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गेहूं उपार्जन को लेकर मुख्यमंत्री का सख्त रुख

MADHYA PRADESH में कैबिनेट विस्तार और फेरबदल की चर्चा

गेहूं उपार्जन को लेकर मुख्यमंत्री का सख्त रुख

Mohan Yadav ने Madhya Pradesh में गेहूं उपार्जन व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। BHOPAL में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि किसानों से जुड़ी इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि गेहूं खरीदी सरकार की प्राथमिकता है और इसका सीधा संबंध किसानों की आय और भरोसे से है। इसलिए सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करें और किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या देरी की शिकायत सामने नहीं आनी चाहिए।

कलेक्टरों को चेतावनी – परिणाम नहीं देने वाले MAIDAN में नहीं रहेंगे

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने VIDEO CONFRENCING के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टरों से सीधी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब अधिकारियों को हर हाल में परफॉर्म करना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जो कलेक्टर परिणाम नहीं देंगे, उन्हें मैदान में नहीं रहने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ समय पर किसानों तक पहुंचना चाहिए और इसमें ढिलाई करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  1. Mohan Yadav का सख्त संदेश – गेहूं उपार्जन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

  2. गेहूं खरीदी को लेकर CM की चेतावनी – परिणाम नहीं देने वाले कलेक्टर मैदान में नहीं रहेंगे

  3. Madhya Pradesh में गेहूं उपार्जन पर सरकार सख्त, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

  4. किसानों को परेशानी हुई तो जिम्मेदार होंगे अधिकारी – मुख्यमंत्री मोहन यादव

  5. 16 मार्च से प्रदेश के कई संभागों में शुरू होगी गेहूं खरीदी

  6. गेहूं खरीदी से पहले प्रशासन अलर्ट, उपार्जन केंद्रों की व्यवस्थाओं की समीक्षा

  7. किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश

  8. पंजीयन की आखिरी तारीख 7 मार्च, किसानों से जल्द रजिस्ट्रेशन की अपील

  9. संभागवार जारी हुआ गेहूं खरीदी का कार्यक्रम

  10. Bhopal में समीक्षा बैठक के बाद सीएम का सख्त रुख, अधिकारियों को चेतावनी

KISANO को परेशानी न हो, प्रशासन को दिए स्पष्ट निर्देश

CM ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गेहूं उपार्जन के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला COLLECTOR यह सुनिश्चित करें कि सभी पंजीकृत किसानों का सत्यापन समय पर पूरा हो। इसके साथ ही उपार्जन केंद्रों पर बारदानों (बोरियों) की पर्याप्त व्यवस्था भी पहले से की जाए ताकि खरीदी के समय किसी तरह की अव्यवस्था न हो। किसानों को लाइन में खड़ा रहकर परेशान न होना पड़े और पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से संचालित हो, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है।

गेहूं उपार्जन को लेकर मुख्यमंत्री का सख्त रुख

                                             गेहूं उपार्जन को लेकर मुख्यमंत्री का सख्त रुख

GEHU खरीदी की तिथियां और संभागवार कार्यक्रम

सरकार द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश के अलग-अलग संभागों में अलग-अलग तारीखों से गेहूं खरीदी शुरू की जाएगी। INDORE, UJJAIN, BHOPAL और  NARMDAPURAM संभाग में 16 मार्च से 5 मई तक गेहूं खरीदी होगी। वहीं जबलपुर, ग्वालियर, Rewa, शहडोल, चंबल और सागर संभाग में 23 मार्च से 12 मई तक किसानों से गेहूं खरीदा जाएगा। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि खरीदी केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं ताकि प्रक्रिया सुचारु रूप से चल सके।

पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च, KISANO से अपील

सरकार ने किसानों के लिए गेहूं उपार्जन में पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च तय की है। इसलिए जिन किसानों ने अभी तक पंजीयन नहीं कराया है, उन्हें जल्द से जल्द अपना पंजीयन कराने की सलाह दी गई है। सरकार का कहना है कि इस बार गेहूं खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और किसानों के लिए सरल बनाया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसानों को गेहूं बेचने के बाद समय पर भुगतान मिले, ताकि उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

किसानों को परेशानी हुई तो जिम्मेदार होंगे अधिकारी

                                                   किसानों को परेशानी हुई तो जिम्मेदार होंगे अधिकारी

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