो कि सरासर अन्याय है।

जबरन कार्य और गलत फीडिंग के आरोप, BLO कर्मचारियों का धरना

जबरन कार्य और गलत फीडिंग के आरोप, BLO कर्मचारियों का धरना

कर्मचारियों ने यह भी बताया कि बार-बार दस्तावेज मांगने और हस्ताक्षर कराने की प्रक्रिया से मतदाता उग्र हो जाते हैं। कई लोग इसे अनावश्यक उत्पीड़न मान रहे हैं। BLO का कहना है कि वे जनता और प्रशासन के बीच सेतु की भूमिका निभाते हैं, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में वे दोनों ओर से दबाव में आ गए हैं।

धरने के दौरान BLO कर्मचारियों ने आर्थिक मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया

उनका कहना है कि उनका मासिक मानदेय लंबे समय से लंबित है। इसके अलावा विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान भी आज दिनांक तक नहीं किया गया है। आर्थिक भुगतान में हो रही देरी के कारण कर्मचारियों में भारी नाराजगी है और उनका मनोबल भी गिर रहा है

BLO कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि बाहरी कंप्यूटर कैफे के माध्यम से ऑनलाइन नाम जोड़ने के आवेदनों का सत्यापन बिना BLO के फील्ड वेरिफिकेशन के ही कर दिया जाता है, जो निर्वाचन नियमों के बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने मांग की कि फील्ड वेरिफिकेशन के बाद ही किसी भी आवेदन का सत्यापन किया जाए। साथ ही लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी के मामलों में पुनः सत्यापन हेतु नोटिस तामील का कार्य तहसील स्तर के कर्मचारियों से कराया जाए, ताकि BLO पर अनावश्यक दबाव न पड़े।

धरने में शामिल कर्मचारियों ने यह भी कहा कि निर्वाचन कार्य के साथ-साथ उन पर विभागीय कार्यों का अतिरिक्त दबाव बनाया जा रहा है।

जबकि निर्वाचन कार्य के दौरान विभागीय कार्यों से मुक्त रखने को लेकर कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं किया गया है। मंडल परीक्षाएं नजदीक होने के कारण विभागीय कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का दबाव बढ़ गया है, जिससे BLO कर्मचारी मानसिक तनाव में हैं।

  1. जबरन कार्य और गलत फीडिंग के आरोप, BLO कर्मचारियों का धरना

  2. एसआईआर कार्य को लेकर विवेकानंद पार्क में BLO का विरोध प्रदर्शन

  3. बार-बार सत्यापन के दबाव से नाराज़ BLO कर्मचारी सड़कों पर

  4. बिना अनुमति आईडी-पासवर्ड लेने का आरोप, प्रशासन पर सवाल

  5. लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी का ठीकरा BLO पर फोड़ने का आरोप

  6. भुगतान न होने से आक्रोश, मानदेय और प्रोत्साहन राशि लंबित

  7. मतदाताओं की नाराज़गी झेल रहे BLO, अपमान का सामना

  8. नियमों के खिलाफ सत्यापन का आरोप, फील्ड वेरिफिकेशन की मांग

  9. निर्वाचन के साथ विभागीय काम का दबाव, कर्मचारी परेशान

  10. मांगें न मानी तो हाईकोर्ट जाने की चेतावनी

अंत में BLO कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी न्यायसंगत मांगों पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे विवश होकर माननीय उच्च न्यायालय का रुख करेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि वे टकराव नहीं चाहते, लेकिन सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां और नियमों के अनुसार व्यवस्था लागू करना उनका अधिकार है।

 

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