Modi Cabinet Expansion: केंद्रीय कैबिनेट में फेरबदल की चर्चा जोरों पर हैं, कयास लगाए जा रहे हैं कि मोदी कैबिनेट में प्रभु ‘श्रीराम’ के नाम से प्रसिद्ध अरुण गोविल की एंट्री हो सकती है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मोदी सरकार गोविल के राम मंदिर चंदा चोरी मामले का डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश कर सकती है।
Modi Cabinet Expansion: मोदी कैबिनेट विस्तार की चर्चाओं के बीच अरुण गोविल का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में

अरुण गोविल
नई दिल्ली: केंद्र सरकार में जल्द बड़े स्तर पर मंत्रिपरिषद विस्तार और फेरबदल की चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को अपनी कैबिनेट में बदलाव कर सकते हैं। मोदी 3.0 सरकार बनने के बाद यह पहला बड़ा कैबिनेट विस्तार माना जा रहा है। इस संभावित फेरबदल में कई नए चेहरों को मौका मिलने और कुछ मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी होने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
सबसे अधिक चर्चा जिन नामों को लेकर हो रही है, उनमें पूर्व आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास, शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे और मेरठ से भाजपा सांसद अरुण गोविल शामिल हैं। विशेष रूप से अरुण गोविल का नाम राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। टीवी के लोकप्रिय धारावाहिक रामायण में भगवान श्रीराम की भूमिका निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाले अरुण गोविल को यदि मोदी कैबिनेट में जगह मिलती है तो इसका राजनीतिक संदेश भी काफी महत्वपूर्ण माना जाएगा।
Modi Cabinet Expansion: राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बीच बढ़ी राजनीतिक चर्चाएं

राम मंदिर
अरुण गोविल की संभावित कैबिनेट एंट्री ऐसे समय चर्चा में है, जब अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला पूरे देश में सुर्खियों में है। इस मामले को लेकर विपक्ष लगातार सरकार और मंदिर प्रशासन पर सवाल उठा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का एक वर्ग मानता है कि यदि सरकार अरुण गोविल को कैबिनेट में शामिल करती है तो इससे भगवान राम की छवि से जुड़े एक लोकप्रिय चेहरे के माध्यम से सकारात्मक संदेश देने की कोशिश हो सकती है। हालांकि सरकार या भाजपा की ओर से इस तरह के किसी राजनीतिक उद्देश्य की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए इसे फिलहाल केवल राजनीतिक अटकलों के रूप में ही देखा जा रहा है।
Modi Cabinet Expansion: कैबिनेट में किन नेताओं की हो सकती है एंट्री?

सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट विस्तार में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। चर्चा है कि प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव और पूर्व आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास को सरकार में अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। कुछ राजनीतिक चर्चाओं में उन्हें वित्त मंत्रालय से जोड़कर भी देखा जा रहा है, हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
इसके अलावा महाराष्ट्र की राजनीति को ध्यान में रखते हुए श्रीकांत शिंदे को भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर की दोबारा कैबिनेट में वापसी की भी चर्चा है। कुछ रिपोर्टों में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के केंद्र की राजनीति में आने को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं।
दूसरी ओर, ऐसी भी चर्चाएं हैं कि कुछ मौजूदा केंद्रीय मंत्रियों और कई राज्य मंत्रियों को मंत्रिपरिषद से बाहर किया जा सकता है। हालांकि इन सभी दावों पर सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
NEET UG 2026 Answer Key Out: NTA ने जारी की प्रोविजनल आंसर-की, 28 जून तक दर्ज करा सकते हैं आपत्ति
Modi Cabinet Expansion: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच तेज
इस बीच अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों को अदालत में पेश किया। जांच अधिकारियों ने अदालत को बताया कि शुरुआती जांच में आरोपियों के खिलाफ चोरी के पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं।
पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में कई आरोपी कथित रूप से चढ़ावे के पैसे और आभूषण निकालते हुए दिखाई दिए हैं। जांच रिपोर्ट में दान पेटी, कैश काउंटर और नोट गिनने की प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं का भी उल्लेख किया गया है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस मामले में टिन्नू, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश, करुणेश, मनीष यादव, लवकुश मिश्रा, रमा शंकर मिश्र और सुभाष श्रीवास्तव के नाम सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि अब तक सात आरोपियों की निशानदेही पर लगभग 79.84 लाख रुपये की बरामदगी की जा चुकी है। वहीं आठवें आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के पास से कोई नकदी बरामद नहीं हुई है, लेकिन उसे कथित साजिश का हिस्सा बताया गया है।
जांच में सामने आईं कई बड़ी लापरवाहियां
पुलिस जांच के अनुसार, मुख्य आरोपी टिन्नू के पास कैश काउंटर, दान पेटी और नोट गिनने वाले हॉल की चाबियां रहती थीं। आरोप है कि इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर लंबे समय तक गड़बड़ियां की जाती रहीं।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अनुकल्प मिश्रा पर वाउचर प्रक्रिया में अनियमितता करने और अपने बहनोई लवकुश मिश्रा के साथ मिलकर वित्तीय हेराफेरी करने का आरोप है। पुलिस ने लवकुश मिश्रा के घर से करीब 10 लाख रुपये नकद बरामद करने का दावा किया है।
इसके अलावा जांच अधिकारियों ने यह भी पाया कि नोट गिनने वाले कई कर्मचारियों की नियुक्ति सिफारिश के आधार पर हुई थी और ड्यूटी समाप्त होने के बाद उनकी नियमित तलाशी भी नहीं ली जाती थी। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
फिलहाल मोदी कैबिनेट विस्तार और संभावित नए मंत्रियों को लेकर केवल राजनीतिक चर्चाएं और अटकलें चल रही हैं। केंद्र सरकार की ओर से अभी तक मंत्रिपरिषद विस्तार या किसी नए मंत्री के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में अरुण गोविल समेत जिन नेताओं के नाम चर्चा में हैं, उन पर अंतिम फैसला प्रधानमंत्री और भाजपा नेतृत्व की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।













Leave a Reply