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8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर कम हुआ तो भी डबल हो सकती है सैलरी, 2.1 पर समझें पूरा गणित

8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर कम हुआ तो भी डबल हो सकती है सैलरी, 2.1 पर समझें पूरा गणित

8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर कम हुआ तो भी डबल हो सकती है सैलरी, 2.1 पर ऐसे समझें पूरा गणित

8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर कम हुआ तो भी डबल हो सकती है सैलरी, 2.1 पर समझें पूरा गणित

8th Pay Commission:

8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर कम हुआ तो भी डबल हो सकती है सैलरी, 2.1 पर समझें पूरा गणित 8th Pay Commission Latest News: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आठवें वेतन आयोग को लेकर चर्चा तेज है। सबसे ज्यादा नजर फिटमेंट फैक्टर पर है। NC-JCM ने 3.833 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया है, जबकि एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि सरकार इससे कम फिटमेंट फैक्टर भी तय कर सकती है। हालांकि, कम फिटमेंट फैक्टर होने के बावजूद कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा इजाफा संभव है।

आठवें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद उनकी सैलरी कितनी बढ़ेगी। फिलहाल फिटमेंट फैक्टर को लेकर कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है। ऐसे में अलग-अलग प्रस्तावों और संभावित गणनाओं के आधार पर सैलरी में होने वाले बदलाव को समझा जा रहा है।

8th Pay Commission: 7वें वेतन आयोग में 2.57 था फिटमेंट फैक्टर

 8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर कम हुआ तो भी डबल हो सकती है सैलरी, 2.1 पर समझें पूरा गणित

8th Pay Commission:

सातवें वेतन आयोग में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 2.57 का फिटमेंट फैक्टर निर्धारित किया गया था। इसके बाद न्यूनतम बेसिक सैलरी 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गई थी।

हालांकि, सिर्फ फिटमेंट फैक्टर को देखकर वास्तविक वेतन वृद्धि का अंदाजा लगाना सही नहीं होगा। महंगाई भत्ते यानी DA का भी इसमें महत्वपूर्ण प्रभाव रहता है।

सातवें वेतन आयोग के समय DA पुरानी बेसिक सैलरी पर 125 प्रतिशत यानी 8,750 रुपये तक पहुंच चुका था। DA के समायोजन के बाद कर्मचारियों को वास्तविक अतिरिक्त लाभ करीब 2,250 रुपये का बताया गया था।

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में कम फिटमेंट फैक्टर पर भी फायदा

आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर कितना होगा, यह अभी तय नहीं है। NC-JCM की ओर से 3.833 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया गया है। वहीं, विशेषज्ञों का अनुमान है कि सरकार सातवें वेतन आयोग के 2.57 से भी कम फिटमेंट फैक्टर तय कर सकती है।

इसके बावजूद एक्सपर्ट गणना के मुताबिक कर्मचारियों को पिछले वेतन आयोग की तुलना में अधिक वास्तविक फायदा मिल सकता है।

ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल के अनुसार, आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर कम रहने की स्थिति में भी कर्मचारियों को पिछले आयोग की तुलना में अधिक फायदा मिल सकता है। उन्होंने इसके लिए संभावित गणना भी साझा की है।

8th Pay Commission: 2.1 फिटमेंट फैक्टर पर 38 हजार हो सकती है बेसिक सैलरी

अगर आठवें वेतन आयोग में 2.1 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो मौजूदा 18,000 रुपये की न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर करीब 38,000 रुपये हो सकती है। उपलब्ध गणना में इसे 37,800 रुपये बताया गया है।

वर्तमान में 58 प्रतिशत DA के हिसाब से 18,000 रुपये की बेसिक सैलरी पर करीब 10,400 रुपये DA बनता है। संभावित नई बेसिक सैलरी के साथ वास्तविक अतिरिक्त लाभ का अनुमान करीब 9,560 रुपये लगाया गया है।

इस गणना के आधार पर सातवें वेतन आयोग में करीब 32 प्रतिशत के मुकाबले आठवें वेतन आयोग में 2.1 फिटमेंट फैक्टर पर संभावित फायदा करीब 53 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।

8th Pay Commission: अलग-अलग लेवल पर कितनी बढ़ सकती है बेसिक पे?

