MP Police Promotion: MP Police Promotion: 1168 आरक्षक बने प्रधान आरक्षक,

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200 से ज्यादा पात्र पुलिसकर्मियों के नाम सूची से गायब
इंदौर। मध्य प्रदेश में वर्षों से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होने के बाद पुलिस विभाग में खुशी के साथ-साथ नाराजगी भी देखने को मिल रही है। हाल ही में जारी वरिष्ठता सूची के अनुसार 1168 आरक्षकों को प्रधान आरक्षक पद पर पदोन्नति का लाभ मिला है। वहीं दूसरी ओर, 200 से अधिक पात्र पुलिसकर्मियों के नाम सूची में शामिल नहीं होने से विवाद खड़ा हो गया है। कई पुलिसकर्मियों ने स्थापना शाखा और पदोन्नति समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए शिकायतें दर्ज कराई हैं।
MP Police Promotion: 1168 आरक्षकों को मिला प्रमोशन

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राज्य शासन द्वारा पदोन्नति प्रक्रिया को मंजूरी मिलने के बाद जारी सूची में 1168 आरक्षकों को प्रधान आरक्षक पद पर पदोन्नत किया गया है। लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे पुलिसकर्मियों के लिए यह राहत भरी खबर रही, लेकिन सूची जारी होते ही कई कर्मचारियों ने अनियमितताओं के आरोप लगाने शुरू कर दिए।
MP Police Promotion: 200 से ज्यादा पात्रों के नाम नहीं होने पर नाराजगी
सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठता और पात्रता पूरी होने के बावजूद 200 से अधिक पुलिसकर्मियों के नाम पदोन्नति सूची में शामिल नहीं किए गए। इसके बाद रविवार को अवकाश होने के बावजूद पलासिया स्थित कार्यालय में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी शिकायत लेकर पहुंचे। कर्मचारियों का कहना है कि योग्य होने के बावजूद उन्हें प्रमोशन से वंचित कर दिया गया।
MP Police Promotion: स्थापना शाखा पर लापरवाही के आरोप

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नाराज पुलिसकर्मियों ने स्थापना शाखा और पदोन्नति समिति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वरिष्ठता सूची तैयार करने में कई त्रुटियां हुई हैं, जिसके कारण पात्र कर्मचारियों के नाम सूची से बाहर रह गए। अब कर्मचारी संशोधित सूची जारी करने की मांग कर रहे हैं।
MP Police Promotion: विभागीय जांच वाले कर्मचारी प्रमोशन से बाहर
जानकारी के अनुसार, जिन पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच लंबित है या जो किसी अन्य प्रशासनिक गड़बड़ी में शामिल हैं, उन्हें फिलहाल पदोन्नति प्रक्रिया से अलग रखा गया है। हालांकि जिन कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई लंबित नहीं है, वे अपने नाम गायब होने पर सवाल उठा रहे हैं।
संशोधित सूची का इंतजार
पुलिस विभाग के कर्मचारियों की नजर अब संशोधित पदोन्नति सूची पर टिकी हुई है। उम्मीद जताई जा रही है कि शिकायतों की जांच के बाद पात्र कर्मचारियों के नाम सूची में जोड़े जा सकते हैं। विभाग की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है।
MP Police Promotion: साइबर फ्रॉड मामलों की जांच पर भी सवाल

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इसी बीच पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर एक और मुद्दा सामने आया है। राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज मामलों में जीरो एफआईआर तो तेजी से दर्ज हो रही है, लेकिन जांच की रफ्तार बेहद धीमी बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, कमिश्नरेट के चारों जोन में 1236 साइबर फ्रॉड मामले दर्ज हैं, जिनमें विवेचना अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ रही।
MP Police Promotion: ड्रग्स मामले की जांच भी चर्चा में
इंदौर के चर्चित ड्रग्स मामले की जांच को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी से जुड़े मामले में जांच की धीमी गति पर विभिन्न स्तरों पर चर्चाएं जारी हैं। हालांकि इस मामले में पुलिस की ओर से कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है।
MP Police Promotion: कर्मचारियों को संशोधित सूची का इंतजार
पुलिस विभाग में शुरू हुई पदोन्नति प्रक्रिया को लंबे इंतजार के बाद सकारात्मक कदम माना जा रहा है, लेकिन सूची से पात्र कर्मचारियों के नाम गायब होने के कारण असंतोष भी बढ़ा है। अब सभी की निगाहें विभाग द्वारा जारी की जाने वाली संशोधित सूची और शिकायतों के निराकरण पर टिकी हैं। इससे स्पष्ट होगा कि कितने पात्र कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिल पाएगा।















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