MP के सरकारी स्कूलों पर हाई कोर्ट सख्त :मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों की बदहाली हाई कोर्ट पहुंची, 40% शिक्षक पद खाली

MP के सरकारी स्कूलों पर हाई कोर्ट सख्त :
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 40% शिक्षक पद खाली, 1,895 स्कूल बिना शिक्षक के और हजारों स्कूलों में बिजली, शौचालय व कंप्यूटर जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव। हाई कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से 17 अगस्त 2026 तक जवाब मांगा।
MP के सरकारी स्कूलों पर हाई कोर्ट सख्त :मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों की बदहाली पर हाई कोर्ट सख्त
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर दायर जनहित याचिका पर हाई कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। अदालत ने 17 अगस्त 2026 तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। याचिका में शिक्षक पदों की भारी कमी और स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव का मुद्दा उठाया गया है।
MP के सरकारी स्कूलों पर हाई कोर्ट सख्त :40 प्रतिशत शिक्षक पद खाली

MP के सरकारी स्कूलों पर हाई कोर्ट सख्त :
याचिका के अनुसार प्रदेश में कुल 2.89 लाख स्वीकृत शिक्षक पद हैं, लेकिन इनमें से 1,15,678 पद खाली पड़े हैं। इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है।
MP के सरकारी स्कूलों पर हाई कोर्ट सख्त :1,895 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि प्रदेश के 1,895 सरकारी स्कूल ऐसे हैं जहां एक भी शिक्षक नियुक्त नहीं है। ऐसे स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई लगभग ठप होने की स्थिति में है।
MP के सरकारी स्कूलों पर हाई कोर्ट सख्त : हजारों स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव
याचिका में सरकारी स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं को लेकर भी गंभीर दावे किए गए हैं।
- 59,000 स्कूलों में कंप्यूटर नहीं
- 10,000 स्कूलों में बिजली नहीं
- 3,400 स्कूलों में शौचालय नहीं
- करीब 5,000 स्कूलों की इमारतें जर्जर
इन कमियों का सीधा असर छात्रों की शिक्षा और सुरक्षा पर पड़ रहा है।
MP के सरकारी स्कूलों पर हाई कोर्ट सख्त : 10 वर्षों में 22 लाख से अधिक छात्र हुए कम
याचिका में यह भी कहा गया है कि पिछले 10 वर्षों में सरकारी स्कूलों से 22 लाख से ज्यादा छात्र कम हो गए, जबकि इसी अवधि में प्रदेश की आबादी लगातार बढ़ी है। इससे सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
MP के सरकारी स्कूलों पर हाई कोर्ट सख्त : हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

MP के सरकारी स्कूलों पर हाई कोर्ट सख्त :
मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से पूछा है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था कब तक सुनिश्चित की जाएगी। अदालत ने 17 अगस्त 2026 तक विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
MP के सरकारी स्कूलों पर हाई कोर्ट सख्त : शिक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द रिक्त पद नहीं भरे गए और स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं में सुधार नहीं हुआ, तो सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर इसका दीर्घकालिक असर पड़ सकता है।
MP के सरकारी स्कूलों पर हाई कोर्ट सख्त : निष्कर्ष
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी और बुनियादी सुविधाओं का अभाव अब न्यायपालिका के संज्ञान में है। अब सभी की निगाहें सरकार के जवाब और हाई कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।















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