अगर 2.1 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो अलग-अलग पे लेवल के कर्मचारियों की एंट्री बेसिक पे में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। उपलब्ध गणना के अनुसार:

पे लेवल वर्तमान बेसिक पे संभावित बेसिक पे
Level 1 ₹18,000 ₹37,800
Level 2 ₹19,900 ₹41,790
Level 3 ₹21,700 ₹45,570
Level 4 ₹25,500 ₹53,550
Level 5 ₹29,200 ₹61,320
Level 6 ₹35,400 ₹74,340
Level 7 ₹44,900 ₹94,290
Level 8 ₹47,600 ₹99,960
Level 9 ₹53,100 ₹1,11,510
Level 10 ₹56,100 ₹1,17,810
Level 11 ₹67,700 ₹1,42,170
Level 12 ₹78,800 ₹1,65,480
Level 14 ₹1,44,200 ₹3,02,820
Level 15 ₹1,82,200 ₹3,82,620
Level 16 ₹2,05,400 ₹4,31,340
Level 17 ₹2,25,000 ₹4,72,500
Level 18 ₹2,50,000 ₹5,25,000

उपरोक्त आंकड़े उपलब्ध रिपोर्ट में दिए गए संभावित अनुमान पर आधारित हैं।

8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर से कैसे तय होती है सैलरी?

8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर कम हुआ तो भी डबल हो सकती है सैलरी, 2.1 पर समझें पूरा गणित

8th Pay Commission:

फिटमेंट फैक्टर वेतन संशोधन की गणना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आसान भाषा में समझें तो मौजूदा बेसिक पे को प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर से गुणा करके नई बेसिक पे का अनुमान लगाया जाता है।

उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी की बेसिक पे 18,000 रुपये है और फिटमेंट फैक्टर 2.1 रहता है, तो गणना के आधार पर बेसिक पे 18,000 × 2.1 = 37,800 रुपये होगी।

इसी तरह अलग-अलग पे लेवल पर कर्मचारियों की संभावित बेसिक सैलरी निकाली जा सकती है। हालांकि, इससे यह नहीं माना जाना चाहिए कि कर्मचारी की कुल इन-हैंड सैलरी बिल्कुल इसी अनुपात में बढ़ जाएगी।

8th Pay Commission: DA का भी रहेगा अहम रोल

कर्मचारियों की कुल सैलरी केवल बेसिक पे से तय नहीं होती। महंगाई भत्ता यानी DA और अन्य भत्ते भी वेतन संरचना को प्रभावित करते हैं। इसलिए आठवें वेतन आयोग में अंतिम सैलरी का पता तभी चलेगा जब आयोग अपनी सिफारिशें देगा और सरकार उन्हें मंजूरी देगी।

मौजूदा रिपोर्ट में भी साफ किया गया है कि अंतिम वेतन संशोधन आठवें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशों और सरकार द्वारा मंजूर किए जाने वाले अंतिम स्ट्रक्चर पर निर्भर करेगा।

8th Pay Commission: अभी अंतिम फिटमेंट फैक्टर का इंतजार

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 8वें वेतन आयोग का अंतिम फिटमेंट फैक्टर अभी तय नहीं हुआ है। 3.833 का प्रस्ताव सामने आया है, जबकि 2.1 जैसे संभावित फैक्टर के आधार पर भी सैलरी में बड़े बदलाव का अनुमान लगाया जा रहा है।

इसलिए 37,800 रुपये, 53,550 रुपये या अन्य आंकड़ों को फिलहाल संभावित गणना के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। अंतिम फैसला आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कर्मचारियों की बेसिक पे, DA और कुल वेतन में वास्तविक कितना बदलाव होगा।

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